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Bageshwar News: जंगलों से गुजरती है स्कूल की डगर, आते-जाते हिंसक जानवरों का भी डर
Thu, 05 Feb 2026 11:24 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Thu, 05 Feb 2026 11:24 PM IST
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गरुड़ (बागेश्वर)। ग्रामीण क्षेत्रों की शिक्षा में सुधार के निरंतर दावे किए जाते हैं लेकिन हकीकत अक्सर कुछ और ही नजर आती है। लाहुरघाटी क्षेत्र में माध्यमिक शिक्षा हासिल करने के लिए आज भी विद्यार्थियों को दशकों पुराने जैसे हालात का सामना करना पड़ता है। 20 से 30 किमी की दूरी तय कर जीआईसी सलानी जाना पड़ता है।
जखेड़ा में इंटर कॉलेज नहीं होने से छात्र-छात्राओं को सात-सात किमी आने-जाने में अतिरिक्त चलना पड़ता है। सर्दियों के दिनों में घर पहुंचने तक रात हो जाती है। सुबह भी उजाला होने से पहले ही स्कूल के लिए दौड़ लगानी पड़ती है। वह सड़क, गधेरे, जंगल के रास्ते मीलों तय करने के बाद स्कूल पहुंचते हैं। जंगली जानवरों का खतरा, मौसम की मार को झेलना इन विद्यार्थियों की नियति बन गया है। संवाद न्यूज एजेंसी ने जीआईसी सलानी में पढ़ने वाले इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों से बातचीत कर उनका दर्द जाना।
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जखेड़ा में इंटर कॉलेज नहीं होने से छात्र-छात्राओं को सात-सात किमी आने-जाने में अतिरिक्त चलना पड़ता है। सर्दियों के दिनों में घर पहुंचने तक रात हो जाती है। सुबह भी उजाला होने से पहले ही स्कूल के लिए दौड़ लगानी पड़ती है। वह सड़क, गधेरे, जंगल के रास्ते मीलों तय करने के बाद स्कूल पहुंचते हैं। जंगली जानवरों का खतरा, मौसम की मार को झेलना इन विद्यार्थियों की नियति बन गया है। संवाद न्यूज एजेंसी ने जीआईसी सलानी में पढ़ने वाले इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों से बातचीत कर उनका दर्द जाना।
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