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अक्षय उर्जा के लाभार्थी को काटने पड़ रहे हैं दफ्तरों के चक्कर
Updated Tue, 06 Mar 2018 10:44 PM IST
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चंपावत। उत्तराखंड वैकल्पिक ऊर्जा संस्थान (उरेडा) की ओर से एक साल पूर्व लगाए गए सोलर प्लांट से लाभार्थियों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। अक्षय ऊर्जा के लाभार्थियों को योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए उरेडा और बिजली विभाग के दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
च्यूराखर्क ग्राम पंचायत के लाभार्थी रघुवर दत्त खर्कवाल ने मंगलवार को डीएम को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि एक साल पूर्व उन्होंने अक्षय ऊर्जा योजना के तहत चार किलोवाट का सोलर प्लांट लगाया था। उस दौरान उनसे कहा गया था कि प्लांट से उत्पादित बिजली को यूपीसीएल की ओर से खरीदा जाएगा, लेकिन एक साल बीतने के बाद भी उन्हें किसी प्रकार का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
उरेडा विभाग से संपर्क करने पर उसे यूपीसीएल के अधिकारियों से संपर्क करने को कहा जाता है। दूसरी ओर यूपीसीएल की ओर से ग्रिड की विद्युत सप्लाई सिस्टम को अनुकूल नहीं बताया जा रहा है। लाभार्थी का कहना है कि विभागीय अधिकारियों के बीच तालमेल नहीं होने के कारण उन्हें बीते एक वर्ष से आर्थिक और मानसिक रूप से उत्पीड़न का शिकार होना पड़ रहा है। उन्हाेंने अपनी समस्या का निदान करने की मांग की है।
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च्यूराखर्क ग्राम पंचायत के लाभार्थी रघुवर दत्त खर्कवाल ने मंगलवार को डीएम को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि एक साल पूर्व उन्होंने अक्षय ऊर्जा योजना के तहत चार किलोवाट का सोलर प्लांट लगाया था। उस दौरान उनसे कहा गया था कि प्लांट से उत्पादित बिजली को यूपीसीएल की ओर से खरीदा जाएगा, लेकिन एक साल बीतने के बाद भी उन्हें किसी प्रकार का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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उरेडा विभाग से संपर्क करने पर उसे यूपीसीएल के अधिकारियों से संपर्क करने को कहा जाता है। दूसरी ओर यूपीसीएल की ओर से ग्रिड की विद्युत सप्लाई सिस्टम को अनुकूल नहीं बताया जा रहा है। लाभार्थी का कहना है कि विभागीय अधिकारियों के बीच तालमेल नहीं होने के कारण उन्हें बीते एक वर्ष से आर्थिक और मानसिक रूप से उत्पीड़न का शिकार होना पड़ रहा है। उन्हाेंने अपनी समस्या का निदान करने की मांग की है।
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