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ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए टनकपुर में नहीं है जमीन
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जिले की सबसे बड़ी नगर पालिका में कूड़ा निस्तारण के लिए ट्रंचिंग ग्राउंड नहीं है। शारदा किनारे क्रशर मार्ग किनारे कूड़े का निस्तारण हो रहा है। पिछले ढाई साल से प्रशासन और पालिका ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए जगह की तलाश में जुटी है। टनकपुर में जगह नहीं मिलने के बाद अब बनबसा में वन भूमि पर टनकपुर-बनबसा का संयुक्त ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने की कवायद चल रही है। चयनित वन भूमि हस्तांतरण के लिए प्रस्ताव बनाकर वन विभाग को भेजा गया है जो फिलहाल मंजूर नहीं हुआ है।
घनी आबादी वाले टनकपुर शहर में सफाई व्यवस्था के इंतजाम तो हैं लेकिन कूड़ा निस्तारण की स्थायी व्यवस्था नहीं है। शहर में रोजाना करीब 1.452 मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण होता है। कुछ समय पूर्व तक एनजीटी के मानकों को ताख पर रख शारदा किनारे बैराज मार्ग पर कूड़े का निस्तारण किया जा रहा था।
एनजीटी की सख्ती के बाद अब नगर पालिका ने शारदा से करीब डेढ़ सौ मीटर दूर क्रशर मार्ग पर कूड़े निस्तारण शुरू किया है। नगर पालिका और प्रशासन ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए तीन साल से जगह की तलाश कर रही है। टनकपुर में कहीं जगह नहीं मिलने के बाद अब प्रशासन ने बनबसा में टनकपुर व बनबसा का संयुक्त ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने को वन भूमि तलाशी है। खटीमा रेंज के छीनी कक्ष संख्या 13 अ में 0.08 हेक्टेयर भूमि ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए प्रस्तावित की गई है। संयुक्त सर्वे कर भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव बनाकर वन विभाग को भेजा गया है।
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टनकपुर-बनबसा के संयुक्त ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए बनबसा में वन भूमि तलाशी गई है। भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई चल रही है। ट्रंचिंग ग्राउंड में कूड़े के निस्तारण के लिए अत्याधुनिक उपकरण लगेंगे जिससे जैविक और अजैविक कूड़े का पृथक्करण इस तरह होगा कि आसपास बदबू तो दूर कूड़ा होने का अहसास भी नहीं होगा। विपिन कुमार, नगर पालिका अध्यक्ष, टनकपुर।
भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव भेजा गया है। वन विभाग ने पहुंच मार्ग का अड़ंगा लगाया था। अब प्रस्तावित 0.08 हेक्टयर भूमि में से ही 0.04 हेक्टेयर भूमि में पहुंच मार्ग और 0.76 हेक्टेयर में ट्रंचिंग ग्राउंड का प्रस्ताव भेजा गया है। जीआईएस सेल देहरादून की ओर से बनवाए गए नक्शे में भी ट्रंचिंग ग्राउंड का पहुंच मार्ग नहीं दर्शाया गया था। अब दोबारा नक्शा बनाया जा रहा है। डॉ. डीके शर्मा, प्रभारी ईओ नगर पालिका टनकपुर।
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घनी आबादी वाले टनकपुर शहर में सफाई व्यवस्था के इंतजाम तो हैं लेकिन कूड़ा निस्तारण की स्थायी व्यवस्था नहीं है। शहर में रोजाना करीब 1.452 मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण होता है। कुछ समय पूर्व तक एनजीटी के मानकों को ताख पर रख शारदा किनारे बैराज मार्ग पर कूड़े का निस्तारण किया जा रहा था।
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एनजीटी की सख्ती के बाद अब नगर पालिका ने शारदा से करीब डेढ़ सौ मीटर दूर क्रशर मार्ग पर कूड़े निस्तारण शुरू किया है। नगर पालिका और प्रशासन ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए तीन साल से जगह की तलाश कर रही है। टनकपुर में कहीं जगह नहीं मिलने के बाद अब प्रशासन ने बनबसा में टनकपुर व बनबसा का संयुक्त ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने को वन भूमि तलाशी है। खटीमा रेंज के छीनी कक्ष संख्या 13 अ में 0.08 हेक्टेयर भूमि ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए प्रस्तावित की गई है। संयुक्त सर्वे कर भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव बनाकर वन विभाग को भेजा गया है।
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टनकपुर-बनबसा के संयुक्त ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए बनबसा में वन भूमि तलाशी गई है। भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई चल रही है। ट्रंचिंग ग्राउंड में कूड़े के निस्तारण के लिए अत्याधुनिक उपकरण लगेंगे जिससे जैविक और अजैविक कूड़े का पृथक्करण इस तरह होगा कि आसपास बदबू तो दूर कूड़ा होने का अहसास भी नहीं होगा। विपिन कुमार, नगर पालिका अध्यक्ष, टनकपुर।
भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव भेजा गया है। वन विभाग ने पहुंच मार्ग का अड़ंगा लगाया था। अब प्रस्तावित 0.08 हेक्टयर भूमि में से ही 0.04 हेक्टेयर भूमि में पहुंच मार्ग और 0.76 हेक्टेयर में ट्रंचिंग ग्राउंड का प्रस्ताव भेजा गया है। जीआईएस सेल देहरादून की ओर से बनवाए गए नक्शे में भी ट्रंचिंग ग्राउंड का पहुंच मार्ग नहीं दर्शाया गया था। अब दोबारा नक्शा बनाया जा रहा है। डॉ. डीके शर्मा, प्रभारी ईओ नगर पालिका टनकपुर।