फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Positive news - Students increased in

Champawat News: शिक्षक राजेंद्र की मेहनत से फिर आबाद हुआ राप्रावि दुगौड़ा

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 18 Apr 2023 11:56 PM IST
विज्ञापन
Positive news - Students increased in
बंद होने की कगार पर पहुंचे विद्यालय की छात्र संख्या एक से बढ़कर हुई 20
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
रानीखेत (अल्मोड़ा)। इच्छाशक्ति हो तो कोई भी कार्य असंभव नहीं। यह कर दिखाया राजकीय प्राथमिक विद्यालय दुगौड़ा के शिक्षक राजेंद्र पाठक ने। उन्होंने कई सुविधाओं के अभाव के चलते बंद होने की कगार पर पहुंचे विद्यालय को न सिर्फ संचालित किया, बल्कि विद्यालय की छात्र संख्या भी एक से बढ़ाकर 20 तक कर दी। उन्होंने जनता में सरकारी स्कूलों के प्रति नया विश्वास जगाया। इसका परिणाम यह हुआ कि शिक्षकों के अभाव में बच्चों को निजी विद्यालयों में दाखिला दिलवा चुके अभिभावकों ने दोबारा से बच्चों को फिर से सरकारी विद्यालय में प्रवेश दिला दिया।
राप्रावि दुगौड़ा में कभी तीन-तीन अध्यापक कार्यरत थे लेकिन धीरे-धीरे शिक्षक कम होते गए। पढ़ाई प्रभावित होने के कारण अभिभावकों ने एक-एक कर बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में दाखिला दिलाना शुरू कर दिया। जिस कारण विद्यालय की छात्रसंख्या एक पर जा पहुंची। विद्यालय पर बंदी की तलवार लटक गई। ऐसे में विद्यालय को मिले शिक्षक राजेंद्र पाठक। उनके सम्मुख चुनौतियां अपार थी लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। राजेंद बताते हैं कि एकमात्र बच्चे को गुणवत्तायुक्त शिक्षा देनी शुरू कर दी और बच्चे की प्रतिभा को भी निखारा। यह देखते हुए अभिभावकों का विश्वास इस स्कूल पर बढ़ने लगा। अभिभावकों ने बच्चों को इस सत्र से निजी विद्यालयों से हटाकर सरकारी विद्यालय में दाखिला दिला दिया। राजेंद्र की मेहनत के बूते आज विद्यालय में 20 बच्चे अध्ययनरत हैं। मजे की बात यह है कि राजेंद्र अपनी 10 साल की सेवा में सात साल एकल अध्यापक के रूप में कार्यरत रहे लेकिन उन्होंने एकल अध्यापक का दुखड़ा कभी नहीं रोया। प्राथमिक शिक्षक संघ ताड़ीखेत के अध्यक्ष हरीश फुलोरिया ने शिक्षक राजेंद्र पाठक के प्रयासों का सराहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को राजेंद्र के समर्पण से सीख लेनी चाहिए।
विज्ञापन


कोट
शिक्षक राजेंद्र पाठक ने पूरे विकासखंड के लिए एक नजीर पेश की है। उनके प्रयासों से ही विद्यालय फिर से आबाद हुआ है। ऐसे ही अन्य शिक्षकों को भी समर्पण के भाव से कार्य करना चाहिए। जिससे लोगों का सरकारी विद्यालयों के प्रति विश्वास बढ़े और छात्र संख्या में वृद्धि हो। -एसएस चौहान, बीईओ, ताड़ीखेत ब्लाक।
विज्ञापन
विज्ञापन

फोटो: 18 आरकेटी 02पी: शिक्षक राजेंद्र पाठक।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed