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ऑनलाइन एडमिशन की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क बनाएं

Tue, 04 Jul 2017 10:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत Updated Tue, 04 Jul 2017 10:38 PM IST
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Admission process improves
एडमिशन प्रक्रिया में सुधार हो - फोटो : अमर उजाला

चंपावत। पीजी कॉलेज में विभिन्न पाठ्यक्रमों में ऑनलाइन एडमिशन के लिए प्रवेशार्थियों को परेशानी हो रही है। इस समस्या के समाधान को लेकर एनएसयूआई ने महाविद्यालय में हेल्प डेस्क लगाने की मांग की है। एनएसयूआई के जिला महामंत्री गोलू गंगोला के नेतृत्व में मंगलवार को छात्रों के एक शिष्टमंडल ने प्राचार्य डॉ. शीतल सिंह भंडारी से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा।

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छात्रों का कहना था कि विश्वविद्यालय की ओर से ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया तो शुरू कर दी गई है। लेकिन छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों ने बीए प्रथम सेमेस्टर में अनुपस्थित दिखाने की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया। प्राचार्य से मिलने वालों में चंचल सिंह कुंवर, नाथ सिंह बोहरा, नीरज रावत, अनुराग नेगी, नितिन तड़ागी, पारस महर, अंकित रावत आदि छात्र नेता शामिल थे।
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चंपावत। एनएसयूआई की ओर से हेल्प डेस्क लगाने की मांग पर प्राचार्य डॉ. शीतल सिंह भंडारी ने बताया कि हेल्प डेस्क पांच जुलाई से स्थापित कर दी जाएगी। प्राचार्य ने बताया कि उन्हें जिले के लोहाघाट, टनकपुर, देवीधुरा, बनबसा, अमोड़ी डिग्री कॉलेज में ऑनलाइन प्रवेश के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने सभी महाविद्यालय के प्राचार्यों को ऑनलाइन प्रवेश के लिए हेल्प डेस्क बनाने के निर्देश दिए हैं।
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स्नातकोत्तर महाविद्यालय में एमएससी, एमकॉम संकाय की स्वीकृति सहित विभिन्न मांगों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, छात्र नेताओं ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने कलक्ट्रेट में जोरदार नारेबाजी की, जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। छात्रों का कहना है कि वर्ष 1997 में स्थापित हुए महाविद्यालय में विषयों की कमी है। एमए में केवल दो ही विषय संचालित हैं।

एमएससी, एमकॉम न होने से छात्रों को पढ़ाई के लिए अन्य महाविद्यालयों की शरण लेनी पड़ रही है। छात्रनेताओं का कहना था कि 14 अप्रैल को हुए महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत को विभिन्न समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन तीन माह बाद भी कोई पहल नहीं हो सकी है।

उन्होंने कला संकाय के एमए में अंग्रेजी, इतिहास, हिंदी, समाजशास्त्र के साथ की स्नातक में संस्कृत, शिक्षाशास्त्र विषय की स्वीकृति दिलाने, पुस्तकालयाध्यक्ष सहित पुस्तकालय स्टाफ के पद स्वीकृत करने, खेल मैदान के साथ ही खेल शिक्षक की तैनाती की मांग उठाई।


छात्रसंघ अध्यक्ष गौरव पांडेय की अगुवाई में कलक्ट्रेट पहुंचे छात्रों का कहना था कि महाविद्यालय में पर्याप्त भवन और संसाधन हैं, वर्षों से छात्र नेता समस्याओं के समाधान को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन इस दिशा में कोई पहल नहीं की जा रही है। इससे उनमें रोष व्याप्त है। इनमें प्रदीप भट्ट, पूजा खाती, हरीश जोशी, अजय चौधरी, विजय जोशी, आदर्श भट्ट, हेम जोशी, विजय कुमार, अनुराग नेगी, कैलाश नाथ आदि थे।
 

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