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शुभ मुहूर्त में खुले लाटू देवता मंदिर के कपाट, पुजारी ने आंखों पर पट्टी बांधकर की पूजा
Fri, 19 Apr 2019 10:24 PM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देवाल
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देवाल
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 19 Apr 2019 10:24 PM IST
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लाटू देवता
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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चमोली जिले के वाण गांव स्थित सुप्रसिद्ध लाटू देवता मंदिर के कपाट शुक्रवार को पूजा अर्चना के बाद दोपहर 12.30 बजे श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार मंदिर के पुजारी खीम सिंह ने आंखों पर पट्टी बांधकर मंदिर के अंदर प्रवेश कर दीप प्रज्ज्वलित किया।
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इससे पूर्व मंदिर प्रांगण में पं. हरिदत्त कुनियाल, उमेश कुनियाल, रमेश कुनियाल की ओर से आराध्य मां नंदा देवी के धर्म भाई लाटू देवता की वैदिक मंत्रोच्चारों के साथ पूजाएं संपादित कर हवन की आहुतियां अर्पित की गई। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मंदिर के प्रवेश द्वार से लगभग 25 मीटर की दूरी से लाटू देवता के दर्शन किए। इस दौरान नंदा देवी और लाटू देवता के जयकारों से संपूर्ण क्षेत्र गुंजायमान हो गया।
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लाटू देवता के कपाट खुलने पर देवी-देवताओं के पश्वाओं ने ढोल-दमांऊ की थाप पर सोलह कलाओं पर आधारित देव नृत्य कर श्रद्धालुओं को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया। महिलाओं ने मांगल और जागर गीतों से अपनी आराध्य नंदा देवी और लाटू देवता की स्तुति कर छांछड़ी नृत्य किया। बरेली के बाल रोग विशेषज्ञ डा. पीके सिंह की ओर से आयोजित भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य अर्जित किया।
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श्रद्धालु बाहर से ही करते हैं दर्शन
हिमालय की आराध्य मां नंदा के धर्मभाई माने जाने वाले लाटू देवता के कपाट साल भर में मात्र एक दिन के लिए खोले जाते हैं। पुजारी जहां आंखों पर पट्टी बांधकर पूजा करते हैं वहीं श्रद्धालु भी बाहर से ही देवता के दर्शन कर सकते हैं। मंदिर के अंदर देवता किस रूप में विराजमान हैं, यह आज भी रहस्य बना हुआ है।