{"_id":"5c5721d5bdec2237d6013cc1","slug":"complaint-for-crop","type":"story","status":"publish","title_hn":"गैंड़ाखाली में हाथी झुंड ने रौंदी फसल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गैंड़ाखाली में हाथी झुंड ने रौंदी फसल
Sun, 03 Feb 2019 10:46 PM IST
gangotri gangotri
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर (चंपावत)।
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर (चंपावत)।
Published by: gangotri gangotri
Updated Sun, 03 Feb 2019 10:46 PM IST
विज्ञापन
हाथी झुंड द्वारा रौंदी गई गेहूं की फसल दिखाता काश्तकार।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वन्यजीवों के साथ ही आवारा पशु किसानों के लिए मुसीबत बन गए हैं। हाथियों के झुंड ने गैंड़ाखाली गांव में दो किसानों की करीब तीन बीघा गेहूं की फसल रौंदकर नष्ट की है। वन विभाग की ओर से गांव में लगाए गए सेंसर युक्त सोलर हुटर भी खराब पड़े हैं।
विज्ञापन
पूर्णागिरि मार्ग से लगे गैंड़ाखाली, उचौलीगोठ, थ्वालखेड़ा, नायकगोठ, ककरालीगेट के अलावा आमबाग, छीनीगोठ और विचई में आए हाथी झुंड किसानों की फसल को क्षति पहुंचा रहे हैं। शनिवार ात भी हाथियों ने गैंड़ाखाली में गोपाल सिंह नैथानी और सुरेश सिंह की करीब तीन बीघा गेहूं की फसल नष्ट की है।
विज्ञापन
जिला पंचायत सदस्य उर्मिला चंद, उचौलीगोठ के प्रधान सुरेश सिंह महर, थ्वालखेड़ा प्रधान सुंदर सिंह बोहरा आदि ने वन्यजीवों और आवारा पशुओं की समस्या से छुटकारा दिलाने की मांग उठाई है।
विज्ञापन
शारदा कॉलोनी में बंदरों का आतंक
टनकपुर (चंपावत)। अस्पताल से लगी शहर की शारदा कॉलोनी में बंदरों के आतंक से लोग परेशान है। बंदरों के आतंक से लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। कटखने बंदर कई लोगों को काट चुका हैं।
शारदा कॉलोनी के ललित मोहन जोशी, आनंद सिंह महर, पार्वती जोशी, जगदीश चंद्र तिवारी, पूनम कोहली, नीटू कोहली, राजीव मोहन सक्सेना, मनोहर दत्त सती, डॉ. प्रशांत वर्मा आदि लोगों ने बताया कि लंबे समय से कॉलोनी में बंदरों का आतंक बड़ी समस्या बना हुई है। उत्पाती बंदर अब तक कई लोगों और स्कूल जाते-आते बच्चों को काट चुके हैं। चार दिन पूर्व ही ट्यूशन पढ़कर घर लौट रहे भरत सिंह और एक गर्भवती महिला दीपा को बंदर ने काट लिया था। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन और वन विभाग से उत्पाती बंदरों को पकड़ कर अन्य जगह छोड़ने की मांग उठाई है। ब्यूरो