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Bageshwar News: कुंवारी में शंभू नदी का जलस्तर बढ़ा, श्मशान घाट जलमग्न
Sat, 12 Sep 2026 10:41 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sat, 12 Sep 2026 10:41 PM IST
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कपकोट के शंभू नदी में बनी झील।
बागेश्वर। कपकोट तहसील के कुंवारी क्षेत्र में शंभू नदी पर बनी झील का जलस्तर फिर बढ़ने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। झील के पानी में स्थानीय श्मशान घाट जलमग्न हो गया है जिससे अंतिम संस्कार तक में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सूचना मिलने पर प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। झील से पानी की निकासी अभी जारी है लेकिन लगातार सक्रिय भूस्खलन के कारण बड़े खतरे की आशंका बनी हुई है।
800 मीटर लंबी बनी झील
जांच टीम को मौके पर करीब 800 मीटर लंबी झील मिली। झील के मुहाने से डाउनस्ट्रीम में लगभग 250 मीटर तक भारी मात्रा में मलबा जमा है। वर्तमान में पानी का रिसाव हो रहा है लेकिन पहाड़ से रुक-रुक कर गिर रहा मलबा बहाव को कभी भी रोक सकता है।
विशेषज्ञ एजेंसियों की जरूरत
सिंचाई विभाग के ईई जगत सिंह बिष्ट ने बताया कि मलबे को हटाना केवल एक अस्थायी राहत है। समस्या के स्थायी समाधान के लिए विशेषज्ञों से विस्तृत तकनीकी जांच करानी होगी। इसके लिए यूएलएलएमसी देहरादून और टीएचडीसी जैसी विशेषज्ञ संस्थाओं की मदद लेने की सिफारिश की गई है। साथ ही झील में जमा मलबे को हटाने के लिए अत्याधुनिक मशीनों के इस्तेमाल का सुझाव दिया गया है।
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800 मीटर लंबी बनी झील
जांच टीम को मौके पर करीब 800 मीटर लंबी झील मिली। झील के मुहाने से डाउनस्ट्रीम में लगभग 250 मीटर तक भारी मात्रा में मलबा जमा है। वर्तमान में पानी का रिसाव हो रहा है लेकिन पहाड़ से रुक-रुक कर गिर रहा मलबा बहाव को कभी भी रोक सकता है।
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विशेषज्ञ एजेंसियों की जरूरत
सिंचाई विभाग के ईई जगत सिंह बिष्ट ने बताया कि मलबे को हटाना केवल एक अस्थायी राहत है। समस्या के स्थायी समाधान के लिए विशेषज्ञों से विस्तृत तकनीकी जांच करानी होगी। इसके लिए यूएलएलएमसी देहरादून और टीएचडीसी जैसी विशेषज्ञ संस्थाओं की मदद लेने की सिफारिश की गई है। साथ ही झील में जमा मलबे को हटाने के लिए अत्याधुनिक मशीनों के इस्तेमाल का सुझाव दिया गया है।
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