{"_id":"59f0d0744f1c1b6d548b8f24","slug":"191508954228-champawat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी सर्टिफिकेट मामले में आरोपी को तीन वर्ष कैद की सजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
फर्जी सर्टिफिकेट मामले में आरोपी को तीन वर्ष कैद की सजा
Updated Wed, 25 Oct 2017 11:27 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चंपावत। जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रेम सिंह खिमाल ने वर्ष 2009 में फर्जी प्रमाण पत्र के माध्यम से सेना में भर्ती होने के आरोपी को तीन वर्ष कठोर कैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा आरोपी पर अलग-अलग धाराओं में दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड का भुगतान न किए जाने पर छह माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भी सुनाई।
प्राप्त घटना विवरण के अनुसार आफिसिएटिंग डायरेक्टर रिक्रूटिंग यूपी एंड यूके के मेजर कवीश कपूर की ओर से 22 जून 2009 को चंपावत कोतवाली पुलिस को दी गई तहरीर में कहा था कि 21 अक्तूबर 2008 से 24 अक्तूबर 2008 तक वाराणसी में चली सेना भर्ती रैली में राम सिंह निवासी गलाती धारचूला ने सेना की कॉमन प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की थी। लेकिन माध्यमिक शिक्षा परिषद कार्यालय की ओर से हाइस्कूल परीक्षा का प्रमाण पत्र फर्जी बताया गया।
मेजर कपूर की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने 22 जून 2009 को ही आरोपी राम सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 468 और 471 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। मामले की सुनवाई करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अभियुक्त को धारा 420 के तहत तीन वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 468 में तीन वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना, धारा 471 के तहत एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अभियुक्त की ओर से जेल में बिताई गई अवधि सजा में जुड़ेगी और सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी एसके खर्कवाल ने पैरवी की।
विज्ञापन
प्राप्त घटना विवरण के अनुसार आफिसिएटिंग डायरेक्टर रिक्रूटिंग यूपी एंड यूके के मेजर कवीश कपूर की ओर से 22 जून 2009 को चंपावत कोतवाली पुलिस को दी गई तहरीर में कहा था कि 21 अक्तूबर 2008 से 24 अक्तूबर 2008 तक वाराणसी में चली सेना भर्ती रैली में राम सिंह निवासी गलाती धारचूला ने सेना की कॉमन प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की थी। लेकिन माध्यमिक शिक्षा परिषद कार्यालय की ओर से हाइस्कूल परीक्षा का प्रमाण पत्र फर्जी बताया गया।
विज्ञापन
मेजर कपूर की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने 22 जून 2009 को ही आरोपी राम सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 468 और 471 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। मामले की सुनवाई करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अभियुक्त को धारा 420 के तहत तीन वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 468 में तीन वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना, धारा 471 के तहत एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अभियुक्त की ओर से जेल में बिताई गई अवधि सजा में जुड़ेगी और सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी एसके खर्कवाल ने पैरवी की।
विज्ञापन