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नशेड़ी ड्राइवर व पुलिस की चूक न होती तो टल सकता था हादसा!
Updated Tue, 13 Mar 2018 09:43 PM IST
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चंपावत। स्वांला जीप हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच रिपोर्ट तीन दिन बाद सार्वजनिक की जाएगी। सूत्रों के अनुसार सात फरवरी को टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में स्वांला मंदिर के पास हुई जीप दुर्घटना की बड़ी वजह ड्राइवर का नशे में होना और ककरालीगेट बैरियर पर तैनात पुलिस कर्मियों की चूक है। इस दुर्घटना में चालक सहित सभी दस लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सात फरवरी को हुई जीप दुर्घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए थे। जांच अधिकारी एसडीएम सीमा विश्वकर्मा का कहना है कि जांच अंतिम चरण में है और अगले दो से तीन दिनों के भीतर जांच पूरी कर जिला मजिस्ट्रेट को सौंप दी जाएगी। उन्होंने जांच रिपोर्ट के संबंध में कुछ भी बताने से इंकार किया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हादसे के पीछे दो बड़े कारण बताए गए हैं।
एनएच में टनकपुर के पास ककरालीगेट बैरियर के नजदीक लगे सीसीटीवी कैमरे में दुर्घटनाग्रस्त जीप के चालक बिसरत अंसारी के लड़खड़ाने से उसके नशे में होने की संभावना जताई जा रही है। ककरालीगेट बैरियर में तैनात पुलिस कर्मियों ने न नशेड़ी चालक की जांच की और न ही जीप को आगे जाने से रोका। हादसे को ककरालीगेट में तैनात पुलिस कर्मियों की भारी चूक माना जा रहा है। इसके अलावा जीप ओवरलोड थी। परिवहन विभाग की जांच रिपोर्ट में सात यात्रियों की क्षमता वाली इस जीप में दस लोगों के सवार होने की बात कही गई है। खास बात यह है कि जांच अधिकारी को वन विभाग से सीसीटीवी फुटेज नहीं मिली।
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सात फरवरी को हुई जीप दुर्घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए थे। जांच अधिकारी एसडीएम सीमा विश्वकर्मा का कहना है कि जांच अंतिम चरण में है और अगले दो से तीन दिनों के भीतर जांच पूरी कर जिला मजिस्ट्रेट को सौंप दी जाएगी। उन्होंने जांच रिपोर्ट के संबंध में कुछ भी बताने से इंकार किया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हादसे के पीछे दो बड़े कारण बताए गए हैं।
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एनएच में टनकपुर के पास ककरालीगेट बैरियर के नजदीक लगे सीसीटीवी कैमरे में दुर्घटनाग्रस्त जीप के चालक बिसरत अंसारी के लड़खड़ाने से उसके नशे में होने की संभावना जताई जा रही है। ककरालीगेट बैरियर में तैनात पुलिस कर्मियों ने न नशेड़ी चालक की जांच की और न ही जीप को आगे जाने से रोका। हादसे को ककरालीगेट में तैनात पुलिस कर्मियों की भारी चूक माना जा रहा है। इसके अलावा जीप ओवरलोड थी। परिवहन विभाग की जांच रिपोर्ट में सात यात्रियों की क्षमता वाली इस जीप में दस लोगों के सवार होने की बात कही गई है। खास बात यह है कि जांच अधिकारी को वन विभाग से सीसीटीवी फुटेज नहीं मिली।
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