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बेलचा दिखाकर यात्रियों को उतारा और रोडवेज बस को भगा ले गया
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बनबसा में सड़क किनारे खड़े ट्रक में रोडवेज बस ने मारी टक्कर। संवाद
- फोटो : TANAKPUR
टनकपुर/बनबसा (चंपावत)। टनकपुर बस स्टेशन पर बृहस्पतिवार को कच्छा-बनियान पहना एक व्यक्ति बेलचा लेकर हल्द्वानी जाने वाली बस दाखिल हुआ और यात्रियों, चालक और परिचालक को डराकर नीचे उतार दिया। इसके बाद खुद बस हाईवे पर दौड़ा दी। कमलपथ के पास राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे महाराणा प्रताप गेट पर पहुंचने पर बस ने पहले कार फिर ट्रक को टक्कर मार दी। हादसे में बस चालक और ट्रक में सवार चार मजदूर घायल हो गए। बताया जा रहा है कि बस को भगाने वाला रोडवेज का ही संविदा चालक था और एक महीने से चिकित्सा अवकाश पर चल रहा था।
रोडवेज के सहायक महाप्रबंधक केएस राणा ने बताया कि टनकपुर से सात किमी दूर छीनीगोठ निवासी चालक मोहन कलोनी (34) बृहस्पतिवार सुबह 11:45 बजे स्कूटी चला रहे एक व्यक्ति के साथ बेलचा लेकर रोडवेज स्टेशन पहुंचा। इसके बाद वह बस यूके 07/ पीए 2982 में चढ़ गया। वह चालक की सीट पर पहुंचा तो बस में बैठे पांच मुसाफिर, चालक सुरेश राणा और परिचालक पूरन सिंह उतर गए। उसने बस स्टार्ट की और भगा ले गया। इसकी जानकारी चालक-परिचालक ने पुलिस को दी। आठ किमी दूर महराणा गेट पर बेकाबू बस को दिख विपरीत दिशा से आ रहे कार सवार शिक्षक ने किसी तरह खुद को बचाया। इसके बाद बेकाबू बस कुछ फासले पर खड़े ट्रक से टकरा गई। हादसे की जानकारी के बाद महाराणा गेट पर भीड़ इकट्ठा हो गई। टक्कर से बस और ट्रक के परखच्चे उड़ गए। ट्रक में बैठे मजदूर टनकपुर टैक्सी स्टैंड निवासी किशन कुमार (28), मोती राम (19), कृष्ण कुमार (24) और पीलीभीत निवासी मोहन स्वरूप (19) घायल हो गए। उन्हें टनकपुर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। सीएमएस डॉ. घनश्याम तिवारी और डॉ. हेमंत कुमार ने बताया कि चारों मजदूर खतरे से बाहर है। चालक मोहन कलोनी को हल्द्वानी रेफर कर दिया गया है। एजीएम का कहना है कि चालक मोहन कलोनी को नौकरी से हटाया जाएगा।
रोडवेज प्रशासन की ओर से अभी तहरीर नहीं मिली है। अगर निगम तहरीर नहीं देगा तो पुलिस मामले की भयावहता को देखते हुए खुद मुकदमा दर्ज कराएगा। - देवेंद्र पींचा, एसपी, चंपावत।
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एक बस हादसे ने खड़े किए कई सवाल
टनकपुर/बनबसा (चंपावत)। बृहस्पतिवार को रोडवेज स्टेशन से बस को उड़ा ले जाने की घटना से बड़ी जनक्षति बच गई, लेकिन इस वारदात ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवहन निगम की सुरक्षा और चौकसी की पोल खुल गई। महज दो सप्ताह बाद 19 मार्च से मां पूर्णागिरि धाम में तीन माह का मेला शुरू होगा। इस मेले में हजारों तीर्थयात्रियों की आवाजाही से यातायात व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव रहता है।
निगम प्रशासन का दावा है कि पूरी घटना सीसीटीवी में कैद है। इसकी फुटेज निकाल घटना की तह तक जाएंगे लेकिन 12 बजे हुई वारदात की फुटेज की पड़ताल में ज्यादा समय लगना लापरवाही को दर्शाता है। हल्द्वानी बस पर ड्यूटी देने वाले चालक और परिचालक का दावा है कि उन्होंने बस को भगा ले जाने की पुलिस को जानकारी दी थी। दरोगा सुरेंद्र कोरंगा ने भी इसकी तस्दीक की है लेकिन पुलिस की ओर से इस बस को रोकने के लिए कोई प्रभावी उपाय नहीं किए गए। बस तभी रुकी, जब वह ट्रक से भिड़ गई। राष्ट्रीय राजमार्ग के आठ किलोमीटर के इस हिस्से में शुरुआती तीन किलोमीटर भीड़भाड़ वाला था। गनीमत यह रही कि बस की चपेट में आने से बच जाने से रास्ते में बड़ा हादसा नहीं हुआ।
मजदूरों से लेकर आया था बेलचा
टनकपुर/बनबसा (चंपावत)। छीनीगोठ निवासी चालक मोहन कलोनी परिवार से झगड़ कर आया था। कच्छा-बनियान पहन घर से निकला इस चालक ने आमबाग में निर्माण कार्य में लगे मजदूरों से बेलचा छीना। इसे लहलहा कर वह आगे बढ़ा और फिर पीलीभीत चुंगी से पहले स्कूटी चला रहे शख्स को बेलचा दिखा रुकवा लिया। इससे सवार हो यह चालक सीधे बस स्टेशन पर पहुंचा गया।
पारिवारिक सूत्रों का कहना है कि पिछले डेढ़ महीने से तबियत ठीक नहीं थी। परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां हैं। ड्यूटी में न जाने की वजह से वह मजदूरी कर परिवार का पेट पाल रहा था। एजीएम केएस राणा ने बताया कि यह चालक बरेली रूट चलता था, लेकिन एक माह से तबियत ठीक नहीं होने के कारण छुट्टी पर था।
पुलिस की जीप से अस्पताल पहुंचे घायल
टनकपुर/बनबसा (चंपावत)। आपात चिकित्सा 108 सेवा की एंबुलेंस के व्यस्त होने से मौके पर पहुंचने में देरी हुई। वहीं इस बीच घटनास्थल पर पहुंची पुलिस की जीप और दूसरे वाहनों से पांचों घायलों को टनकपुर अस्पताल ले जाया गया।
चंपावत से छह साल पहले कैंटर को ले उड़ा था एक मनोरोगी चालक
टनकपुर/बनबसा (चंपावत)। ऐसी ही घटना छह साल पहले चंपावत में भी हुई थी। बस अंतर यह था तब मनोरोगी चालक ने एक कैंटर को उड़ाया था। पुलिस की मदद से वह कैंटर गंगोलीहाट के पास से बरामद हुआ था। चालक ने कैंटर को एक पहाड़ी से टकरा दिया था। अलबत्ता तब कोई जन क्षति नहीं हुई थी।
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रोडवेज के सहायक महाप्रबंधक केएस राणा ने बताया कि टनकपुर से सात किमी दूर छीनीगोठ निवासी चालक मोहन कलोनी (34) बृहस्पतिवार सुबह 11:45 बजे स्कूटी चला रहे एक व्यक्ति के साथ बेलचा लेकर रोडवेज स्टेशन पहुंचा। इसके बाद वह बस यूके 07/ पीए 2982 में चढ़ गया। वह चालक की सीट पर पहुंचा तो बस में बैठे पांच मुसाफिर, चालक सुरेश राणा और परिचालक पूरन सिंह उतर गए। उसने बस स्टार्ट की और भगा ले गया। इसकी जानकारी चालक-परिचालक ने पुलिस को दी। आठ किमी दूर महराणा गेट पर बेकाबू बस को दिख विपरीत दिशा से आ रहे कार सवार शिक्षक ने किसी तरह खुद को बचाया। इसके बाद बेकाबू बस कुछ फासले पर खड़े ट्रक से टकरा गई। हादसे की जानकारी के बाद महाराणा गेट पर भीड़ इकट्ठा हो गई। टक्कर से बस और ट्रक के परखच्चे उड़ गए। ट्रक में बैठे मजदूर टनकपुर टैक्सी स्टैंड निवासी किशन कुमार (28), मोती राम (19), कृष्ण कुमार (24) और पीलीभीत निवासी मोहन स्वरूप (19) घायल हो गए। उन्हें टनकपुर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। सीएमएस डॉ. घनश्याम तिवारी और डॉ. हेमंत कुमार ने बताया कि चारों मजदूर खतरे से बाहर है। चालक मोहन कलोनी को हल्द्वानी रेफर कर दिया गया है। एजीएम का कहना है कि चालक मोहन कलोनी को नौकरी से हटाया जाएगा।
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रोडवेज प्रशासन की ओर से अभी तहरीर नहीं मिली है। अगर निगम तहरीर नहीं देगा तो पुलिस मामले की भयावहता को देखते हुए खुद मुकदमा दर्ज कराएगा। - देवेंद्र पींचा, एसपी, चंपावत।
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एक बस हादसे ने खड़े किए कई सवाल
टनकपुर/बनबसा (चंपावत)। बृहस्पतिवार को रोडवेज स्टेशन से बस को उड़ा ले जाने की घटना से बड़ी जनक्षति बच गई, लेकिन इस वारदात ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवहन निगम की सुरक्षा और चौकसी की पोल खुल गई। महज दो सप्ताह बाद 19 मार्च से मां पूर्णागिरि धाम में तीन माह का मेला शुरू होगा। इस मेले में हजारों तीर्थयात्रियों की आवाजाही से यातायात व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव रहता है।
निगम प्रशासन का दावा है कि पूरी घटना सीसीटीवी में कैद है। इसकी फुटेज निकाल घटना की तह तक जाएंगे लेकिन 12 बजे हुई वारदात की फुटेज की पड़ताल में ज्यादा समय लगना लापरवाही को दर्शाता है। हल्द्वानी बस पर ड्यूटी देने वाले चालक और परिचालक का दावा है कि उन्होंने बस को भगा ले जाने की पुलिस को जानकारी दी थी। दरोगा सुरेंद्र कोरंगा ने भी इसकी तस्दीक की है लेकिन पुलिस की ओर से इस बस को रोकने के लिए कोई प्रभावी उपाय नहीं किए गए। बस तभी रुकी, जब वह ट्रक से भिड़ गई। राष्ट्रीय राजमार्ग के आठ किलोमीटर के इस हिस्से में शुरुआती तीन किलोमीटर भीड़भाड़ वाला था। गनीमत यह रही कि बस की चपेट में आने से बच जाने से रास्ते में बड़ा हादसा नहीं हुआ।
मजदूरों से लेकर आया था बेलचा
टनकपुर/बनबसा (चंपावत)। छीनीगोठ निवासी चालक मोहन कलोनी परिवार से झगड़ कर आया था। कच्छा-बनियान पहन घर से निकला इस चालक ने आमबाग में निर्माण कार्य में लगे मजदूरों से बेलचा छीना। इसे लहलहा कर वह आगे बढ़ा और फिर पीलीभीत चुंगी से पहले स्कूटी चला रहे शख्स को बेलचा दिखा रुकवा लिया। इससे सवार हो यह चालक सीधे बस स्टेशन पर पहुंचा गया।
पारिवारिक सूत्रों का कहना है कि पिछले डेढ़ महीने से तबियत ठीक नहीं थी। परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां हैं। ड्यूटी में न जाने की वजह से वह मजदूरी कर परिवार का पेट पाल रहा था। एजीएम केएस राणा ने बताया कि यह चालक बरेली रूट चलता था, लेकिन एक माह से तबियत ठीक नहीं होने के कारण छुट्टी पर था।
पुलिस की जीप से अस्पताल पहुंचे घायल
टनकपुर/बनबसा (चंपावत)। आपात चिकित्सा 108 सेवा की एंबुलेंस के व्यस्त होने से मौके पर पहुंचने में देरी हुई। वहीं इस बीच घटनास्थल पर पहुंची पुलिस की जीप और दूसरे वाहनों से पांचों घायलों को टनकपुर अस्पताल ले जाया गया।
चंपावत से छह साल पहले कैंटर को ले उड़ा था एक मनोरोगी चालक
टनकपुर/बनबसा (चंपावत)। ऐसी ही घटना छह साल पहले चंपावत में भी हुई थी। बस अंतर यह था तब मनोरोगी चालक ने एक कैंटर को उड़ाया था। पुलिस की मदद से वह कैंटर गंगोलीहाट के पास से बरामद हुआ था। चालक ने कैंटर को एक पहाड़ी से टकरा दिया था। अलबत्ता तब कोई जन क्षति नहीं हुई थी।