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लोहाघाट के अनिल पुनेठा बने आंध्र प्रदेश के प्रशासनिक बॉस
Updated Sun, 30 Sep 2018 10:04 PM IST
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लोहाघाट/ चंपावत। लोहाघाट के अनिल चंद्र पुनेठा अब आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव बन गए हैं। वे काबिलियत, काम के प्रति निष्ठा और ईमानदारी के चलते चंद्रबाबू नायडू की पहली पसंद बने। 1984 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अफसर रहे पुनेठा ने सातवीं तक की पढ़ाई शहर के राजकीय प्राथमिक विद्यालय और जीआईसी से की।
सहायक आयुक्त पद पर रहे स्वर्गीय गणेश दत्त पुनेठा और मुन्नी पुनेठा के इस आईएएस अफसर बेटे की पढ़ाई सातवीं के बाद शहर से बाहर ही हुई। हाईस्कूल मुजफ्फरनगर, इंटर हरिद्वार, स्नातक और पीजी दिल्ली विश्वविद्यालय से करने के बाद उन्होंनेे एलएलएम की शिक्षा ली। इसके बाद उन्होंने देश की सर्वोच्च प्रतियोगी परीक्षा में कामयाबी हासिल की और आईएएस बने। आंध्र प्रदेश कैडर मिला।
अनिल पुनेठा के चाचा प्रकाश चंद्र पुनेठा ने बताया कि अभी उनकी करीब डेढ़ साल की सेवा बाकी है। उनकी दो बेटियां हैं। वे अक्सर हर साल नवरात्र में अपने घर लोहाघाट आया करते हैं। अनिल के पिता का करीब आठ माह पूर्व ही निधन हुआ। अनिल के भाई रमेश चंद्र पुनेठा सिंकदराबाद में रेल विभाग में निदेशक हैं। भुवन चंद्र राय और कृष्णानंद जोशी अपने बचपन के दोस्त की इस कामयाबी से गदगद हैं। कहते हैं कि प्रखर बुद्धि के अनिल का ज्यादातर वक्त किताबों के साथ बीतता था।
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सहायक आयुक्त पद पर रहे स्वर्गीय गणेश दत्त पुनेठा और मुन्नी पुनेठा के इस आईएएस अफसर बेटे की पढ़ाई सातवीं के बाद शहर से बाहर ही हुई। हाईस्कूल मुजफ्फरनगर, इंटर हरिद्वार, स्नातक और पीजी दिल्ली विश्वविद्यालय से करने के बाद उन्होंनेे एलएलएम की शिक्षा ली। इसके बाद उन्होंने देश की सर्वोच्च प्रतियोगी परीक्षा में कामयाबी हासिल की और आईएएस बने। आंध्र प्रदेश कैडर मिला।
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अनिल पुनेठा के चाचा प्रकाश चंद्र पुनेठा ने बताया कि अभी उनकी करीब डेढ़ साल की सेवा बाकी है। उनकी दो बेटियां हैं। वे अक्सर हर साल नवरात्र में अपने घर लोहाघाट आया करते हैं। अनिल के पिता का करीब आठ माह पूर्व ही निधन हुआ। अनिल के भाई रमेश चंद्र पुनेठा सिंकदराबाद में रेल विभाग में निदेशक हैं। भुवन चंद्र राय और कृष्णानंद जोशी अपने बचपन के दोस्त की इस कामयाबी से गदगद हैं। कहते हैं कि प्रखर बुद्धि के अनिल का ज्यादातर वक्त किताबों के साथ बीतता था।
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