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गर्भवती के लिए मददगार बनी चाइल्ड हेल्पलाइन
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शुक्रवार सुबह गल्लागांव के पास बर्फ से सड़क बंद होने से गर्भवती दीपा देवी को पैदल ले जाते पुलिस क?
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। रीड्स संस्था की चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 एक गर्भवती के लिए मददगार बनी। बर्फ से बंद सड़क में गर्भवती बृहस्पतिवार रात एक बजे से फंसी थी। चाइल्ड हेल्पलाइन ने आपदा प्रबंधन विभाग की मदद से सड़क खुलवाकर एंबुलेंस से गर्भवती को अस्पताल पहुंचाया।
बाराकोट के बैड़ाबेडवाल निवासी मोहन राम शास्त्री की गर्भवती पत्नी दीपा देवी (34) को बृहस्पतिवार रात करीब 12 बजे प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों ने आपात चिकित्सा सेवा 108 से संपर्क किया, लेकिन बर्फ की वजह से सड़क बंद बताई गई। इसलिए परिजन निजी वाहन से गर्भवती को ला रहे थे लेकिन गलचौड़ा के पास बर्फ से सड़क बंद थी। इसलिए मोहन ने चाइल्ड हेल्पलाइन के नंबर 1098 पर कॉल किया।
हेल्पलाइन की जिला समन्वयक संतोषी ने आपदा प्रबंधन विभाग से बर्फ हटाने का आग्रह किया। डीडीएमओ मनोज पांडे ने जेसीबी समेत आपात सेवा 108 एंबुलेंस को भी मौके पर भिजवाया। लोहाघाट पुलिस भी आई और 25 मिनट में सड़क खोल गर्भवती को सुबह सवा छह बजे अस्पताल पहुंचवाया गया जहां डॉ. कीर्तिका सती, डॉ. चित्रलेखा ने सफल प्रसव कराया।
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दस दिन पहले भी आपदा प्रबंधन ने की थी मदद
चंपावत। स्वांला के पास 24-25 जनवरी की रात भी टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच बंद होने से पिथौरागढ़ से हल्द्वानी रेफर एक गर्भवती रास्ते में फंस गई थी। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडे को पता चला तो उन्होंने स्वांला से एंबुलेंस को वापस चंपावत बुलवाया। यहां जिला अस्पताल में ऑपरेशन से महिला का सुरक्षित प्रसव हुआ।
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बाराकोट के बैड़ाबेडवाल निवासी मोहन राम शास्त्री की गर्भवती पत्नी दीपा देवी (34) को बृहस्पतिवार रात करीब 12 बजे प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों ने आपात चिकित्सा सेवा 108 से संपर्क किया, लेकिन बर्फ की वजह से सड़क बंद बताई गई। इसलिए परिजन निजी वाहन से गर्भवती को ला रहे थे लेकिन गलचौड़ा के पास बर्फ से सड़क बंद थी। इसलिए मोहन ने चाइल्ड हेल्पलाइन के नंबर 1098 पर कॉल किया।
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हेल्पलाइन की जिला समन्वयक संतोषी ने आपदा प्रबंधन विभाग से बर्फ हटाने का आग्रह किया। डीडीएमओ मनोज पांडे ने जेसीबी समेत आपात सेवा 108 एंबुलेंस को भी मौके पर भिजवाया। लोहाघाट पुलिस भी आई और 25 मिनट में सड़क खोल गर्भवती को सुबह सवा छह बजे अस्पताल पहुंचवाया गया जहां डॉ. कीर्तिका सती, डॉ. चित्रलेखा ने सफल प्रसव कराया।
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चंपावत। स्वांला के पास 24-25 जनवरी की रात भी टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच बंद होने से पिथौरागढ़ से हल्द्वानी रेफर एक गर्भवती रास्ते में फंस गई थी। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडे को पता चला तो उन्होंने स्वांला से एंबुलेंस को वापस चंपावत बुलवाया। यहां जिला अस्पताल में ऑपरेशन से महिला का सुरक्षित प्रसव हुआ।