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Champawat News: कैलाश मानसरोवर यात्रियों के दूसरे दल का टनकपुर में हुआ स्वागत

Tue, 08 Jul 2025 10:58 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Tue, 08 Jul 2025 10:58 PM IST
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Second group of Kailash Mansarovar pilgrims welcomed in Tanakpur
टनकपुर के टीआरसी में कैलाश मानसरोवर यात्रियों का दूसरा। संवाद
टनकपुर(चंपावत)। कैलाश मानसरोवर यात्रियों के दूसरे दल के 48 सदस्यों का टीआरसी में फूल मालाओं से स्वागत किया गया। दल में पूर्व विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी समेत विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत सनातनी शामिल हैं। इस बीच हर-हर महादेव के जयकारों से टीआरसी परिसर गूंज उठा। मां पूर्णागिरि पर्यावरण संरक्षण समिति के नन्हे मुन्ने कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुति से मन मोहा। दल रात में रुककर बुधवार सुबह धारचूला को रवाना होगा।
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मंगलवार को पहुंचे दूसरे दल में अहमदाबाद (गुजरात) के बुजुर्ग 70 वर्षीय हर्षवर्धन हरिप्रसाद मेहता, पंजाब के गुरदासपुर के 69 वर्षीय रोमेश कुमार भी खासे उत्साहित नजर आए। इस दल के अधिकांश यात्री पहली बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा कर रहे हैं। जयपुर की युवा ज्वैलरी डिजाइनर सुरभि और सरकारी सेवा में कार्यरत राखी ने बताया कि वह 10 साल से दोस्त हैं। उन्होंने इस बार योजना बनाई और आ गए। सुरभि ने बताया कि उनके पिता और मां भी 2015 में कैलाश मानसरोवर यात्रा कर चुके हैं। मां पूर्णागिरि पर्यावरण संरक्षण समिति की अध्यक्ष दीपा देवी के नेतृत्व में टीम ने दल का स्वागत किया। टीआरसी के मैनेजर मनोज कुमार ने बताया कि झिंगोरा की खीर, रायता आदि देवभूमि के व्यंजन तैयार किए गए हैं।
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इनसेट- 1
बचपन से थी यात्रा करने की इच्छा, आज पूरी हुई मुराद : लेखी
टनकपुर (चंपावत)। दूसरे दल में शामिल पूर्व विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने बताया कि उनकी बचपन से ही कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने की इच्छा थी। आज वह पूरी हो रही है। उनको देवभूमि से लगाव है और उनका परिवार भी 1947 में पश्चिमी पाकिस्तान से सब कुछ छोड़कर भारत आया तो ऊधमसिंह नगर के रुद्रपुर, गदरपुर, हल्द्वानी क्षेत्र में जंगल साफ कर जमीन बनाई। बाद में वह से दिल्ली आ गए। आज भी उनकी बुआ और अन्य रिश्तेदार यहां रहते हैं। उनका देवभूमि से जुड़ाव है। अब कैलाश मानसरोवर यात्रा के बाद चार धाम यात्रा करेंगी। संवाद
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इनसेट-2
मानसरोवर यात्रा पर जाने से उत्साहित है मुंबई का दंपती
टनकपुर)। कैलाश यात्रियों के दूसरे दल में मुंबई के चिकित्सक डाॅ. कौशिक असर और उनकी पत्नी दीप्ति भी उत्साहित नजर आए। उन्होंने बताया कि उनका तो देवभूमि से ऐसा लगाव है कि दो बार चार धाम आ चुके हैं। पहली बार 1992 में आए तो तब केदारनाथ, बद्रीनाथ के दर्शन के बाद भूस्खलन होने से यमनोत्री, गंगोत्री नहीं जा पाए थे। इसके बाद जून 2024 में दोनों चार धाम को निकले और केदारनाथ, बद्रीनाथ के बाद गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन किए। वह अमरनाथ भी जा चुके हैं।

इनसेट-3
गुजरात, कर्नाटक के अधिक यात्री
टनकपुर। दूसरे दल में कुल 48 यात्रियों में 34 पुरुष, 14 महिलाएं हैं। इसमें आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु के तीन-तीन, झारखंड और आसाम के एक- एक, गुजरात और कर्नाटक के छह- छह, मध्य प्रदेश, पंजाब, तेलंगाना के दो-दो, राजस्थान, दिल्ली के पांच-पांच, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल चार-चार यात्री शामिल हैं। दल के एलओ अमित कुमार दास हैं।
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