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डंपर प्रकरण के आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से दूर
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चंपावत। डंपर जालसाजी प्रकरण में फरार चल रहे जालसाजों की संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
टनकपुर की शारदा नदी में करीब डेढ़ माह पूर्व फर्जी दस्तावेजों से चल रहे नौ वाहन स्वामियों के 14 डंपर पकड़े थे।
डीएम रणवीर सिंह चौहान ने इस मामले की जांच एसडीएम दयानंद सरस्वती और पुलिस क्षेत्राधिकारी नरेश चंद को सौंपी थी। संयुक्त जांच में इस बात की पुष्टि हो गई थी कि जालसाजों ने एआरटीओ दफ्तर के फर्जी दस्तावेज और फर्जी मुहर के सहारे डंपरों की पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) और परमिट तैयार किए थे। जांच रिपोर्ट के आधार पर 12 मई को एआरटीओ रश्मि भट्ट ने कुलदीप सिंह पाटनी, भुवन महर, राजेंद्र सिंह, कुंदन सिंह, सूर्य प्रकाश, मोहित गड़कोटी, बसंत कुमार, चेतराम और राजेंद्र कुमार के खिलाफ गैर जमानती धाराओं में मामला दर्ज किया था। आरोपी अभी तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े हैं। सीओ नरेश चंद ने बताया कि संपत्ति कुर्की की कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है।
एआरटीओ रश्मि भट्ट का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
एक ने गवर्नर, दूसरे ने डीएम को लिखा पत्र
चंपावत। डंपर प्रकरण में आरोपी बनाए गए नौ वाहन स्वामियों में से एक चेतराम ने राज्यपाल और सूर्यप्रकाश ने डीमए को ज्ञापन भेजा है। चेतराम का दावा है कि डंपर (यूके 04/बी 4640) का हल्द्वानी में पंजीकरण कराया गया और इसके बाद पंजीकरण टनकपुर स्थानांतरित किया गया। वे नार्को टेस्ट के लिए तैयार हैं। सूर्य प्रकाश (वाहन संख्या यूए 03/5135) का कहना है कि वाहन चंपावत से खरीदा गया है और जो भी प्रपत्र बनाए गए हैं, वह टनकपुर एआरटीओ कार्यालय से बनाए गए हैं।
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