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अभियान:आदर्श जीआईसी बाराकोट

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 22 Dec 2019 10:42 PM IST
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Readers decreased due to lack of teachers here
आदर्श जीआईसी बाराकोट भवन। - फोटो : LOHAGHAT
लोहाघाट (चंपावत)। बाराकोट ब्लॉक के आदर्श जीआईसी में न पढ़ाने के लिए पर्याप्त प्रवक्ता हैं और नहीं छात्रों के लिए फर्नीचर। इस आदर्श कॉलेज में प्रवक्ताओं की भारी कमी पढ़ाई पर इस कदर असर डाल रही है कि यहां पढ़ने वालों की संख्या लगातार कम हो रही है। पिछले चार साल में यहां 44 छात्र कम हो गए हैं।
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ब्लॉक के सबसे बड़े जीआईसी में नौ में से केवल 4 प्रवक्ता हैं। हिंदी, अंग्रेजी, गणित, रसायन विज्ञान और अर्थशास्त्र जैसे महत्वपूर्ण विषयों के पद लंबे समय से खाली हैं। वहीं एलटी में सात में से एक पद खाली है। शिक्षकों की कमी का असर पढ़ाई से लेकर छात्रों के प्रवेश तक में पड़ रहा है। नतीजा यह हो रहा है कि छात्रों की संख्या में निरंतर गिरावट आ रही है। 2015 में यहां छात्र संख्या 208 थी। वर्तमान में यह घटकर 164 रह गई है।
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लेकिन कॉलेज में पढ़ रहे इतने छात्रों के लिए भी कुर्सियां उपलब्ध नहीं है। 54 छात्र जमीन पर बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। शिक्षक ही नहीं, कनिष्ठ सहायक और दफ्तरी की कुर्सी भी दो साल से रिक्त है। इधर मुख्य शिक्षाधिकारी आरसी पुरोहित का कहना है कि प्रवक्ताओं के रिक्त पदों पर तैनाती से लेकर अन्य संसाधनों की कमी की भरपाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
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कोट
प्रवक्ताओं की लंबे समय से कमी से इंटर की कक्षाओं की पढ़ाई पर असर पड़ा है। रिक्त पदों को भरने के लिए लगातार उच्चाधिकारियों से आग्रह किया जाता रहा है।
कपिल देव राम, प्रधानाचार्य जीआईसी बाराकोट।
ब्लॉक मुख्यालय का सबसे बड़ा और आदर्श विद्यालय घोषित इस जीआईसी की दुर्दशा से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। शिक्षकों के रिक्त पदों पर तैनाती को लेकर ब्लॉक से जिला मुख्यालय तक कई बार आवाज उठाई जा चुकी है।

राजू अधिकारी, ग्राम प्रधान।
बाराकोट ब्लॉक के जीआईसी में सुविधाओं की कमी का सबसे ज्यादा असर छात्राओं पर पड़ रहा है। शिक्षकों की कमी की वजह से लड़कियां स्कूल छोड़ने को भी मजबूर हो रही हैं।
उमा देवी।
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