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मुख्यमंत्री धाम से मिले पूर्णागिरि धाम के पुजारी, ट्रस्ट न बनाने का किया आग्रह
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ट्रस्ट के विरोध में ज्ञापन सौंपते मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष ?
- फोटो : TANAKPUR
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टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम के पुजारी ट्रस्ट बनाने की कार्यवाही का विरोध कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने सोमवार को अमोड़ी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
उन्होंने मुख्यमंत्री से ट्रस्ट की कवायद रोकने के साथ ही ट्रस्ट न बनाने और धाम में सुविधाएं विकसित करवाने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने फिलहाल ट्रस्ट न बनाने का भरोसा दिलाया है।
लंबे समय से उठ रही मां पूर्णागिरि धाम को ट्रस्ट बनाने की मांग पर शासन-प्रशासन स्तर पर पूर्णागिरि धाम को ट्रस्ट बनाने की कार्रवाई चल रही है। इसका पुजारी कड़ा विरोध कर रहे हैं।
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सोमवार को मुख्यमंत्री अमोड़ी आए तो पूर्णागिरि मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष किशन तिवारी के नेतृत्व में पूर्णागिरि के पुजारियों का शिष्टमंडल भी उनसे मिलने अमोड़ी पहुंच गया। उन्होंने मुख्यमंत्री को ट्रस्ट के विरोध में ज्ञापन सौंपा।
बताया कि देश में धार्मिक स्थलों पर सरकारी नियंत्रण का विरोध हो रहा है, लेकिन राज्य सरकार पूर्णागिरि को ट्रस्ट बनाने की कार्यवाही कर रही है जबकि करीब पांच सौ पुजारी परिवारों की आजीविका धाम पर निर्भर है और ट्रस्ट बनने से उनकी आजीविका छीन जाएगी।
उन्होंने ट्रस्ट के बजाय सुविधाएं बढ़ाने का आग्रह किया। ट्रस्ट बनाने पर आंदोलन की चेतावनी दी। मंदिर समिति पूर्व अध्यक्ष किशन तिवारी के मुताबिक मुख्यमंत्री धामी ने ट्रस्ट न बनाने और धाम में सुविधाएं विकसित करने का भरोसा दिया है।
शिष्टमंडल में चंपावत के पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष प्रकाश तिवारी, मंदिर समिति उपाध्यक्ष नीरज पांडेय, सुरेश तिवारी, भीम दत्त पांडेय, पूरन चंद्र तिवारी, मोहन पांडेय, दुर्गागिरि तिवारी, पूरन पांडेय आदि थे।
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उन्होंने मुख्यमंत्री से ट्रस्ट की कवायद रोकने के साथ ही ट्रस्ट न बनाने और धाम में सुविधाएं विकसित करवाने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने फिलहाल ट्रस्ट न बनाने का भरोसा दिलाया है।
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लंबे समय से उठ रही मां पूर्णागिरि धाम को ट्रस्ट बनाने की मांग पर शासन-प्रशासन स्तर पर पूर्णागिरि धाम को ट्रस्ट बनाने की कार्रवाई चल रही है। इसका पुजारी कड़ा विरोध कर रहे हैं।
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सोमवार को मुख्यमंत्री अमोड़ी आए तो पूर्णागिरि मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष किशन तिवारी के नेतृत्व में पूर्णागिरि के पुजारियों का शिष्टमंडल भी उनसे मिलने अमोड़ी पहुंच गया। उन्होंने मुख्यमंत्री को ट्रस्ट के विरोध में ज्ञापन सौंपा।
बताया कि देश में धार्मिक स्थलों पर सरकारी नियंत्रण का विरोध हो रहा है, लेकिन राज्य सरकार पूर्णागिरि को ट्रस्ट बनाने की कार्यवाही कर रही है जबकि करीब पांच सौ पुजारी परिवारों की आजीविका धाम पर निर्भर है और ट्रस्ट बनने से उनकी आजीविका छीन जाएगी।
उन्होंने ट्रस्ट के बजाय सुविधाएं बढ़ाने का आग्रह किया। ट्रस्ट बनाने पर आंदोलन की चेतावनी दी। मंदिर समिति पूर्व अध्यक्ष किशन तिवारी के मुताबिक मुख्यमंत्री धामी ने ट्रस्ट न बनाने और धाम में सुविधाएं विकसित करने का भरोसा दिया है।
शिष्टमंडल में चंपावत के पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष प्रकाश तिवारी, मंदिर समिति उपाध्यक्ष नीरज पांडेय, सुरेश तिवारी, भीम दत्त पांडेय, पूरन चंद्र तिवारी, मोहन पांडेय, दुर्गागिरि तिवारी, पूरन पांडेय आदि थे।