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पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाए जालसाज
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चंपावत। फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से डंपर चलाने के मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी पुलिस जालसाजों को गिरफ्तार करने में अब तक नाकाम साबित हुई है। अब पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल नंबर सर्विलांस से जोड़ दिए हैं।
शारदा नदी में करीब डेढ़ माह पूर्व फर्जी डंपरों का खुलासा हुआ था। वन विकास निगम ने हरियाणा से लाए गए 14 ऐसे डंपर पकड़े थे जो टनकपुर एआरटीओ कार्यालय के फर्जी दस्तावेजों से चलाए जा रहे थे। डीएम रणवीर सिंह चौहान के आदेश पर एसडीएम दयानंद सरस्वती और सीओ नरेश चंद को इसकी जांच सौंपी गई थी। दोनों अफसरों की संयुक्त जांच में ये बात स्पष्ट हो गई थी कि इन लोगों ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकार को करोड़ों के राजस्व का चूना लगाया है।
एआरटीओ रश्मि भट्ट की तहरीर पर बीते रविवार को टनकपुर पुलिस ने कुलदीप सिंह पाटनी, भुवन सिंह महर, कुंदन सिंह, राजेंद्र सिंह, सूर्य प्रकाश, मोहित गड़कोटी, बसंत कुमार, राजेंद्र कुमार गौतम और चेतराम गड़कोटी के खिलाफ आईपीसी की संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर लिया था।
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उसके बाद पुलिस ने जालसाजों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश शुरू कर दी थी। करीब तीन दिन बीतने के बाद भी पुलिस एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
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शारदा नदी में करीब डेढ़ माह पूर्व फर्जी डंपरों का खुलासा हुआ था। वन विकास निगम ने हरियाणा से लाए गए 14 ऐसे डंपर पकड़े थे जो टनकपुर एआरटीओ कार्यालय के फर्जी दस्तावेजों से चलाए जा रहे थे। डीएम रणवीर सिंह चौहान के आदेश पर एसडीएम दयानंद सरस्वती और सीओ नरेश चंद को इसकी जांच सौंपी गई थी। दोनों अफसरों की संयुक्त जांच में ये बात स्पष्ट हो गई थी कि इन लोगों ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकार को करोड़ों के राजस्व का चूना लगाया है।
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एआरटीओ रश्मि भट्ट की तहरीर पर बीते रविवार को टनकपुर पुलिस ने कुलदीप सिंह पाटनी, भुवन सिंह महर, कुंदन सिंह, राजेंद्र सिंह, सूर्य प्रकाश, मोहित गड़कोटी, बसंत कुमार, राजेंद्र कुमार गौतम और चेतराम गड़कोटी के खिलाफ आईपीसी की संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर लिया था।
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उसके बाद पुलिस ने जालसाजों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश शुरू कर दी थी। करीब तीन दिन बीतने के बाद भी पुलिस एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।