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पवनदीप के गीतों पर देर रात तक थिरकते रहे लोग
अमर उजाला ब्यूरो, लोहाघाट (चंपावत)।
Updated Wed, 04 Oct 2017 10:43 PM IST
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दशहरा महोत्सव के समापन पर पवनदीप को स्मृति चिन्ह देती मुख्य अतिथि।
- फोटो : अमर उजाला
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श्रीराम सेवा सांस्कृतिक रामलीला कमेटी की पहल पर रामलीला मैदान में आयोजित दशहरा महोत्सव के अंतिम दिन वॉयस ऑफ इंडिया के विजेता पवनदीप राजन ने अपनी जादुई आवाज से सभी को अपना दीवाना बना दिया। देर रात तक चली सांस्कृतिक संध्या में दर्शक पवन के गीतों पर झूमते रहे।
मंगलवार की रात कमेटी के अध्यक्ष जीवन मेहता की अध्यक्षता और नरेश राय के संचालन में जिला पंचायत सदस्य सुषमा फर्त्याल ने सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने विधायक पूरन सिंह फर्त्याल की ओर पवन को रामायण की पुस्तक भेंट की। कार्यक्रम में पवनदीप राजन और उनकी माता का रामलीला कमेटी द्वारा शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। पवनदीप ने कुमाऊंनी गीत प्यारी जन्म भूमि मेरो पहाड़ गीत गाकर पहाड़ की माटी से अपने लगाव को प्रदर्शित किया।
उन्होंने तेरी काली अंखियों से जिंद मेरी जागे, तू न जाने आसपास है खुदा, सुन ले दगड़िया बात सुन जा बात, हमको पीनी है, पीनी है पीनी है, दमादम मस्त कलंदर, अच्छा चलता हूं दुआओं में याद रखना, मेरे रश्के कमर तूने पहली नजर, जब नजर से पिलाई मजा आ गया आदि हिंदी और कुमांऊनी गीत प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। पवन के गीतों पर अपने स्थानों में थिरकते रहे। भीड़ का आलम यह था कि रामलीला मैदान में तिल रखने तक की जगह नहीं बची थी। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए थानाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह बृजवाल समेत काफी पुलिस बल तैनात था।
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सैल्फी लेने की मची होड़
लोहाघाट (चंपावत)। पवनदीप के मंच में आने के साथ ही लोगों में उनके साथ सैल्फी लेने की खूब होड़ मची रही। बच्चे से लेकर हर उम्र के लोग पवन की एक झलक पाने को बेताब दिखे। जैसे ही मंच में एक व्यक्ति द्वारा पवन के साथ सैल्फी ली। उसके बाद सैल्फी लेने की होड़ शुरू हो गई। लोग पवन के साथ सैल्फी लेने के लिए देर रात तक पवन के कार्यक्रम समाप्त होने का इंतजार करते रहे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद पवन के साथ सैल्फी लेने के लिए पूरे मंच में लोग जमा हो गए।
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मंगलवार की रात कमेटी के अध्यक्ष जीवन मेहता की अध्यक्षता और नरेश राय के संचालन में जिला पंचायत सदस्य सुषमा फर्त्याल ने सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने विधायक पूरन सिंह फर्त्याल की ओर पवन को रामायण की पुस्तक भेंट की। कार्यक्रम में पवनदीप राजन और उनकी माता का रामलीला कमेटी द्वारा शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। पवनदीप ने कुमाऊंनी गीत प्यारी जन्म भूमि मेरो पहाड़ गीत गाकर पहाड़ की माटी से अपने लगाव को प्रदर्शित किया।
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उन्होंने तेरी काली अंखियों से जिंद मेरी जागे, तू न जाने आसपास है खुदा, सुन ले दगड़िया बात सुन जा बात, हमको पीनी है, पीनी है पीनी है, दमादम मस्त कलंदर, अच्छा चलता हूं दुआओं में याद रखना, मेरे रश्के कमर तूने पहली नजर, जब नजर से पिलाई मजा आ गया आदि हिंदी और कुमांऊनी गीत प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। पवन के गीतों पर अपने स्थानों में थिरकते रहे। भीड़ का आलम यह था कि रामलीला मैदान में तिल रखने तक की जगह नहीं बची थी। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए थानाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह बृजवाल समेत काफी पुलिस बल तैनात था।
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सैल्फी लेने की मची होड़
लोहाघाट (चंपावत)। पवनदीप के मंच में आने के साथ ही लोगों में उनके साथ सैल्फी लेने की खूब होड़ मची रही। बच्चे से लेकर हर उम्र के लोग पवन की एक झलक पाने को बेताब दिखे। जैसे ही मंच में एक व्यक्ति द्वारा पवन के साथ सैल्फी ली। उसके बाद सैल्फी लेने की होड़ शुरू हो गई। लोग पवन के साथ सैल्फी लेने के लिए देर रात तक पवन के कार्यक्रम समाप्त होने का इंतजार करते रहे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद पवन के साथ सैल्फी लेने के लिए पूरे मंच में लोग जमा हो गए।