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Champawat News: सूखीढांग-धूरा से अब रीठासहिब रह जाएगा मात्र 85 किमी
Mon, 06 May 2024 10:49 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Mon, 06 May 2024 10:49 PM IST
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सूखीढांग-धूरा के बीच हाॅटमिक्स सड़क निर्माण का कार्य। संवाद
टनकपुर (चंपावत)। टनकपुर से चंपावत जिले के प्रसिद्ध गुरुद्वारा रीठा साहिब तक पहुंचना अब और आसान हो जाएगा। टनकपुर से वाया सूखीढांग-धूरा-डांडा होकर रीठा साहिब की दूरी मात्र 85 किमी हो जाएगी। अब तक वाया लोहाघाट यहां की दूरी 166 किमी है। लोनिवि एई लक्ष्मण सिंह सामंत ने बताया कि 21 मई जोड़ मेला तक मार्ग के शेष 10 किमी हिस्से में डामरीकरण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
बता दें कि सिखों के प्रमुख धार्मिक स्थल रीठासाहिब में प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में संगत देश के विभिन्न हिस्सों से आती है। अब तक रीठासाहिब जाने के लिए टनकपुर से बाया चंपावत, लोहाघाट होकर ही मार्ग पक्का है। यह दूरी करीब 166 किमी है। लोनिवि एई सामंत ने बताया कि रीठा साहिब जाने के लिए अब एक और पक्का मार्ग सूखीढांग से वाया धूरा-डांडा तैयार हो जाएगा। इस मार्ग में रीठा साहिब से डांडा तक सड़क डामरयुक्त है। मार्ग में दस किमी मार्ग का डामरीकरण किया जाना है। जोड़ मेले तक इसमें डामरीकरण हो जाएगा।
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बता दें कि सिखों के प्रमुख धार्मिक स्थल रीठासाहिब में प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में संगत देश के विभिन्न हिस्सों से आती है। अब तक रीठासाहिब जाने के लिए टनकपुर से बाया चंपावत, लोहाघाट होकर ही मार्ग पक्का है। यह दूरी करीब 166 किमी है। लोनिवि एई सामंत ने बताया कि रीठा साहिब जाने के लिए अब एक और पक्का मार्ग सूखीढांग से वाया धूरा-डांडा तैयार हो जाएगा। इस मार्ग में रीठा साहिब से डांडा तक सड़क डामरयुक्त है। मार्ग में दस किमी मार्ग का डामरीकरण किया जाना है। जोड़ मेले तक इसमें डामरीकरण हो जाएगा।
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