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मिर्तोली में घरों में पसरा रहा सन्नाटा

Mon, 28 Jan 2019 11:38 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन गिरीश सिंह बिष्ट   चंपावत।
गिरीश सिंह बिष्ट   चंपावत। Published by: बृजमोहन बृजमोहन Updated Mon, 28 Jan 2019 11:38 PM IST
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sadness in Mirtoli village
पिकअप दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को सांत्वना देने के लिए उमड़ी लोगों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला

च्यूरानी हादसे के दूसरे दिन सोमवार को भी मिर्तोली गांव में सन्नाटा पसरा रहा। दुखों के पहाड़ में डूबे इस गांव के युवा और अधेड़ उम्र के लोग रविवार से ही अस्पताल और पोस्टमार्टम हाउस में जमे हैं। सोमवार को गांव की महिलाओं के भी बाराकोट पहुंचने से गांव खाली हो गया। गांव में बस कुछ इक्का-दुक्का छोटे बच्चे और कुछ बुजुर्ग ही दिखाई दिए। हादसे के बाद से गांव में अब तक न तो कोई चूल्हा जला है और न हीं गायों को गौशाला से बाहर निकाला जा सका है।  

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च्यूरानी गांव के करीब 31 परिवारों में ज्यादातर आपस में रिश्तेदार हैं। आठ परिवारों में किसी ने बेटा, तो किसी ने पिता और किसी ने भाई को खोया। गांव के लोग रविवार दिन के बाद से ही बाराकोट, लोहाघाट और चंपावत अस्पताल में डटे रहे। लक्ष्मण चंद्र, मोहन चंद्र, कल्याण सिंह, कुंवर सिंह, नारायण सिंह, गोविंदी देवी, विमला देवी, हिमा देवी, हीरा देवी, बसंती देवी जैसे लोगों की जुबां से तो शब्द ही नहीं फूट रहे थे।
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दुर्घटना से स्तब्ध लोगों के हावभाव उनके दुख को दर्शा रहे थे। ग्राम प्रधान लक्ष्मी दत्त जोशी का कहना है कि ऐसा लगता है कि गांव को किसी की नजर लग गई। हादसे के बाद से पूरा गांव बदहवास है। गम ने गांव की भूख और नींद दोनों छीन ली हैै। सोमवार सुबह से गांव की महिलाएं और बच्चें भी अपनों के अंतिम दर्शन के लिए गांव छोड़ बाराकोट पहुंचे।  
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रामेश्वर घाट पर एक साथ जली नौ लोगों की चिताएं  
लोहाघाट (चंपावत)। च्यूरानी हादसे में जवान बेटे की मौत का सदमा सहन न कर पाने से मिर्तोली गांव के हेमचंद्र ने भी दम तोड़ दिया। सोमवार को हादसे में मारे गए आठ लोगों के साथ ही हेमचंद्र का भी रामेश्वर घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ एक ही गांव के नौ लोगों की चिताओं को जलते देख हर व्यक्ति स्तब्ध था। 

सोमवार को बाराकोट में पोस्टमार्टम होने के बाद सभी छह शव और मिर्तोली गांव से तीन शवों को रामेश्वर घाट अंतिम संस्कार के लिए लाया गया। यहां मृतक खिलानंद के पुत्र प्रकाश चंद्र, नवीन चंद्र, मृतक कृष्ण चंद्र जोशी के पुत्र हरीश चंद्र, गिरीश चंद्र, मृतक प्रकाश सिंह के पुत्र अर्जुन सिंह, जगत सिंह, मृतक तारा दत्त जोशी के पिता 72 वर्षीय नारायण दत्त जोशी, मृतक त्रिलोक सिंह के भाई मनोज सिंह, मृतक के चचेरे भाई जगदीश चंद, मृतक सुरेश चंद के पुत्र पवन चंद, पुनई के मृतक दिलीप सिंह के भाई गोविंद सिंह ने चिता को मुखाग्नि दी।

अंतिम संस्कार में ग्राम प्रधान लक्ष्मी दत्त जोशी, बाराकोट के राजू अधिकारी, उप प्रधान नारायण सिंह, वार्ड सदस्य जगदीश चंद, शेर सिंह बिष्ट, शोबन सिंह भंडारी, त्रिलोक चंद्र जोशी, राम दत्त जोशी, पूरन सिंह, मोहन चंद्र सहित बड़ी संख्या लोग शामिल हुए।

पूर्व सांसद महेंद्र सिंह माहरा ने रामेश्वर घाट जाकर मृतकों के परिजनों को ढाढ़स बंधाया।   

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