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Chamoli News: जीआईसी रैंस चोपता के शिक्षकों का वेतन जारी करने की दी अनुमति
Wed, 07 Feb 2024 07:13 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Wed, 07 Feb 2024 07:13 PM IST
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प्री बोर्ड परीक्षा में न्यूनतम परीक्षा परिणाम हाेने पर बीईओ ने लगाई थी रोक
संवाद न्यूज एजेंसी
नारायणबगड़। जीआईसी रैंस चोपता में कार्यरत शिक्षक व शिक्षिकाओं का वेतन जारी करने की अनुमति बीईओ ने दी दी है। प्री-बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल और इंटर के अधिकांश छात्र-छात्राएं फेल हो गए थे।
जीआईसी रैंस चोपता में हाईस्कूल एवं इंटर की प्री-बोर्ड परीक्षा के न्यूनतम परीक्षा परिणाम से नाराज बीईओ ने प्रधानाचार्य समेत सभी शिक्षकों के फरवरी माह के वेतन आहरण पर रोक लगा दी थी। साथ ही शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा था। शिक्षकों की ओर से स्पष्टीकरण देने के बाद बीईओ ने उनके वेतन आहरण की अनुमति दे दी है। शिक्षकों ने अपने स्पष्टीकरण में उल्लेख किया है कि प्री-बोर्ड की परीक्षा में कठोर मूल्यांकन (हार्ड मार्किंग) किया गया था ताकि छात्र-छात्राएं अधिक मेहनत करें। शिक्षकों ने आश्वस्त किया कि आगामी बोर्ड परीक्षा के परिणाम अच्छे होंगे। बीईओ अनिनाथ ने प्रधानाचार्य को भेजे पत्र में कहा कि कम अंक देकर छात्र-छात्राएं पढ़ने के लिए प्रेरित होते हैं तो यह उचित कार्यशैली नहीं है। मूल्यांकन का उद्देश्य छात्र-छात्राओं की क्षमता व योग्यता का सही निर्धारण करना है। उन्हें कम अंक देकर हतोत्साहित किया गया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नारायणबगड़। जीआईसी रैंस चोपता में कार्यरत शिक्षक व शिक्षिकाओं का वेतन जारी करने की अनुमति बीईओ ने दी दी है। प्री-बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल और इंटर के अधिकांश छात्र-छात्राएं फेल हो गए थे।
जीआईसी रैंस चोपता में हाईस्कूल एवं इंटर की प्री-बोर्ड परीक्षा के न्यूनतम परीक्षा परिणाम से नाराज बीईओ ने प्रधानाचार्य समेत सभी शिक्षकों के फरवरी माह के वेतन आहरण पर रोक लगा दी थी। साथ ही शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा था। शिक्षकों की ओर से स्पष्टीकरण देने के बाद बीईओ ने उनके वेतन आहरण की अनुमति दे दी है। शिक्षकों ने अपने स्पष्टीकरण में उल्लेख किया है कि प्री-बोर्ड की परीक्षा में कठोर मूल्यांकन (हार्ड मार्किंग) किया गया था ताकि छात्र-छात्राएं अधिक मेहनत करें। शिक्षकों ने आश्वस्त किया कि आगामी बोर्ड परीक्षा के परिणाम अच्छे होंगे। बीईओ अनिनाथ ने प्रधानाचार्य को भेजे पत्र में कहा कि कम अंक देकर छात्र-छात्राएं पढ़ने के लिए प्रेरित होते हैं तो यह उचित कार्यशैली नहीं है। मूल्यांकन का उद्देश्य छात्र-छात्राओं की क्षमता व योग्यता का सही निर्धारण करना है। उन्हें कम अंक देकर हतोत्साहित किया गया है।
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