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Bageshwar News: दो नदियों वाले नगर की अजब कहानी, मजदूर लगवाकर भरते हैं पानी
Mon, 18 Mar 2024 11:51 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Mon, 18 Mar 2024 11:51 PM IST
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बागेश्वर में रिक्शे पर पानी ढोकर लाते लोग। संवाद
- फोटो : Samvad
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बागेश्वर में बढ़ने लगा जल संकट, हैंडपंपों पर भीड़, रिक्शे पर ढोना पड़ रहा है पेयजल
इंफो
बागेश्वर/कपकोट। जिस नगर में सरयू और गोमती जैसी दो-दो नदियां बहती हैं वहां पानी का इंतजाम करने के लिए लोग परेशान हैं। गर्मियों की दस्तक के साथ ही बागेश्वर और कपकोट में पेयजल संकट गहराने लगा है। लोग प्राकृतिक जल स्रोतों, हैंडपंपों के भरोसे हैं। किसी ने मजदूर लगा रखें हैं तो कोई रिक्शों से भी पानी ढोकर ला रहा है।
नदियों के नगर बागेश्वर में वर्षभर पानी का संकट रहता है। नगर की 30,000 आबादी को पीने का पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता है। बागेश्वर नगर को हर रोज 5.5 एमएलडी पानी की जरूरत है। नगर के लिए जखेड़ा, अमसरकोट, मंडलसेरा, मंडलसेरा आईवेल, कठायतबाड़ा, बिलौना पेयजल योजनाएं बनी हुई हैं। इन योजनाओं से सिर्फ तीन एमएलडी पानी मिल पाता है यानी हर रोज 2.5 एमएलडी पानी की कमी बनी हुई है। सेनौला, बिलौना रोड स्थित मांग के धारे के साथ ही नगर के हैंडपंपों में हर समय भीड़ लगी रहती है।
11 वार्ड, 13 मोहल्ले अधिक प्रभावित
बागेश्वर/कपकोट। बागेश्वर नगर के सात और कपकोट के चार वार्डों के 13 मोहल्लों में पेयजल संकट अधिक है। बागेश्वर नगर के मजियाखेत, कफलखेत, सैंज, तहसील रोड, मंडलसेरा, जीतनगर में वर्षभर पानी की किल्लत रहती है। पानी की कमी के कारण बागेश्वर के मंडलसेरा में नए कनेक्शनों पर रोक है। संवाद
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जल संस्थान के पास करीब 25000 उपभोक्ता
बागेश्वर। बागेश्वर और कपकोट नगर के अलावा 18 ग्रामीण पेयजल योजनाओं की जिम्मेदारी जलसंस्थान के पास है। जल संस्थान के पास बागेश्वर नगर में करीब 5000 और ग्रामीण क्षेत्र में 20,000 उपभोक्ता हैं। संवाद
2022 तक पूरा होने वाली मंडलसेरा योजना का काम अब भी अधूरा
बागेश्वर। बागेश्वर नगर के लिए वर्ष 2020 से 3.7 एमएलडी की मंडलसेरा पंपिंग पेयजल योजना बन रही है। योजना का काम वर्ष 2022 में हो जाना था लेकिन अब तक योजना का काम पूरा नहीं हो पाया है। मुख्य टैंक के साथ ही वितरण टैंक का काम अधूरा है। हाल में जिले के दौरे पर आए शासन के भाषा सचिव विनोद रतूड़ी ने मार्च तक योजना का काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इस माह भी योजना का काम पूरा होना मुश्किल है। संवाद
कोट
बागेश्वर और कपकोट नगर के 11 वार्डों के साथ ही पानी की कमी वाले जिले में 30 राजस्व गांवों को चयनित किया गया है। इन इलाकों में गर्मियों में रोस्टर के अनुसार पानी दिया जाएगा। टैंकरों से भी पानी दिया जाएगा। ग्रामीण इलाकों में खच्चरों से पानी देने की योजना है।
सीएस देवड़ी, ईई, जल संस्थान बागेश्वर।
कोट-मंडलसेरा पंपिंग योजना का काम मार्च तक पूरा करने के लिए पेयजल निगम को कहा गया है। योजना पूरी नहीं हुई तो अभियंताओं की जिम्मेदारी तय कराई जाएगी।
पार्वती दास, विधायक, बागेश्वर।
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इंफो
बागेश्वर/कपकोट। जिस नगर में सरयू और गोमती जैसी दो-दो नदियां बहती हैं वहां पानी का इंतजाम करने के लिए लोग परेशान हैं। गर्मियों की दस्तक के साथ ही बागेश्वर और कपकोट में पेयजल संकट गहराने लगा है। लोग प्राकृतिक जल स्रोतों, हैंडपंपों के भरोसे हैं। किसी ने मजदूर लगा रखें हैं तो कोई रिक्शों से भी पानी ढोकर ला रहा है।
नदियों के नगर बागेश्वर में वर्षभर पानी का संकट रहता है। नगर की 30,000 आबादी को पीने का पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता है। बागेश्वर नगर को हर रोज 5.5 एमएलडी पानी की जरूरत है। नगर के लिए जखेड़ा, अमसरकोट, मंडलसेरा, मंडलसेरा आईवेल, कठायतबाड़ा, बिलौना पेयजल योजनाएं बनी हुई हैं। इन योजनाओं से सिर्फ तीन एमएलडी पानी मिल पाता है यानी हर रोज 2.5 एमएलडी पानी की कमी बनी हुई है। सेनौला, बिलौना रोड स्थित मांग के धारे के साथ ही नगर के हैंडपंपों में हर समय भीड़ लगी रहती है।
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11 वार्ड, 13 मोहल्ले अधिक प्रभावित
बागेश्वर/कपकोट। बागेश्वर नगर के सात और कपकोट के चार वार्डों के 13 मोहल्लों में पेयजल संकट अधिक है। बागेश्वर नगर के मजियाखेत, कफलखेत, सैंज, तहसील रोड, मंडलसेरा, जीतनगर में वर्षभर पानी की किल्लत रहती है। पानी की कमी के कारण बागेश्वर के मंडलसेरा में नए कनेक्शनों पर रोक है। संवाद
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जल संस्थान के पास करीब 25000 उपभोक्ता
बागेश्वर। बागेश्वर और कपकोट नगर के अलावा 18 ग्रामीण पेयजल योजनाओं की जिम्मेदारी जलसंस्थान के पास है। जल संस्थान के पास बागेश्वर नगर में करीब 5000 और ग्रामीण क्षेत्र में 20,000 उपभोक्ता हैं। संवाद
2022 तक पूरा होने वाली मंडलसेरा योजना का काम अब भी अधूरा
बागेश्वर। बागेश्वर नगर के लिए वर्ष 2020 से 3.7 एमएलडी की मंडलसेरा पंपिंग पेयजल योजना बन रही है। योजना का काम वर्ष 2022 में हो जाना था लेकिन अब तक योजना का काम पूरा नहीं हो पाया है। मुख्य टैंक के साथ ही वितरण टैंक का काम अधूरा है। हाल में जिले के दौरे पर आए शासन के भाषा सचिव विनोद रतूड़ी ने मार्च तक योजना का काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इस माह भी योजना का काम पूरा होना मुश्किल है। संवाद
कोट
बागेश्वर और कपकोट नगर के 11 वार्डों के साथ ही पानी की कमी वाले जिले में 30 राजस्व गांवों को चयनित किया गया है। इन इलाकों में गर्मियों में रोस्टर के अनुसार पानी दिया जाएगा। टैंकरों से भी पानी दिया जाएगा। ग्रामीण इलाकों में खच्चरों से पानी देने की योजना है।
सीएस देवड़ी, ईई, जल संस्थान बागेश्वर।
कोट-मंडलसेरा पंपिंग योजना का काम मार्च तक पूरा करने के लिए पेयजल निगम को कहा गया है। योजना पूरी नहीं हुई तो अभियंताओं की जिम्मेदारी तय कराई जाएगी।
पार्वती दास, विधायक, बागेश्वर।