{"_id":"643ee33037fd1a31000be844","slug":"positive-news-their-are-clashes-between-leaders-champawat-news-c-8-1-115964-2023-04-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Champawat News: बागेश्वर कांग्रेस में कुछ रार, कुछ तकरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Champawat News: बागेश्वर कांग्रेस में कुछ रार, कुछ तकरार
Wed, 19 Apr 2023 12:06 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Wed, 19 Apr 2023 12:06 AM IST
विज्ञापन
सुनीता टम्टा
- फोटो : सुनीता टम्टा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागेश्वर। बागेश्वर में महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष के मनोनयन के बाद बगावत के सुर सुनाई दे रहे हैं। उपेक्षा की बात कहकर कई सक्रिय महिला नेताओं ने संगठन के कार्यक्रमों से दूरी बना ली है।
31 मार्च को महिला कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व ने महिला कांग्रेस के जिलाध्यक्षों के साथ ही प्रदेश कार्यकारिणी का विस्तार किया था। बागेश्वर जिले में जिला पंचायत सदस्य गोपा धपोला को महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष बनाया गया। महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष पद पर ताजपोशी के बाद सुनीता टम्टा के साथ ही पूर्व पालिकाध्यक्ष वर्तमान प्रदेश महामंत्री गीता रावल ने कांग्रेस के कार्यक्रमों से कन्नी काट ली। गीता रावल हाल में यूथ कांग्रेस के एक कार्यक्रम में अवश्य शामिल हुईं, लेकिन उनकी तल्खी बरकरार है।
सुनीता टम्टा 31 मार्च के बाद से कांग्रेस के किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुईं प्रमुख नेत्रियों की कांग्रेस के कार्यक्रमों से दूरी पर कांग्रेस के भीतर और बाहर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों की मानें तो उन्हें मनाने का दौर भी शुरू हो गया है। पदों से वंचित नेत्रियों को संगठन में पद देने की बातें कही जा रही हैं।
विज्ञापन
कार्यकारी जिलाध्यक्ष की ताजपोशी पर भी उभरे थे विरोध के स्वर
बागेश्वर। इससे पहले कांग्रेस के मुख्य संगठन में नाराजगी सामने आई थी। करीब 10 महीने पहले भगवत सिंह डसीला को कांग्रेस का कार्यकारी जिलाध्यक्ष बनाया गया था। तब कांग्रेस जिलाध्यक्ष लोकमणि पाठक की नाराजगी खुलकर सामने आई थी। उन्होंने कांग्रेस के कार्यक्रमों से कन्नी काटनी शुरू कर दी थी। उत्तरायणी मेले के दौरान 15 मार्च को हुई कांग्रेस की राजनीतिक सभा के दौरान भी वरिष्ठ नेता लोकमणि पाठक की नाराजगी पर नेता मंच से सफाई देते रहे। सल्ट के पूर्व विधायक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणजीत रावत ने मंच से कहा था कि लोकमणि पाठक पार्टी के भीष्म पितामह हैं। उनका सम्मान बरकरार रखा जाएगा। उन्हें प्रदेश कमेटी में पद भी दिया गया। हाल के इक्कादुक्का कार्यक्रमों में लोकमणि पाठक मौजूद दिखे, लेकिन उनकी पहले जैसी सक्रियता अब भी नहीं दिखाई दे रही है। मार्च में भगवत सिंह डसीला कांग्रेस के पूर्णकालिक जिलाध्यक्ष बन गए। लंबा समय बीतने के बाद भी कांग्रेस जिला कार्यकारिणी का विस्तार नहीं हुआ है।
कार्यकारिणी के विस्तार से पहले मैंने प्रदेश नेतृत्व के सामने सभी सक्रिय महिला कार्यकर्ताओं को महत्व देने की बात रखी थी। यह भी कहा था कि सब पद मुझे ही मत देना। पुराने और जो सक्रिय रहते हैं, उन कार्यकर्ताओं को सम्मान मिलना चाहिए था, ऐसा नहीं हुआ। कोई भी कदम कांग्रेस की मजबूती के लिए उठना चाहिए, मनमर्जी नहीं होनी चाहिए। जहां तक मेरी बात मुझे किसी पद का लालच नहीं है।
-गीता रावल, पूर्व पालिकाध्यक्ष/प्रदेश महामंत्री महिला कांग्रेस
मुझे किसी की ताजपोशी से कोई नाराजगी नहीं है। पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए हमेशा तन, मन धन से सहयोग किया। सक्रिय महिला कार्यकर्ताओं की अनदेखी हो रही है। यह पार्टी के भविष्य के लिए सही नहीं है। इंदिरा जोशी, कमला जोशी, लक्ष्मी धर्मशत्तू जिले में कांग्रेस के मजबूत स्तंभ हैं। इन्हें पार्टी में महत्व मिलना चाहिए था। पोस्टर, बैनर चिपकाने तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए।
-सुनीता टम्टा, पूर्व कनिष्ठ प्रमुख/पूर्व जिलाध्यक्ष महिला सेवादल
गीता रावल, सुनीता टम्टा और अन्य पार्टी की सम्मानित और वरिष्ठ नेता हैं। इन्हें सम्मान मिलना चाहिए। इस संबंध में प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा से बात की जाएगी। सभी सक्रिय महिला नेत्रियों को पार्टी में उचित सम्मान दिलाया जाएगा। इनकी नाराजगी दूर की जाएगी।
-महेंद्र सिंह लुंठी, जिला प्रभारी कांग्रेस
विज्ञापन
31 मार्च को महिला कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व ने महिला कांग्रेस के जिलाध्यक्षों के साथ ही प्रदेश कार्यकारिणी का विस्तार किया था। बागेश्वर जिले में जिला पंचायत सदस्य गोपा धपोला को महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष बनाया गया। महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष पद पर ताजपोशी के बाद सुनीता टम्टा के साथ ही पूर्व पालिकाध्यक्ष वर्तमान प्रदेश महामंत्री गीता रावल ने कांग्रेस के कार्यक्रमों से कन्नी काट ली। गीता रावल हाल में यूथ कांग्रेस के एक कार्यक्रम में अवश्य शामिल हुईं, लेकिन उनकी तल्खी बरकरार है।
विज्ञापन
सुनीता टम्टा 31 मार्च के बाद से कांग्रेस के किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुईं प्रमुख नेत्रियों की कांग्रेस के कार्यक्रमों से दूरी पर कांग्रेस के भीतर और बाहर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों की मानें तो उन्हें मनाने का दौर भी शुरू हो गया है। पदों से वंचित नेत्रियों को संगठन में पद देने की बातें कही जा रही हैं।
विज्ञापन
कार्यकारी जिलाध्यक्ष की ताजपोशी पर भी उभरे थे विरोध के स्वर
बागेश्वर। इससे पहले कांग्रेस के मुख्य संगठन में नाराजगी सामने आई थी। करीब 10 महीने पहले भगवत सिंह डसीला को कांग्रेस का कार्यकारी जिलाध्यक्ष बनाया गया था। तब कांग्रेस जिलाध्यक्ष लोकमणि पाठक की नाराजगी खुलकर सामने आई थी। उन्होंने कांग्रेस के कार्यक्रमों से कन्नी काटनी शुरू कर दी थी। उत्तरायणी मेले के दौरान 15 मार्च को हुई कांग्रेस की राजनीतिक सभा के दौरान भी वरिष्ठ नेता लोकमणि पाठक की नाराजगी पर नेता मंच से सफाई देते रहे। सल्ट के पूर्व विधायक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणजीत रावत ने मंच से कहा था कि लोकमणि पाठक पार्टी के भीष्म पितामह हैं। उनका सम्मान बरकरार रखा जाएगा। उन्हें प्रदेश कमेटी में पद भी दिया गया। हाल के इक्कादुक्का कार्यक्रमों में लोकमणि पाठक मौजूद दिखे, लेकिन उनकी पहले जैसी सक्रियता अब भी नहीं दिखाई दे रही है। मार्च में भगवत सिंह डसीला कांग्रेस के पूर्णकालिक जिलाध्यक्ष बन गए। लंबा समय बीतने के बाद भी कांग्रेस जिला कार्यकारिणी का विस्तार नहीं हुआ है।
कार्यकारिणी के विस्तार से पहले मैंने प्रदेश नेतृत्व के सामने सभी सक्रिय महिला कार्यकर्ताओं को महत्व देने की बात रखी थी। यह भी कहा था कि सब पद मुझे ही मत देना। पुराने और जो सक्रिय रहते हैं, उन कार्यकर्ताओं को सम्मान मिलना चाहिए था, ऐसा नहीं हुआ। कोई भी कदम कांग्रेस की मजबूती के लिए उठना चाहिए, मनमर्जी नहीं होनी चाहिए। जहां तक मेरी बात मुझे किसी पद का लालच नहीं है।
-गीता रावल, पूर्व पालिकाध्यक्ष/प्रदेश महामंत्री महिला कांग्रेस
मुझे किसी की ताजपोशी से कोई नाराजगी नहीं है। पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए हमेशा तन, मन धन से सहयोग किया। सक्रिय महिला कार्यकर्ताओं की अनदेखी हो रही है। यह पार्टी के भविष्य के लिए सही नहीं है। इंदिरा जोशी, कमला जोशी, लक्ष्मी धर्मशत्तू जिले में कांग्रेस के मजबूत स्तंभ हैं। इन्हें पार्टी में महत्व मिलना चाहिए था। पोस्टर, बैनर चिपकाने तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए।
-सुनीता टम्टा, पूर्व कनिष्ठ प्रमुख/पूर्व जिलाध्यक्ष महिला सेवादल
गीता रावल, सुनीता टम्टा और अन्य पार्टी की सम्मानित और वरिष्ठ नेता हैं। इन्हें सम्मान मिलना चाहिए। इस संबंध में प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा से बात की जाएगी। सभी सक्रिय महिला नेत्रियों को पार्टी में उचित सम्मान दिलाया जाएगा। इनकी नाराजगी दूर की जाएगी।
-महेंद्र सिंह लुंठी, जिला प्रभारी कांग्रेस