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बारहमासी सड़क के वैकल्पिक मार्ग बनाएं जाएंगे आंतरिक मार्ग
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टनकपुर से घाट तक निर्माणाधीन बारहमासी सड़क पर निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। वहीं मार्ग पर स्वांला के समीप सौ मीटर से अधिक लंबाई की पहाड़ी के कटान के कारण मार्ग बार-बार बाधित हो रहा है।
इस कारण जिला प्रशासन ने बारहमासी सड़क के वैकल्पिक मार्ग के रूप में कई अन्य आंतरिक सड़कों के विस्तार का निर्णय लिया है। डीएम एसएन पांडेय ने इस संबंध में जिला आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ को संभावित वैकल्पिक मार्गों का विवरण जुटाने के निर्देश दिए हैं। बारहमासी सड़क के अलावा चंपावत-देवीधुरा-हल्द्वानी मार्ग पर भी आंतरिक सड़कों के माध्यम से वैकल्पिक मार्ग तैयार किए जाएंगे।
बारहमासी सड़क पर स्वांला के समीप पहाड़ी कटिंग के कारण दिसंबर में 10 दिनों तक सभी वाहनों का और 20 दिनों तक बड़ेे वाहनों का संचालन बंद रहने से चंपावत और पिथौरागढ़ जिले का कारोबार प्रभावित होने लगा था। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि स्वांला में धौन-दियूरी-बेलखेत सड़क को वैकल्पिक मार्ग बनाने के साथ ही सिप्टी-मटेला-छतकोट सड़क को अमोड़ी से मिलाया जाएगा।
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इसके अलावा लेटी-रियांसी सड़क का मिलान भी टनकपुर-जौलजीबी सड़क में किया जाएगा। इसके बाद कभी भी बारहमासी सड़क के बंद होने पर इन वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सिमलखेत, रीठासाहिब आदि स्थानों पर भी आंतरिक मार्गों का विस्तार किया जाना प्रस्तावित है।
बारहमासी सड़क का निर्माण कार्य तेजी से पूरा हो सके, इसके लिए आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ को आंतरिक मोटर मार्गों को बारहमासी सड़क के वैकल्पिक मार्ग के रूप में प्रयुक्त करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद जल्द मोटर मार्गों का विस्तार किया जाएगा। एसएन पांडेय, जिलाधिकारी चंपावत
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इस कारण जिला प्रशासन ने बारहमासी सड़क के वैकल्पिक मार्ग के रूप में कई अन्य आंतरिक सड़कों के विस्तार का निर्णय लिया है। डीएम एसएन पांडेय ने इस संबंध में जिला आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ को संभावित वैकल्पिक मार्गों का विवरण जुटाने के निर्देश दिए हैं। बारहमासी सड़क के अलावा चंपावत-देवीधुरा-हल्द्वानी मार्ग पर भी आंतरिक सड़कों के माध्यम से वैकल्पिक मार्ग तैयार किए जाएंगे।
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बारहमासी सड़क पर स्वांला के समीप पहाड़ी कटिंग के कारण दिसंबर में 10 दिनों तक सभी वाहनों का और 20 दिनों तक बड़ेे वाहनों का संचालन बंद रहने से चंपावत और पिथौरागढ़ जिले का कारोबार प्रभावित होने लगा था। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि स्वांला में धौन-दियूरी-बेलखेत सड़क को वैकल्पिक मार्ग बनाने के साथ ही सिप्टी-मटेला-छतकोट सड़क को अमोड़ी से मिलाया जाएगा।
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इसके अलावा लेटी-रियांसी सड़क का मिलान भी टनकपुर-जौलजीबी सड़क में किया जाएगा। इसके बाद कभी भी बारहमासी सड़क के बंद होने पर इन वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सिमलखेत, रीठासाहिब आदि स्थानों पर भी आंतरिक मार्गों का विस्तार किया जाना प्रस्तावित है।
बारहमासी सड़क का निर्माण कार्य तेजी से पूरा हो सके, इसके लिए आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ को आंतरिक मोटर मार्गों को बारहमासी सड़क के वैकल्पिक मार्ग के रूप में प्रयुक्त करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद जल्द मोटर मार्गों का विस्तार किया जाएगा। एसएन पांडेय, जिलाधिकारी चंपावत