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सड़क निर्माण कार्य में मृत मजदूर का परिवार बेहाल, किसी ने नहीं ली सूध

Sat, 30 Sep 2017 10:43 PM IST
Updated Sat, 30 Sep 2017 10:43 PM IST
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सड़क निर्माण कार्य में मृत मजदूर का परिवार बेहाल, किसी ने नहीं ली सूध

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टनकपुर (चंपावत)। सूखीढांग-डांडा-मीडार मोटर मार्ग निर्माण कार्य के दौरान एक साल पहले चट्टान के मलबे में दबने जान गंवा चुके मजदूर त्रिलोक सिंह महरा का परिवार को अभी तक सरकार और कार्यदायी विभाग से कोई आर्थिक मदद नहीं मिल पाई है। परिवार की मुखिया की मौत होने के बाद से यह परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। आर्थिक तंगी से परेशान त्रिलोक सिंह की पत्नी मुन्नी देवी ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मदद की गुहार लगाई है।

उल्लेखनीय है कि ककनई निवासी 34 वर्षीय त्रिलोक सिंह महरा पीएमजीएसवाई योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन सूखीढांग-डांडा-मीडार मोटर मार्ग निर्माण में मजदूरी करता था। पिछले साल 10 अक्टूबर को बुडम-ककनई के बीच विस्फोट से दरकी चट्टान के मलबे में दबकर उसकी मौत हो गई थी। तब त्रिलोक के परिवार को विभाग और ठेकेदार ने आर्थिक मदद का भरोसा दिया था।
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लेकिन तब से अब एक साल बीत गया है। किसी ने पीड़ित परिवार की सुध नहीं ली है। मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में मुन्नी देवी ने कहा है कि पति की मौत के बाद उसे छह बच्चों को परवरिश में आर्थिक तंगी झेलनी पड़ रही है। ककनई के ग्राम प्रधान मोहन महरा, जनसेवा समिति डांडा-ककनई-बुडम के अध्यक्ष पवन महरा, डांडा मल्ली की ग्राम प्रधान खष्टी देवी, सामाजिक कार्यकर्ता जमन सिंह महरा ने भी मुख्यमंत्री से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग उठाई है।
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