{"_id":"65676d4578bb2e13860e0948","slug":"severe-cold-started-due-to-change-in-weather-champawat-news-c-229-1-shld1009-3670-2023-11-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarakhand Weather: कड़ाके की ठंड की चपेट में चंपावत, सात डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ न्यूनतम तापमान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarakhand Weather: कड़ाके की ठंड की चपेट में चंपावत, सात डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ न्यूनतम तापमान
Wed, 29 Nov 2023 10:26 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, चंपावत
अमर उजाला नेटवर्क, चंपावत
Updated Wed, 29 Nov 2023 10:26 PM IST
सार
उत्तराखंड के चंपावत में ठंड से बचने के लिए लोग अलावा का सहारा ले रहे हैं। लोग अपने संसाधनों से आग जलाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं। चंपावत मुख्यालय में बुधवार का अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
विज्ञापन
मौसम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मौसम में एकाएक आए बदलाव से क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। प्रशासन की ओर से अभी तक ठंड से बचने के लिए अलावा के कोई इंतजाम नहीं किए हैं। लोग अपने संसाधनों से आग जलाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं। चंपावत मुख्यालय में बुधवार का अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
विज्ञापन
लोहाघाट में बुधवार को क्षेत्र का अधिकतम तापमान 16 डिग्री और न्यूनतम पांच डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम में सुबह शाम कड़ाके की ठंड पड़ रही है तो वहीं धूप आने पर दिन में काफी गर्मी पड़ रही है। इससे लोग वायरल की चपेट में आ रहे हैं। चिकित्साधीक्षक डॉ. सोनाली मंडल ने बताया कि मौसम में सर्दी, खांसी, बुखार के मरीज अधिक आ रहे हैं। उन्होंने लोगों से ठंड से बचाव करने, उबला पानी पीने, बासी भोजन न करने समय से दवाएं लेने को कहा है।
विज्ञापन
तीसरे दिन धूप खिलने से मिली राहत
लगातार दो दिन तक आसमान में बादल छाए रहने के बाद बुधवार को मौसम साफ रहा। तीसरे दिन धूप खिलने पर लोगों को ठिठुरन से राहत मिली। सोमवार और मंगलवार को दिन भर बादल छाए रहने और जिले की ऊंची चोटियों पर हिमपात से कड़ाके की ठंड पड़ रही थी। मुनस्यारी सहित जिले के अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लोगों को अलाव का सहारा लेना पड़ा था।
विज्ञापन
बुधवार को सुबह आंशिक रूप से बादल नजर आए। इसके बाद दिन भर धूप खिली रही। हालाकि मौसम साफ होने के बाद रात में पाला गिरने की संभावना बढ़ गई है। पाला गिरने से पिथौरागढ़-धारचूला एनएच सहित कई सड़कों पर वाहनों के फिसलने का खतरा बना हुआ है। अभी तक पाला प्रभावित क्षेत्रों में चूना नहीं डाला गया है।