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सुंई डुंगरी गांव में पांच और लोगों को पीलिया होने की पुष्टि
Updated Fri, 08 Jun 2018 11:24 PM IST
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लोहाघाट (चंपावत)। लोहाघाट विकासखंड के सुंई डुंगरी गांव में पीलिया का प्रकोप फैला हुआ है। इस गांव में पांच लोगों को और पीलिया होने की पुष्टि हुई है। जबकि दो लोग टायफायड की चपेट में आए हैं। इस गांव में पीलिया की चपेट में आए लोगों की संख्या 18 हो गई है।
सुंई डुंगरी में तीन जून को तेज बुखार से छात्रा ज्योति की मौत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मृतका के घर और गांव में शिविर लगाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया था। डॉ.कामिनी मेहरा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को गांव में 20 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया था। परीक्षण के दौरान 13 लोगों में पीलिया की पुष्टि हुई थी। पीलिया होने की आशंका के मद्देनजर सात लोगों के नमूनों को लोहाघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया था। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुई इन नमूनों की जांच में पांच को पीलिया होने, दो लोगों के टायफायड के चपेट में आने पुष्टि हुई है। चिकित्सकों ने बताया कि ये बीमारियां साफ पानी नहीं पीने से होती हैं। डॉ.मेहरा ने जल जनित रोगों की रोकथाम के लिए जल संस्थान, जल निगम और स्वजल के साथ मिलकर अभियान चलाने की बात कही।
पानी के दो नमूने प्रदूषित मिले
जल संस्थान द्वारा सुंई डुंगरी गांव में लिए गए पानी के तीन नमूनों में से दो नमूनों में दूषित पानी की पुष्टि हुई है। जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता पवन बिष्ट ने बताया कि जल संस्थान ने सुंई डुंगरी गांव के नौले, हैंडपंप और मृतक छात्रा के घर के बर्तनों के पानी का नमूना लिया। इसके अलावा सुंई पऊ गांव की पेयजल योजना के पानी का भी नमूना लिया गया था। सुंई डुंगरी के नौले और हैंडपंप का पानी जांच में आंशिक रूप से दूषित पाया गया। पानी को शुद्ध करने के लिए जरूरी उपाय करने की बात कही गई।
सुंई डुंगरी में तीन जून को तेज बुखार से छात्रा ज्योति की मौत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मृतका के घर और गांव में शिविर लगाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया था। डॉ.कामिनी मेहरा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को गांव में 20 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया था। परीक्षण के दौरान 13 लोगों में पीलिया की पुष्टि हुई थी। पीलिया होने की आशंका के मद्देनजर सात लोगों के नमूनों को लोहाघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया था। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुई इन नमूनों की जांच में पांच को पीलिया होने, दो लोगों के टायफायड के चपेट में आने पुष्टि हुई है। चिकित्सकों ने बताया कि ये बीमारियां साफ पानी नहीं पीने से होती हैं। डॉ.मेहरा ने जल जनित रोगों की रोकथाम के लिए जल संस्थान, जल निगम और स्वजल के साथ मिलकर अभियान चलाने की बात कही।
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पानी के दो नमूने प्रदूषित मिले
जल संस्थान द्वारा सुंई डुंगरी गांव में लिए गए पानी के तीन नमूनों में से दो नमूनों में दूषित पानी की पुष्टि हुई है। जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता पवन बिष्ट ने बताया कि जल संस्थान ने सुंई डुंगरी गांव के नौले, हैंडपंप और मृतक छात्रा के घर के बर्तनों के पानी का नमूना लिया। इसके अलावा सुंई पऊ गांव की पेयजल योजना के पानी का भी नमूना लिया गया था। सुंई डुंगरी के नौले और हैंडपंप का पानी जांच में आंशिक रूप से दूषित पाया गया। पानी को शुद्ध करने के लिए जरूरी उपाय करने की बात कही गई।
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