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चम्पावत

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Digital Edition

मारपीट में एक के खिलाफ मुकदमा दर्ज

बनबसा (चंपावत)। क्षेत्र में कबाड़ का काम करने वाले दो कारोबारी आपस में लड़ गए। दोनों के बीच हुई मारपीट में एक कारोबारी गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल की तहरीर पर पुलिस ने उसका मेडिकल करा मारपीट के आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया।

मंगलवार देर शाम कबाड़ का काम करने वाला बनबसा वार्ड संख्या सात (मीना बाजार) निवासी सलीम बाबू ने पुलिस को दी तहरीर में लिखा है कि कबाड़ का काम करने वाले मो. हनीफ निवासी इस्लाम नगर, खटीमा हाल निवासी मीना बाजार बनबसा ने मारपीट कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। थानाध्यक्ष जसवीर सिंह चौहान ने बताया कि कबाड़ के काम को लेकर दोनों भिड़ गए।

मो. हनीफ ने सलीम के साथ मारपीट कर उसे घायल कर दिया। सलीम का मेडिकल कराने पर उसके एक हाथ में फ्रैक्चर निकला है। उन्होंने बताया कि मारपीट करने वाले मो. हनीफ पर आईपीसी की धारा 325 के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय भेज दिया गया जहां उसे जमानत पर छोड़ दिया गया है।
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मासूम से दुष्कर्म करने वाले पिता को दस साल सश्रम कारावास-कोर्डिनेशन

मासूम से दुष्कर्म में पिता को दस साल कैद
दो साल पहले नशे में धुत होकर बेटी के साथ किया दुष्कर्म
चंपावत। विशेष एवं सत्र न्यायाधीश आशीष नैथानी ने बुधवार को मासूम से दुष्कर्म के मामले में पिता को दस साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अभियुक्त पर सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
पाटी ब्लॉक के गांव में झोपड़ी में रहकर मजदूरी करने वाले अभियुक्त ने 22 अक्तूबर 2017 को नशे में धुत होकर बेटी के साथ दुष्कर्म किया था। विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी। अभियुक्त ने घटना को अंजाम देने के बाद पत्नी से भी मारपीट की थी। 28 अक्तूबर को मां बच्ची को लेकर निर्भया सेल और महिला हेल्प लाइन पहुंची थी। मेडिकल परीक्षण के बाद पाटी थाने में अभियुक्त के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया था। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) विद्याधर जोशी ने पैरवी की। ब्यूरो
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पूर्व फौजी को पीटने वाले आरोपियों पर मुकदमा दर्ज


चंपावत। कोतवाली पुलिस ने पूर्व फौजी को पीटने के आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। 20 जून की रात शक्तिपुर बुंगा पुलिस लाइन निवासी पूर्व फौजी नारायण सिंह और उसके पुत्र अर्जुन सिंह डिंगडई धामीसौन अपने रिश्तेदार के यहां शादी में गए थे।
जहां उनकी ग्राम हरौड़ी धामीसौन निवासी संजय सिंह और श्याम सिंह से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गयी। आरोप है कि दोनों ने पूर्व फौजी और उसके पुत्र की जमकर धुनाई कर दी। इस संबंध में पीड़ित नारायण सिंह द्वारा कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया। जिसमें पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 504, 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया है। कोतवाल धीरेंद्र कुमार ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। अभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। ब्यूरो
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उत्तराखंड: शराब के नशे में नाबालिग बेटी की आबरू लूटता रहा दरिंदा पिता, घर से भागी बड़ी बहन ने खोला राज

बाप-बेटी के रिश्ते को एक और कलयुगी पिता ने शर्मसार किया है। नेपाल मूल का यह कलयुगी पिता शराब के नशे में 13 साल की नाबालिग बेटी की आबरू लूटता रहा। राज खुला तो स्वयंसेवी संस्था रीड्स ने पिता के खिलाफ दुष्कर्म और पॉस्को एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच के साथ ही दरिंदे पिता की गिरफ्तारी के प्रयास में जुट गई है।

कुछ समय पूर्व घर छोड़कर चली गई थी आरोपी की पत्नी 
नेपाल मूल का निवासी आरोपी पचपकरिया में बटाई में खेती करता है। शराब के नशे में पति की हरकतों के तंग होकर कुछ समय पूर्व उसकी पत्नी 15 व 13 साल की बेटियों व 10 साल के बेटे को छोड़ कर घर से कहीं चली गई। दोनों बेटियां और बेटा पिता के साथ रहते हैं।

पुनर्वास केंद्र में हुई पूछताछ में खोला पिता का राज
बताया गया कि गत 26 सितंबर को उसकी बड़ी बेटी घर से भाग गई थी, जिसे पुलिस ने खोजकर रीड्स संस्था के उज्वला पुनर्वास केंद्र के सुपुर्द किया था। बताया गया कि पुनर्वास केंद्र में हुई पूछताछ में उसने पिता की दरिंदगी का राज खोला तो संस्था के कार्यकर्ता दंग रह गए।

उत्तराखंड: ऋषिकेश में कलयुगी बाप बना हैवान, बेटी से किया दुष्कर्म, बच्ची की उम्र महज चार साल

आईपीसी की धारा 376, 323, 504, 506 व 3/4, 5/6 पॉस्को एक्ट के तहत केस दर्ज
 
संस्था के को-आर्डिनेटर जनक चंद के मुताबिक दरिंदा पिता शराब के नशे में तीनों बच्चों के साथ न सिर्फ मारपीट करता है, बल्कि 13 साल की छोटी बेटी की आबरू भी लूटता रहा। पिता की दरिंदगी पता चलने पर संस्था की ओर से आरोपी पिता के खिलाफ थाने में आईपीसी की धारा 376, 323, 504, 506 व 3/4, 5/6 पॉस्को एक्ट के तहत केस दर्ज कराया गया है। थानाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह जगवाण ने बताया कि मामले की जांच शुरू करने के साथ ही आरोपी पिता की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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सांकेतिक फोटो सांकेतिक फोटो

Uttarakhand Scholarship Scam: देवभूमि विद्यापीठ छात्रवृत्ति घोटाले में दो बैंक कर्मी गिरफ्तार

उत्तराखंड के चंपावत में बनबसा के देवभूमि विद्यापीठ में हुए 39.52 लाख रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में एसआईटी (विशेष जांच दल) ने बुधवार की रात एक बैंक प्रबंधक सहित दो बैंक कर्मियों गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों अधिकारियों पर एटीएम के सत्यापन में गड़बड़ी कर घोटाले के लिए जमीन तैयार करने का आरोप है। एसपी लोकेश्वर सिंह ने बताया कि दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद लोहाघाट जेल भेजा गया है। घोटाले के आरोप में 15 दिसंबर 2019 को सहायक समाज कल्याण अधिकारी सहित सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।  

एसआईटी प्रभारी और चंपावत के कोतवाल धीरेंद्र कुमार ने बताया कि बैंक ऑफ बड़ौदा की बनबसा शाखा में सेवारत रहे दोनों बैंक कर्मियों से बुधवार को पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा की बिष्टी सितारगंज शाखा प्रबंधक विशाल सिंह निवासी आदर्शनगर जिला लखीमपुर खीरी, यूपी और विकास भवन रुद्रपुर शाखा के बैंक कर्मी मोहन सिंह निवासी राजीव नगर, खटीमा, को धांधली में लिप्तता के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। 

सहायक समाज कल्याण अधिकारी सहित सात पर दर्ज हुआ था मुकदमा 
देवभूमि विद्यापीठ नाम की संस्था पर 2015-16 में 221 एससी और 140 एसटी छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति के नाम पर 39.52 लाख रुपये के फर्जीवाड़े का आरोप है। पुलिस जांच में इस बात की तस्दीक हुई थी कि समाज कल्याण विभाग से मिली ये रकम छात्र-छात्राओं तक नहीं पहुंची। बनबसा थाने में 15 दिसंबर 2019 को विद्यापीठ के चार संचालक चैरब जैन, अनिल गोयल, विवेक शर्मा और गौरव जैन (निवासी हरिद्वार), खटीमा क्षेत्र के मुकेश कुमार, प्रदीप कुमार और चंपावत के सहायक समाज कल्याण अधिकारी गोपाल सिंह राणा के खिलाफ आईपीसी की धारा 409, 420, 466, 467, 468, 471 और 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इनमें चैरब जैन, अनिल गोयल और विवेक शर्मा को कोर्ट से अग्रिम जमानत मिली हुई है। एक आरोपी संचालक गौरव जैन पहले से किसी अन्य मामले में हरिद्वार जेल में है, जबकि एडीओ सहित तीन लोग जेल में हैं। 

छात्र-छात्राओं के नाम पर जारी एटीएम का बैंक में कोई रिकॉर्ड नहीं 
बनबसा के देवभूमि विद्यापीठ घोटाले में बैंक ने एटीएम से संबंधित सामान्य नियमों की भी अनदेखी की है। बैंक ऑफ बड़ौदा की बनबसा शाखा में चार साल पहले तैनात आरोपी दोनों कर्मियों की भूमिका संदेह के घेरे में रही है। एसपी लोकेश्वर सिंह ने बताया कि छात्र-छात्राओं के नाम पर बनाए गए एटीएम कार्ड न तो विद्यार्थियों को दिए गए और नहीं उनका कोई ब्योरा बैंक शाखा में रखा गया। 

बैंक से किसी उपभोक्ता को एटीएम जारी करने में दो अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका रहती है। लेकिन इस मामले में कार्ड बनाने वाला और कार्ड को जारी करने वाला अधिकारी एक ही था। बैंक की ओर से 361 छात्र-छात्राओं के एटीएम बनाए गए, लेकिन उसने ये एटीएम छात्र-छात्राओं को देने के बजाय विद्यापीठ के संचालकों को दे दिए गए।  इसी एटीएम से बैंक संचालकों ने धन आहरित कर घोटाले को अंजाम दिया।
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बनबसा का कारोबारी नेपाल पुलिस की गिरफ्त में, बैंक से पांच करोड़ हैक करने का आरोप

नेपाल में एक वर्ष पूर्व कृषि विकास बैंक से पांच करोड़ रुपये हैक करने के मामले में पुलिस ने बनबसा के एक कारोबारी को भी गिरफ्तार किया है। हैकरों ने बनबसा के इस व्यापारी का नाम भी मामले में लिया था। कुछ अन्य भारतीयों पर भी नेपाल पुलिस की नजर है।  

नेपाल कस्टम में ट्रांसपोर्ट के जरिये सामान भिजवाने नेपाल कस्टम पहुंचे बनबसा के इस कारोबारी को महेंद्रनगर स्थित जिला प्रहरी कार्यालय पुलिस ने चार दिन पहले पकड़ा था। पिछले वर्ष नेपाल के कृषि विकास बैंक से नागरिकों के करीब पांच करोड़ रुपये (4 करोड़ 88 लाख 46 हजार नेपाली रुपये) हैकरों ने कर लिए थे। यह रकम नेपाल के कई लोगों के खातों से निकाली गई थी। नेपाल के एक कारोबारी यज्ञराज भट्ट के खाते में 45 लाख रुपये ट्रांसफर किए जाने से मामला उजागर हुआ। 

यज्ञराज भट्ट इस समय नेपाल जेल में है। उसीने नेपाल न्यायालय में बनबसा के कुछ अन्य कारोबारियों के इस मामले में नाम उजागर किए हैं। नेपाल पुलिस के एसपी सोमेंद्र सिंह राठौर के अनुसार पकड़े गए बनबसा के कारोबारी के अलावा, बनबसा के दो अन्य कारोबारियों पर भी नेपाल पुलिस की नजर है। ये दोनों भी पकड़े गए कारोबारी के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। नेपाल में अभी इस मामले में 18 आरोपी पकड़े गए हैं, जबकि 20 अन्य फरार हैं।
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विवाद का बदला लेने के लिए एक युवती ने ही बना दी दूसरी युवती की फर्जी फेसबुक आईडी

उत्तराखंड :  एक साल में एक करोड़ से अधिक की करेंसी खपाई, पकड़ में आए तो किए कई खुलासे

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चंपावत जिले के टनकपुर में नकली करेंसी के साथ पकड़े गए आरोपी बीते एक साल से नकली करेंसी बनाने और उसे आसपास के इलाकों में खपाने का कार्य कर रहे थे। अनुमान लगाया जा रहा है कि एक साल के दौरान अभियुक्तों ने एक करोड़ से अधिक के नकली नोट स्थानीय बाजारों में खपा दिए होंगे। 

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उत्तराखंड: चंपावत में चार लाख की नकली करेंसी के साथ तीन युवक गिरफ्तार

नकली नोट प्रिंट करने का कार्य ऊधमसिंह नगर जिले के नानकमत्ता कस्बे में स्थित जन सुविधा केंद्र (सीएससी) में लैपटाप और स्कैनर के जरिए किया जा रहा था। अभियुक्त नकली 200 और 500 रुपये के नोटों को आधे दामों में देते थे, जिस कारण अधिकतर लोग इनके झांसे में आकर नकली नोट बाजार में खपाने में सहयोग देते थे।

आरोपियों की ओर से तैयार 100 और 200 रुपये के नोट हूबहू असली नोटों की तरह लगने से आसानी से बाजार में खपाए जा रहे थे। 500 रुपये के नोट की पेपर की क्वालिटी खराब होने के कारण ये लोग शक के दायरे में आ गए थे। पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह के अनुसार मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर बीते कुछ समय से पुलिस आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी।
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उत्तराखंड: चंपावत में चार लाख की नकली करेंसी के साथ तीन युवक गिरफ्तार

चंपावत पुलिस की एसओजी टीम और टनकपुर पुलिस ने चार लाख रुपये की नकली करेंसी के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से स्कैनर, लैपटॉप और अन्य उपकरण के अलावा नकली करेंसी को चलाने में प्रयुक्त होने वाली बाइक बरामद की है।

नकली नोट ऊधमसिंह नगर जिले के नानकमत्ता के एक जन सुविधा केंद्र (सीएससी) में छापे जा रहे थे। पूछताछ में आरोपियों ने सितारगंज, काशीपुर, बाजपुर और देहात क्षेत्र में नकली नोट खपाने की बात स्वीकार की है। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह ने बताया कि एसओजी और टनकपुर पुलिस की ओर से चलाए गए चेकिंग अभियान में टनकपुर के मनिहारगोठ तिराहे पर एक बाइक (यूके03बी0131) को रोका गया।

चेकिंग में आरोपी बृजकिशोर निवासी बगनैरा, जिला पीलीभीत यूपी के कब्जे से दो लाख 40 हजार रुपये की नकली करेंसी, रियाज निवासी बगनैरा, जिला पीलीभीत यूपी के कब्जे से 60 हजार रुपये की नकली करेंसी बरामद की गई। आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 489 ए, 489 सी और 489 डी में केस दर्ज किया गया है। 
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पाक मूल की अमेरिकी नागरिक फरीदा को चार साल की जेल, बिना पासपोर्ट-वीजा भारत में किया था प्रवेश

बिना पासपोर्ट और वीजा के नेपाल से बनबसा के रास्ते भारत आते समय गिरफ्तार पाकिस्तान मूल की अमेरिकी नागरिक फरीदा मलिक को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की कोर्ट ने चार साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। गुरुवार को सजा सुनाने के बाद फरीदा को गिरफ्तार कर लोहाघाट के न्यायिक बंदीगृह भेजा गया है।

बता दें कि, 12 जुलाई 2019 को सीमांत बनबसा चेकपोस्ट से नेपाल की राजधानी काठमांडू से बनबसा की बस में फरीदा मलिक (50) पुत्री सुल्तान अख्तर मलिक नाम की पाकिस्तानी मूल की अमेरिकी नागरिक को आव्रजन अधिकारियों ने पकड़ा था।

जिला प्रशासन ने फरीदा के विधिक दस्तावेजों के बगैर भारत पहुंचने की जानकारी तत्काल दिल्ली स्थित अमेरिकी राजदूत कार्यालय को दी थी। 13 जुलाई को फरीदा पर अवैध आव्रजन का मुकदमा दर्ज किया गया। 

गुरुवार को सीजेएम धर्मेंद्र कुमार ने विधिक दस्तावेजों के बगैर बनबसा में प्रवेश करने पर फरीदा को चार साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।अर्थदंड न देने पर एक महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सजा के आदेश के बाद फरीदा को पुलिस ने तुरंत गिरफ्तार कर लोहाघाट जेल भेज दिया। 
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चंपावत: सभासद और साथियों ने डॉक्टर और स्टाफ से की मारपीट, एक गिरफ्तार, दो आरोपी फरार

उत्तराखंड में चंपावत नगर पालिका सभासद और उसके दो साथियों ने शनिवार की रात संयुक्त चिकित्सालय में कथित तौर पर जमकर हंगामा काटा। आरोपी एक साथी की बेटी को इलाज के लिए अस्पताल लाए थे। इलाज को लेकर उन्होंने डॉक्टर और स्टाफ के साथ मारपीट, गाली-गलौच करने के साथ अस्पताल में तोड़फोड़ भी की।

चिकित्साधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में विभिन्न धाराओं में केस दर्ज करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दो आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। 

चिकित्साधिकारी डॉ. मोहम्मद उमर की ओर से कोतवाली में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक सभासद दीपक बेलवाल और रवि गहतोड़ी शनिवार की रात अपने साथी भुवन लोहनी की छह वर्षीय बेटी को इलाज के लिए अस्पताल लाए थे। चिकित्साधिकारी डॉ. मोहम्मद उमर इलाज कर रहे थे। इसी दौरान सभासद और उसके दोनों साथियों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए गाली-गलौच शुरू कर दी। समझाने पर उन्होंने डॉक्टर और अस्पताल कर्मियों के साथ हाथापाई और अस्पताल में तोड़फोड़ कर धमकी भी दी। 

कोतवाल धीरेंद्र कुमार ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 353, 427, 504 और 506 के तहत केस दर्ज कर लिया है। आरोपी रवि गहतोड़ी को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। मामले की जांच उप निरीक्षक नीशू गौतम को सौंपी गई है।
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बिना पासपोर्ट और वीजा के इमिग्रेशन चेकपोस्ट पर पकड़े गए चीनी और तिब्बती नागरिकों को भेजा जेल

तीन दिन पहले बनबसा इमिग्रेशन चेकपोस्ट पर पकड़े गए चार चीनी नागरिक और उन्हें मदद देने वाले तिब्बती नागरिक को पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया, जहां से पांचों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

मामले की जांच शारदा बैराज चौकी प्रभारी एसआई गोविंद सिंह बिष्ट को सौंपी गई है। देर रात तक दिल्ली से आए विशेषज्ञों की टीम ने उनसे सघन पूछताछ की। सूत्रों की माने तो पूछताछ में कई अहम जानकारी पता चली है। चीनी नागरिकों की मुंबई में सोने की तस्करी में लिप्तता के प्रमाण मिले हैं।  

 तीन दिन पहले दिल्ली से काठमांडू जाने वाली बस में चार चीनी नागरिकों को बिना पासपोर्ट, वीजा के और दिल्ली में बनी फर्जी आईडी के साथ पकड़ा गया था। भाषा की समस्या के चलते पूछताछ में दिक्कतें होने के साथ उनकी नागरिकता का पता नहीं चल पा रहा था।

इसलिए दिल्ली से एक्सपर्ट बुलाए गए थे। एक्सपर्ट टीम ने पांचों विदेशी नागरिकों से सघन पूछताछ की। उनके बैग में छुपाकर रखी एक छोटी से चिप इमिग्रेशन अधिकारी इंद्र सिंह को मिली। चिप के आधार पर उनके चीनी नागरिक होने का खुलासा हुआ। चिप में चीनी नागरिकों के पासपोर्ट की जानकारी मिली। उनके वास्तविक नाम, पते की जानकारी मिली। चिप में ही चीनी नागरिक जिनचांग ल्याओ, हाइपिन नी, सुन्जेन वैंग और वैंग ग्वेंग कैन पर डीआरआई (डायरेक्टर आफ रेवेंन्यू इंटेलिजेंस) का तस्करी में लिप्तता का नोटिस भी मिला।

सीओ बीसी पंत ने बताया कि चिप में डीआरआई ने उक्त चारों चीनी नागरिकों समेत 13 कंपनियों को सोने और चांदी की तस्करी में लिप्तता के तहत जारी नोटिस की जानकारी भी मिली है। पकड़े गए चारों चीनी नागरिक 6.70 करोड़ रुपये के सोने और 13.21 करोड़ की चांदी की तस्करी के आरोप में पकड़े गए थे।  चार चीनी नागरिकों पर आईपीसी की धारा 420, 467/468/471/120 बी के अलावा 14 विदेशी अधिनियम एवं तीन पासपोर्ट एक्ट में मुकदमा दायर किया गया है।

जबकि उनकी फर्जी आईडी बनाने और गलत तरीके से नेपाल पहुंचाने में मदद देने वाले तिब्बती नागरिक केत्से संग्याल पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 420//467/468/471/120 बी में मुकदमा दर्ज गया है। रविवार को न्यायालय में पेश किया गया जहां से पांच विदेशी नागरिकों को 14 दिन की रिमांड में लोहाघाट जेल भेज दिया है।
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लाइब्रेरियन सह शिक्षक ने नाबालिग छात्रा से की छेड़छाड़, प्राचार्य ने दर्ज कराया मुकदमा

नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ मामले में एक स्कूल के लाइब्रेरियन सह शिक्षक के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी लाइब्रेरियन सह शिक्षक के खिलाफ स्कूल के प्राचार्य ने थाने में तहरीर सौंपी है। जांच अधिकारी महिला एसआई के मुताबिक 164 के बयान होने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी की जाएगी। बीते बुधवार को पीड़ित छात्रा की मां ने स्कूल प्रशासन को लाइब्रेरियन सह शिक्षक पर उनकी नाबालिग पुत्री के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाकर कार्रवाई करने को लेकर शिकायती पत्र प्रभारी प्राचार्य को सौंपा था। 

बृहस्पतिवार को क्षेत्र के एक स्कूल के प्राचार्य ने थाने पहुंचकर स्कूल के लाइब्रेरियन सह शिक्षक के खिलाफ एक नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप लगाते हुए तहरीर सौंपी। तहरीर में लिखा गया है कि तीन जुलाई को एक छात्रा की मां ने स्कूल प्रशासन को शिकायती पत्र सौंपा था जिसमें छात्रा की मां ने स्कूल के लाइब्रेरियन सह शिक्षक पर उनकी पुत्री को गलत नजर से देखने और गलत तरीके से छूने (छेड़छाड़ करने) का आरोप लगाया है।

प्राचार्य ने तहरीर में उचित कार्रवाई  करने की बात लिखी है। थानाध्यक्ष जसवीर सिंह चौहान ने बताया कि आरोपी शिक्षक एसके सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 ए के अलावा पाक्सो एक्ट की धारा 9 सी एम 10 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि थाने की महिला एसआई सुमन पंत को जांच सौंपी गई है। उन्होंने पीड़ित छात्रा और उसकी मां के बयान दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष ने बताया कि पीड़ित छात्रा और उसकी मां के न्यायालय के समक्ष 164 के तहत बयान दर्ज कराए जाएंगे जिसके बाद आरोपी लाइब्रेरियन सह शिक्षक की गिरफ्तारी की जाएगी। 

पांच सदस्यीय कमेटी ने शुरू की जांच 
छात्रा की मां ने लाइब्रेरियन सह शिक्षक द्वारा उनकी नाबालिगपुत्री के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगा स्कूल प्रशासन को शिकायती पत्र सौंपा था। इसके बाद स्कूल प्रशासन ने पांच सदस्यीय जांच कमेटी बना मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच कमेटी की रिपोर्ट स्कूल के उच्च प्रबंधन को भेजी जाएगी। 

पीड़िता की सहपाठियों के परिजनों ने उठाई आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग 
स्कूल के लाइब्रेरियन सह शिक्षक द्वारा छात्रा से छेड़छाड़ के आरोपों के बाद पीड़ित छात्रा की सहपाठियों के परिजन भी स्कूल प्रशासन से आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग को लेकर स्कूल पहुंचे लेकिन स्कूल प्रशासन ने उन्हें गेट से अंदर नहीं जाने दिया। बाद में वे थाने पहुंचे जहां उन्होंने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। लाइब्रेरियन सह शिक्षक के अलावा वह स्कूल में स्काउट मास्टर भी है।
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