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नेपाल प्रशासन नहीं ले रहा भारतीय वाहनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी

Sat, 03 Oct 2015 10:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बनबसा
ब्यूरो/अमर उजाला, बनबसा Updated Sat, 03 Oct 2015 10:23 PM IST
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Maintaining the ban on Nepal

नेपाल प्रशासन से सुरक्षा का आश्वासन नहीं मिलने से भारतीय वाहनों के नेपाल जाने पर लगी रोक छठे दिन भी बरकरार रही। अलबत्ता नेपाली वाहन और नेपाली नागरिकों का सीमा पर आवागमन पूर्ववत जारी है। भारत से आम जरूरत की वस्तुएं नेपाल भेजी जा रही हैं। भारतीय सीमा तक यात्री वाहनों का संचालन सुचारु है।

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नेपाल के एकीकृत माओवादी छात्र संगठन द्वारा भारतीय वाहनों को आग लगाने की धमकी के चलते सुरक्षा के तहत प्रशासन ने भारतीय वाहनों के नेपाल जाने पर रोक लगा रखी है, किंतु नेपाली यात्रियों को सीमा तक छोड़ने के लिए मैजिक, ई-रिक्शा और तांगों को पिलर संख्या-7 तक जाने दिया जा रहा है। नेपाल के एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक शनिवार को काठमांडू में चल रही सर्वदलीय बैठक के निर्णय के बाद ही समस्या का हल निकलने की संभावना है। कस्टम अधीक्षक पीयूष पांडेय ने बताया कि भारत से नेपाल को होने वाला वैधानिक व्यापार जारी है। गैर प्रतिबंधित वस्तुओं की खेप सीमा पर पहुंच रहे नेपाली वाहनों से नेपाल पहुंचाई जा रही है।
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आमतौर पर सब्जियां और फल बहुतायत में नेपाल जा रहे हैं। नेपाल से कोई वस्तु भारत नहीं आने से क्वारनटाइन विभाग की आय चरमरा गई है। कम संख्या में नेपाली नागरिकों के भारत का रुख करने से बनबसा बाजार का कारोबार प्रभावित हुआ है। रोडवेज को प्रतिदिन तीन से साढ़े तीन लाख का नुकसान हो रहा है। बता दें कि इस सीमा से सीमावर्ती कंचनपुर जिला मुख्यालय महेंद्रनगर को प्रत्येक जरूरत की वस्तुओं की खेप पूर्ववत पहुंच रही है।

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