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इंतजार खत्म पढ़ाई शुरू...
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चंपावत। मार्च 2020 के बाद फिर से स्कूल पुराने अंदाज में लौटेंगे। कोरोना महामारी के दौर में साढ़े दस माह तक सन्नाटे में रहने वाले स्कूल-कॉलेज सोमवार से फिर से विद्यार्थियों के उल्लास से चहकेंगे। नवंबर में दसवीं और बारहवीं कक्षाओं का संचालन तो हुआ, लेकिन छठीं से नौंवी और ग्यारहवीं कक्षा वालों के लिए स्कूल बंद थे। स्कूलों को खोले जाने को लेकर सभी तैयारी पूरी कर ली गई है।
सीईओ आरसी पुरोहित ने बताया कि सामाजिक दूरी का अनिवार्य रूप से पालन करने के लिए कमरों की क्षमता और विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से स्कूलों का संचालन किया जाएगा। सभी सरकारी और निजी स्कूलों को सैनिटाइज किया जा चुका है। स्कूलों के संचालन में एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) का अनिवार्य रूप से पालन कराने के लिए निरीक्षण टीमें बनाई गई है। 31 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं वाले चंपावत जिले के सरकारी स्कूलों में 60 प्रतिशत से ज्यादा और निजी स्कूलों में करीब 75 प्रतिशत अभिभावकों ने विद्यालय आने की सहमति दी है।
कोट
कोरोना ने पिछले साल मार्च के अंतिम सप्ताह से घर पर ही रहने को मजबूर किया। स्कूल खुलने से पढ़ाई के साथ खेल और अन्य गतिविधियां फिर से शुरू हो सकेंगी।
मानसी, छात्रा।
कोट
स्कूल खुलने से मैं अति उत्साहित हूं। ऑनलाइन पढ़ाई के बावजूद स्कूल में जो सीखने-समझने को मिलता है, वह इस तरीके से संभव नहीं है।
शुभांगी पांडेय
कोट
साढ़े दस माह बाद इक्का-दुक्का मौकों पर ही स्कूल जाने का मौका मिला है। अब स्कूल से फिर से पढ़ाई का पुराना दौर लौटेगा।
रिया कोहली, छात्रा। (07 सीपीटी 13पी)
कोट
लंबे समय के बाद स्कूल खुलना अच्छा है। कोरोना से बचाव करते हुए स्कूल जाने से खुश हूं। हां पढ़ाई को पटरी पर लाने में कुछ दिन जरूर लगेंगे।
हिमानी, छात्रा।
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सीईओ आरसी पुरोहित ने बताया कि सामाजिक दूरी का अनिवार्य रूप से पालन करने के लिए कमरों की क्षमता और विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से स्कूलों का संचालन किया जाएगा। सभी सरकारी और निजी स्कूलों को सैनिटाइज किया जा चुका है। स्कूलों के संचालन में एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) का अनिवार्य रूप से पालन कराने के लिए निरीक्षण टीमें बनाई गई है। 31 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं वाले चंपावत जिले के सरकारी स्कूलों में 60 प्रतिशत से ज्यादा और निजी स्कूलों में करीब 75 प्रतिशत अभिभावकों ने विद्यालय आने की सहमति दी है।
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कोट
कोरोना ने पिछले साल मार्च के अंतिम सप्ताह से घर पर ही रहने को मजबूर किया। स्कूल खुलने से पढ़ाई के साथ खेल और अन्य गतिविधियां फिर से शुरू हो सकेंगी।
मानसी, छात्रा।
कोट
स्कूल खुलने से मैं अति उत्साहित हूं। ऑनलाइन पढ़ाई के बावजूद स्कूल में जो सीखने-समझने को मिलता है, वह इस तरीके से संभव नहीं है।
शुभांगी पांडेय
कोट
साढ़े दस माह बाद इक्का-दुक्का मौकों पर ही स्कूल जाने का मौका मिला है। अब स्कूल से फिर से पढ़ाई का पुराना दौर लौटेगा।
रिया कोहली, छात्रा। (07 सीपीटी 13पी)
कोट
लंबे समय के बाद स्कूल खुलना अच्छा है। कोरोना से बचाव करते हुए स्कूल जाने से खुश हूं। हां पढ़ाई को पटरी पर लाने में कुछ दिन जरूर लगेंगे।
हिमानी, छात्रा।