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खड़िया खनन के खिलाफ ग्रामीणों का धरना प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर
Updated Tue, 22 Nov 2016 11:14 PM IST
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प्रदर्शन करते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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कांडा के चनेत में खड़िया खनन बंद करने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि खड़िया खनन शीघ्र बंद नहीं किया गया तो भूख हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
कांडा तहसील के गैस गोदाम के समीप हो रहे खड़िया खनन से गांव को खतरा बताते हुए चनेत के ग्रामीण आंदोलित हैं।
चार दिन पूर्व कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करने के बाद मंगलवार से ग्रामीणों ने गांव में ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि खड़िया खनन के कारण गैस गोदाम के साथ ही सड़क के धंसने का खतरा पैदा हो रहा है। यदि इसी तरह से खनन हुआ तो भविष्य में उनके गांव को खतरा पैदा हो जाएगा। ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कहा कि यदि खनन बंद नहीं होता है तो प्रशासन को अनुसूचित जाति के सभी परिवारों की व्यवस्था करनी होगी। कहा कि यदि प्रशासन द्वारा इस स्थान पर खड़िया खनन बंद नहीं कराया जाता है तो उन्हें उग्र आंदोलन छेड़ने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
मंगलवार को धरना स्थल पर चनेत गांव के सभी महिलाओं और पुरुषों ने धरना दिया। धरना देने वालों में धनुली देवी, कृष्णा देवी, कमला देवी, जानकी देवी, तुलसी देवी, ललित प्रसाद, मुन्नी देवी, सुनीता देवी, परुली देवी, दीपा, सुषमा, प्रकाश राम, ममता देवी, मुन्नी, मीना, कमला, नीमा, पूरन राम सहित कई ग्रामीण शामिल थे।
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कांडा तहसील के गैस गोदाम के समीप हो रहे खड़िया खनन से गांव को खतरा बताते हुए चनेत के ग्रामीण आंदोलित हैं।
चार दिन पूर्व कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करने के बाद मंगलवार से ग्रामीणों ने गांव में ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि खड़िया खनन के कारण गैस गोदाम के साथ ही सड़क के धंसने का खतरा पैदा हो रहा है। यदि इसी तरह से खनन हुआ तो भविष्य में उनके गांव को खतरा पैदा हो जाएगा। ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कहा कि यदि खनन बंद नहीं होता है तो प्रशासन को अनुसूचित जाति के सभी परिवारों की व्यवस्था करनी होगी। कहा कि यदि प्रशासन द्वारा इस स्थान पर खड़िया खनन बंद नहीं कराया जाता है तो उन्हें उग्र आंदोलन छेड़ने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
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मंगलवार को धरना स्थल पर चनेत गांव के सभी महिलाओं और पुरुषों ने धरना दिया। धरना देने वालों में धनुली देवी, कृष्णा देवी, कमला देवी, जानकी देवी, तुलसी देवी, ललित प्रसाद, मुन्नी देवी, सुनीता देवी, परुली देवी, दीपा, सुषमा, प्रकाश राम, ममता देवी, मुन्नी, मीना, कमला, नीमा, पूरन राम सहित कई ग्रामीण शामिल थे।
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