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चंपावत जिला मुख्यालय में भारत बंद के आह्वान में रहा पूर्ण बंद 

Sat, 01 Jul 2017 12:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत।
अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत। Updated Sat, 01 Jul 2017 12:04 AM IST
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complete band on bharat band
जीएसटी के विरोध में बंद चंपावत का बाजार। - फोटो : अमर उजाला
जिला मुख्यालय में एक जुलाई से लागू होने वाले सेवा एवं वस्तु कर (जीएसटी) अधिनियम के विरोध में बुलाया गया बंद पूरी तरह से सफल रहा। सभी छोटे बड़े व्यापारियों ने अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। जिस कारण मुख्यालय से होकर जाने वाले हजारों यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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यात्री चाय पानी तक के लिए तरस गए, जबकि दूर दराज से खरीददारी के लिए आए लोगों को मायूस लौटना पड़ा। व्यापारियों ने मोटर स्टेशन में प्रदर्शन कर जीएसटी के कई प्रावधानों का विरोध किया। अलबत्ता अपवाद स्वरूप एक दो स्थानों में लोगों ने जीएसटी के समर्थन में अपने व्यवसाय खुले रखे।
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व्यापारियों का कहना है कि केंद्र सरकार के स्तर से जीएसटी को लागू करने में जल्दबाजी की जा रही है। अभी अधिकांश व्यापारियों को इसके प्रावधानों की जानकारी तक नहीं है। व्यापार संघ अध्यक्ष अमरनाथ सक्टा के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन करने वालों में रवींद्र सिंह तड़ागी, विकास साह, बसंत तड़ागी, विजय पांडेय, दिलीप सिंह मेहता, नवीन पंत, लक्ष्मण सिंह पुजारी सहित तमाम व्यापारी शामिल रहे।
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लोहाघाट में बंद का मिला जुला असर रहा
जीएसटी के कड़े प्रावधानों में संशोधन की मांग को लेकर देशव्यापी बंद का मिला जुला असर रहा। व्यापारियों ने बंद को समर्थन देते हुए अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। हालांकि मेडिकल स्टोर, गुटका, पान, मिठाई चायपानी और सब्जी की दुकानें आंशिक रूप से खुली रही।

व्यापार संघ अध्यक्ष भैरव राय ने कहा कि जीएसटी के कड़े प्रावधानों के तहत नगर क्षेत्र के व्यापारियों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि व्यापारी वर्ग की समस्याओं को देखते हुए जीएसटी के प्रावधानों में संसोधन करना चाहिए।


उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कई ऐसे व्यापारी भी हैं, जो अशिक्षित होने के अलावा इंटरनेट आदि की सुविधा से दूर हैं। बैठक में एक स्वर में व्यापारियों ने जीएससी में संशोधन की मांग की। इस मौके पर कीर्ति बगौली, गणेश दत्त खर्कवाणल, विपिन वर्मा, महेंद्र सिंह ढेक, प्रकाश जोशी, जीवन चंद्र पुनेठा, देवेंद्र राय, हेमंत पांडेय, भीम दत्त बगौली, सुरेंद्र बोहरा, पप्पू वर्मा आदि मौजूद रहे। 
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