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Bageshwar News: सड़क पर मलबा, कंधों पर उम्मीद... घायल को 11 किमी तक डोली में ढोया

Sun, 06 Sep 2026 01:14 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर Updated Sun, 06 Sep 2026 01:14 AM IST
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Debris on the road, hope on their shoulders... carried the injured person 11 km in a makeshift litter.
कपकोट (बागेश्वर)। पिंडर घाटी के दुर्गम गांवों में बारिश ने सड़क सुविधा की हकीकत सामने ला दी है। सोराग गांव में पैर में फ्रैक्चर के बाद घायल को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को मलबे से बंद सड़क के बीच 11 किलोमीटर तक डोली में ढोना पड़ा। भारी बारिश के बीच कंधों पर घायल को लेकर ग्रामीणों ने पैदल सफर तय कर उसे सड़क मार्ग तक पहुंचाया।
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कपकोट के सोराग गांव निवासी हर राम पुत्र खड़क राम घरेलू काम के दौरान अचानक फिसलकर गिर गए जिससे उनके पैर में गंभीर फ्रैक्चर हो गया। असहनीय दर्द से तड़प रहे हर राम को अस्पताल पहुंचाना परिजनों के लिए चुनौती बन गया, क्योंकि बारिश के कारण गांव को जोड़ने वाली सड़क जगह-जगह मलबा आने से बंद थी।
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आपात स्थिति को देखते हुए ग्राम प्रधान बलवंत सिंह दानू, पूर्व प्रधान चंद्र राम, पवन कुमार, स्वरूप राम, खीम राम, दान सिंह, रमेश राम, हुकुम राम, जयमल राम और दयाल राम समेत अन्य ग्रामीणों ने लकड़ी और कपड़ों की मदद से डोली तैयार की। इसके बाद घायल को डोली में बैठाकर भारी बारिश के बीच करीब 11 किलोमीटर का उबड़-खाबड़ और फिसलन भरा पैदल रास्ता तय किया। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर उन्हें सड़क मार्ग तक लेकर पहुंचे। फिर निजी वाहन से जिला अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उपचार चल रहा है।
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बारिश में बह गए दावे

ग्रामीणों का आरोप है कि मानसून से पहले प्रशासन की ओर से सड़कें खुली रखने और संवेदनशील स्थानों पर मशीनें तैनात करने के दावे किए जाते हैं लेकिन बारिश शुरू होते ही सड़कें मलबे से बंद हो जाती हैं। उनका कहना है कि सड़क बंद होने का असर केवल आवागमन पर ही नहीं पड़ता बल्कि स्वास्थ्य, संचार और बिजली जैसी आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित होती हैं।
स्थायी एंबुलेंस की मांग
ग्राम प्रधान बलवंत सिंह दानू ने कहा कि गांव तक सड़क बनने के बावजूद ग्रामीणों को इसका वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है। क्षेत्र में सड़क के साथ संचार और बिजली व्यवस्था भी लगातार बाधित रहती है। पिंडर घाटी के अति-दुर्गम गांवों में आपातकालीन चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के लिए धुर या कर्मी विनायक के पास स्थायी एंबुलेंस की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सके।



उंगिया-सोराग सड़क में सोराग पुल के समीप भूस्खलन होने से सड़क पर मलबा आ गया है और बारिश में लगातार भूस्खलन हो रहा है। विभाग की ओर से सड़क को नोलने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।



..........अंबरीश रावत, अधिशासी अभियंता, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
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