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गढ़ वंदना और नंदास्तु़ुति से लोग हुए भक्तिमय
ब्यूरो/अमर उजाला,चमोली
Updated Fri, 20 Nov 2015 09:30 PM IST
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मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या रंत रैबार सांस्कृतिक कला मंच और कर्णभूमि कलामंच कर्णप्रयाग के कलाकारों के नाम रही। संस्था के कलाकारों ने मंच पर लोकनृत्य और लोकगीतों की भव्य प्रस्तुतियां दीं।
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गढ़ वंदना और नंदास्तु़ुति से शुरू हुए कार्यक्रमों में जागी जा जागि मेरा मेगमा देवा..., शिव आराधना की प्रस्तुति से पांडाल भक्तिमय बना रहा।
बृहस्पतिवार को आयोजित कार्यक्रमों में मैं कैल लगाई बाडुली, द्विदों हिली मेरी हासुली.. लोक नृत्य से कलाकारों ने नौकरी पर दूर प्रदेश गए पति की याद में एक नारी की मन की व्यथा को बयां किया।
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वहीं हास्य कलाकारों ने चुटकुले और हास्य प्रस्तुतियां देकर भरपूर मनोरंजन किया। हिट बल्दा सरासरि रे त्वेज हौल में जाण रे.., गीत से पर्वतीय कृषि की कठिन परिस्थिति और किसान तथा मवेशियों के सहजीवन की झलक दर्शकों को मेेला मंच पर दिखाई। पांडाल में जुटी दर्शकों की भीड़ ने पौराणिक लोकगीत पर आधारित इस प्रस्तुति को काफी सराहा।
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किशन महिपाल को नहीं सुन सके लोग
मेले में बृहस्पतिवार रात को लोक कलाकार किशन महिपाल और साथियों की सांस्कृतिक संध्या का आयोजन था, लेकिन इस बीच गौचर-सिदोली मार्ग पर सड़क दुर्घटना की सूचना पर रात्रि कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया गया। आखिरी सांस्कृतिक संध्या की प्रस्तुतियां देखने के लिए पांडाल और पांडाल से बाहर दर्शकों की भारी भीड़ जुटी, लेकिन किशन महिपाल को लोग नहीं सुन सके।
मेला समापन एक दिन के लिए स्थगित
गौचर सिदोली मोटर मार्ग पर घटी सड़क दुर्घटना के कारण एक दिन के लिए मेले का समापन के मेला समिति ने स्थगित कर दिया है। मेलाधिकारी विवेक प्रकाश ने बताया कि मेला समापन कार्यक्रम अब शनिवार को होगा। समापन कार्यक्रम में महामहिम राज्यपाल मुुख्य अतिथि के रूप में पहुंचने की अनिश्चितता बनी हुई।
खरीददारी करने वालों की उमड़ी भीड़
शुक्रवार को मेले में खरीददारी करने वालों और खेल तमाशों का आनंद लेने वालों की भीड़ जुटी रही। दूर दराज के गांवों से पहुंचे लोगों ने मेला परिसर में सजी दुकानों और स्टॉलों से जमकर खरीददारी की।
लोगों ने प्रदर्शनी कक्ष में सजे स्टॉलों से विज्ञान, हस्तशिल्प, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, आपदा प्रबंधन, वन संरक्षण, स्वरोजगार आदि संबंधी कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाईं।
मेले में उद्योग विभाग, कृषि एवं उद्यान विभाग, सर्वशिक्षा, स्वयं सहायता समूहों, स्वयं सेवी संस्थाओं आदि के स्टॉल लगे थे। मेले के दौरान वन विभाग के स्टॉल पर लगे वन्य जीव संरक्षण के संदेश का मॉडल विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
कर्णप्रयाग और कोटद्वार ने जीते मुकाबले
गौचर मेले के दौरान शुक्रवार को खेल मैदान में हुई वॉलीबाल प्रतियोगिता का फाइनल मैच तोपाल ब्रदर्स कर्णप्रयाग और स्पोर्ट्स स्टेडियम गोपेश्वर की टीम के बीच खेला गया। दोनों टीम के कड़ेे मुकाबले में तोपाल बद्रर्स कर्णप्रयाग ने गोपेश्वर को 3-1 से हराया।
वहीं दूसरी ओर फुटबाल प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला कोटद्वार और हरिद्वार के बीच खेला गया, जिसमें कोटद्वार की टीम ने हरिद्वार को 2-0 से करारी शिकस्त दी। युवा कल्याण अधिकारी गणेश प्रसाद थपलियाल की देख रेख में हुई प्रतियोगिता में निर्णायक योगेंद्र बर्त्वाल, उमेश जोशी, हरीश चंद्र और रमेश पंखोली आदि रहे।
220 मरीजों का परीक्षण
शुक्रवार को मेले में आयोजित नाक, कान, गला रोग के नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का मरीजों ने पूरा लाभ उठाया। शिविर में काला ईएनटी लेजर एंड कॉकलियर इंप्लांट सेंटर देहरादून के सौजन्य से आयोजित शिविर में सेंटर के ईएनटी सर्जन डा. डीएम काला और डा. हिमांशु काला ने 220 मरीजों का परीक्षण किया। शिविर में मरीजों को नि:शुल्क दवाइयां भी बांटी गईं।