खोलियागांव का ट्रांसफार्मर फुंकने से गांव में चार दिन से बिजली नहीं थी। नया ट्रांसफार्मर सड़क तक पहुंच गया था लेकिन मजदूर नहीं होने से गांव तक ले जाने की परेशानी थी। गांव के युवाओं ने श्रमदान कर ट्रांसफार्मर को गांव तक पहुंचाया जिसके बाद गांव में बिजली आपूर्ति सुचारु हो गई है।
खोलियागांव के लिए मोटर मार्ग से एक किमी की दूरी पैदल तय करनी पड़ती है। शुक्रवार को गांव में ट्रांसफार्मर फुंकने के बाद बिजली गुल हो गई थी। ग्रामीणों ने विभाग को सूचित किया। सोमवार को नया ट्रांसफार्मर गांव के पास मोटर मार्ग तक पहुंच गया लेकिन उसे गांव तक पहुंचाने के लिए श्रमिक नहीं थे। गांव के युवा प्रकाश उपाध्याय, नरेश, नीरज, कैलाश, चंद्रशेखर, सोनू, भगवत आदि ने ट्रांसफार्मर को लकड़ियों पर बांधकर गांव तक पहुंचाया। ट्रांसफार्मर गांव पहुंचने पर लाइनमैन ने लाइन जोड़ी और गांव की बिजली बहाल हो गई। युवाओं की इस पहल की ग्रामीणों ने सराहना की है। (संवाद)