फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   civic aminities

दूसरे दिन भी बंद रही आवाजाही

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 14 Dec 2019 10:36 PM IST
विज्ञापन
civic aminities
निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग में चल्थी के पास डायवर्जन मार्ग का मुआयना करती पुलिस टीम। - फोटो : CHAMPAWAT
टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग लगातार दूसरे दिन भी बंद रहा। यहां से 24 किमी दूर स्वांला के पास आए मलबे के चलते यह मार्ग आवाजाही के लिए बंद है। रविवार को भी मार्ग के सुचारु होने के आसार नहीं हैं।
विज्ञापन

चंपावत-टनकपुर के बीच रोडवेज बसों सहित अन्य बड़े वाहनों की आवाजाही 11 दिसंबर से ही बंद है। वहीं शुक्रवार सुबह 6.30 बजे से जीप-कार सहित अन्य छोटे वाहनों की आवाजाही भी ठप है। इस मार्ग के अलावा लोहाघाट-देवीधुरा मोटर मार्ग भी बंद है। इसके चलते चंपावत जिले के लोग रीठा साहिब से मीडार होते हुए आवाजाही करने को मजबूर हैं।
विज्ञापन

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय का कहना है कि एनएच पर स्वांला के पास आए मलबे को हटाने के लिए कई टीमें लगी हैं। मौसम की खराबी और भारी मलबे से काम में अवरोध आ रहा है। वहीं डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने शनिवार को स्वांला में बाधित मार्ग का मौका मुआयना किया। उनका कहना है कि रविवार को भी मार्ग सुचारु होने के आसार नहीं हैं। भारी बारिश से बेलखेत व चल्थी के पास से डायवर्ट किया गया रूट भी खतरे में है। आवाजाही बंद होने का अभी सब्जी व रसोई गैस की आपूर्ति पर असर नहीं पड़ा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रोडवेज बस में कटी दस यात्रियों की रात
चंपावत/लोहाघाट। खराब मौसम और बर्फीले रास्ते के चलते लगातार दूसरे दिन शनिवार को भी लोहाघाट से रोडवेज की एक भी बस नहीं चल सकी। स्टेशन प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि देवीधुरा होते हुए हल्द्वानी रूट धानाचूली सहित कई जगह मार्ग बर्फ से पटा होने की वजह से बसों को नहीं भेजा जा सका। इसके चलते मुसाफिरों को समस्या हुई। रोडवेज को 11 दिसंबर से अब तक सात लाख रुपये का नुकसान हो चुका है।
वहीं रोडवेज की तीन बसें (देहरादून, ऋषिकेश और नैनीताल) शुक्रवार से हल्द्वानी-लोहाघाट के बीच धानाचूली के आसपास फंसी हुई हैं। देहरादून से लोहाघाट आ रही बस के 10 यात्री शुक्रवार की पूरी रात बस में काटने को मजबूर हुए। शनिवार को ये यात्री दूसरे माध्यमों से लोहाघाट को रवाना हुए। इधर चंपावत के रोडवेज बस स्टेशन में 11 दिसंबर से सन्नाटा है। रोडवेज के मुख्य द्वार से लेकर कैंटीन तक सब बंद है।
बारहमासी सड़क निर्माण से पर्यावरण पर पड़े असर का आकलन किया
चंपावत। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बाद वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से गठित उच्च अधिकार प्राप्त कमेटी ने शनिवार को टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर निर्माणाधीन बारहमासी सड़क के चौड़ीकरण कार्य का स्थलीय मुआयना किया। यह टीम निर्माण के चलते वन एवं पर्यावरण पर असर की पड़ताल कर रही है।
पीपुल्स साइंस इंस्टीट्यूट के प्रोफेसर रवि चौपड़ा के नेतृत्व में आई टीम ने पर्यावरण को होने वाले नुकसान से बचाव के काम का भी निरीक्षण किया। कमेटी निर्माण से पर्यावरण को होने वाली क्षति को कम करने के सुझाव देगी। टीम ने डंपिंग जोन की संख्या, डंपिंग जोन की क्षमता, डंपिंग जोन में डाल गए मलबे, पर्यावरण पर मलबे के असर के साथ पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन किया।

कार्यदायी संस्थाओं से भी मलबे के निस्तारण और उससे होने वाले नुकसान की जानकारी ली। कमेटी रविवार को लोहाघाट से पिथौरागढ़ तक के निर्माण कार्य से पर्यावरणीय असर का अवलोकन करेगी। कमेटी अपनी रिपोर्ट केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को सौंपेगी। कमेटी के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के लोहाघाट के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला, एसडीएम अनिल गर्ब्याल, निर्माण कराने वाली कंपनी के प्रतिनिधिे मौजूद थे।

निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग में स्वांला के पास मलबा हटाता जेसीबी।

निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग में स्वांला के पास मलबा हटाता जेसीबी।- फोटो : CHAMPAWAT

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed