{"_id":"6a9c6629d71c5dd13d057cfe","slug":"river-water-levels-rise-due-to-rain-eight-rural-roads-closed-due-to-landslides-bageshwar-news-c-231-1-bgs1001-127830-2026-09-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bageshwar News: बारिश से बढ़ा नदियों का जलस्तर, भूस्खलन से आठ ग्रामीण सड़कें बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bageshwar News: बारिश से बढ़ा नदियों का जलस्तर, भूस्खलन से आठ ग्रामीण सड़कें बंद
Sun, 06 Sep 2026 12:27 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sun, 06 Sep 2026 12:27 AM IST
विज्ञापन
बागेश्वर। जिले में शनिवार को भी बारिश का दौर जारी रहा। सुबह से रुक-रुककर हो रही बारिश के चलते सरयू और गोमती नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। वहीं, बारिश और भूस्खलन के कारण जिले की आठ ग्रामीण मोटर मार्ग बंद हो गए हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं और आवागमन प्रभावित हुआ है।
आपदा प्रबंधन और लोक निर्माण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, बारिश के कारण कई सड़कों पर मलबा और बोल्डर आने से यातायात बाधित है। धैना लखनी-लोहारी सिल्ली-बंड कनस्यारी मार्ग के किलोमीटर पांच में स्थानीय गधेरे का जलस्तर बढ़ने से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। यातायात बहाल करने के लिए लोनिवि यहां वायर क्रेट आधारित अस्थायी वेंटेड कॉजवे बनाने का प्रस्ताव तैयार कर रहा है।
पालड़ीछीना-जैनकरास मार्ग के किलोमीटर छह में अतिवृष्टि से सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। इसे 10 सितंबर तक यातायात के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है। कपकोट-पिंडारी ग्लेशियर-काफलीकमेडा मार्ग के किलोमीटर एक, दो, चार और पांच में मलबा और बोल्डर आने से यातायात बंद है। किलोमीटर एक में करीब 700 मीटर लंबा डेंजरस स्लाइडिंग जोन होने के कारण मानसून अवधि में यहां वाहनों का संचालन असुरक्षित माना गया है।
विज्ञापन
बदियाकोट-बोरबलड़ा मार्ग के किलोमीटर तीन में सड़क वॉशआउट होने से यातायात बंद है। वहीं, पीएमजीएसवाई के तहत आने वाले गांधीग्राम-अमतोड़ा और बघर मार्गों पर भी कई स्थानों पर मलबा और बोल्डर आने से आवागमन बाधित है।
विज्ञापन
आपदा प्रबंधन और लोक निर्माण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, बारिश के कारण कई सड़कों पर मलबा और बोल्डर आने से यातायात बाधित है। धैना लखनी-लोहारी सिल्ली-बंड कनस्यारी मार्ग के किलोमीटर पांच में स्थानीय गधेरे का जलस्तर बढ़ने से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। यातायात बहाल करने के लिए लोनिवि यहां वायर क्रेट आधारित अस्थायी वेंटेड कॉजवे बनाने का प्रस्ताव तैयार कर रहा है।
विज्ञापन
पालड़ीछीना-जैनकरास मार्ग के किलोमीटर छह में अतिवृष्टि से सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। इसे 10 सितंबर तक यातायात के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है। कपकोट-पिंडारी ग्लेशियर-काफलीकमेडा मार्ग के किलोमीटर एक, दो, चार और पांच में मलबा और बोल्डर आने से यातायात बंद है। किलोमीटर एक में करीब 700 मीटर लंबा डेंजरस स्लाइडिंग जोन होने के कारण मानसून अवधि में यहां वाहनों का संचालन असुरक्षित माना गया है।
विज्ञापन
बदियाकोट-बोरबलड़ा मार्ग के किलोमीटर तीन में सड़क वॉशआउट होने से यातायात बंद है। वहीं, पीएमजीएसवाई के तहत आने वाले गांधीग्राम-अमतोड़ा और बघर मार्गों पर भी कई स्थानों पर मलबा और बोल्डर आने से आवागमन बाधित है।