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तेंदुए के मुंह से बच्चे काे बचा लायी मां
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
Updated Wed, 10 Oct 2018 11:21 PM IST
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इसी बच्चे पर गुलदार ने किया था हमला
- फोटो : amar ujala
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पिछले लंबे समय से नुमाईशखेत में दस्तक दे रहे तेंदुए के हमले की आशंका सही साबित हुई। आदमखोर ने देर रात घर के आंगन में खड़े एक मासूम पर हमला कर दिया और मां की गोद से खींचकर ले जाने की कोशिश की। साहसी मां ने पांच मिनट तक तेंदुए से संघर्ष का बच्चे की जान बचाई। इस बीच मौके पर भीड़ जुटती देख तेंदुआ कदम पीछे खींच कर भाग निकला। अमर उजाला ने पिछले दिन ही नुमाईशखेत में तेंदुए की दस्तक और आशंकित खतरे को लेकर खबर प्रकाशित की थी।
बुधवार रात करीब नौ बजे नुमाईशखेत निवासी छह साल का मासूम दक्ष पुत्र प्रदीप सिंह मां के साथ आंगन में मौजूद था। मां-बेटा पास ही नुमाईशखेत में चल रहे रामलीला और दुर्गा महोत्सव का नजारा देख रहे थे। तभी एक तेंदुआ दक्ष पर झपट पड़ा और मासूम को मां के हाथ से खींचकर ले जाने की कोशिश करने लगा। महिला ने साहस दिखाते हुए बच्चे को कसकर पकड़ लिया। साथ ही तेंदुए से करीब पांच मिनट तक संघर्ष किया।
इस बीच महिला की चीख पुकार सुन मौके पर पहुंचे परिजन और पड़ोसियों को देख तेेंदुए निकल भागा। इसके बाद घायल मासूम को लेकर जिला अस्पताल लाया गया। चिकित्सकों ने बताया कि बच्चे की हालत खतरे से बाहर है। इस घटना के बाद नुमाईशखेत में दहशत और बढ़ गई है। हमलावर तेंदुए के आदमखोर होने की आशंका भी जताई जा रही है। बता दें कि अभी भी नदीगांव का आदमखोर खुला घूम रहा है। अमर उजाला ने पिछले दिन ही नुमाईशखेत में तेंदुए की दस्तक और मासूमों पर मंडरा रहे खतरे पर खबर प्रकाशित की थी। इसमें स्थानीय महिलाओं ने अपना आतंक और भय साझा किया था। इधर, देर रात ही शिकारी लखपत सिंह ने वन कर्मियों के साथ नुमाईशखेत में मोर्चा संभाल लिया है।
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नई बस्ती में गाय का शिकार
बागेश्वर। दोफाड़ मार्ग स्थित नई बस्ती क्षेत्र में तेंदुए ने गाय का शिकार किया। इसके बाद तेंदुआ कई बार क्षेत्र में मंडराता रहा। बुधवार तड़के तेंदुए ने सड़क पर गाय को निशाना बनाया। लेकिन किसी कारणवश तेंदुआ निवाला नहीं बना सका। सुबह ग्रामीणों ने सड़क पर गाय का लहूलुहान शव देखा। ग्रामीणों ने बताया कि शिकार की तलाश में तेंदुआ क्षेत्र में कई बार मंडराता देखा गया। ब्यूरो
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बुधवार रात करीब नौ बजे नुमाईशखेत निवासी छह साल का मासूम दक्ष पुत्र प्रदीप सिंह मां के साथ आंगन में मौजूद था। मां-बेटा पास ही नुमाईशखेत में चल रहे रामलीला और दुर्गा महोत्सव का नजारा देख रहे थे। तभी एक तेंदुआ दक्ष पर झपट पड़ा और मासूम को मां के हाथ से खींचकर ले जाने की कोशिश करने लगा। महिला ने साहस दिखाते हुए बच्चे को कसकर पकड़ लिया। साथ ही तेंदुए से करीब पांच मिनट तक संघर्ष किया।
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इस बीच महिला की चीख पुकार सुन मौके पर पहुंचे परिजन और पड़ोसियों को देख तेेंदुए निकल भागा। इसके बाद घायल मासूम को लेकर जिला अस्पताल लाया गया। चिकित्सकों ने बताया कि बच्चे की हालत खतरे से बाहर है। इस घटना के बाद नुमाईशखेत में दहशत और बढ़ गई है। हमलावर तेंदुए के आदमखोर होने की आशंका भी जताई जा रही है। बता दें कि अभी भी नदीगांव का आदमखोर खुला घूम रहा है। अमर उजाला ने पिछले दिन ही नुमाईशखेत में तेंदुए की दस्तक और मासूमों पर मंडरा रहे खतरे पर खबर प्रकाशित की थी। इसमें स्थानीय महिलाओं ने अपना आतंक और भय साझा किया था। इधर, देर रात ही शिकारी लखपत सिंह ने वन कर्मियों के साथ नुमाईशखेत में मोर्चा संभाल लिया है।
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नई बस्ती में गाय का शिकार
बागेश्वर। दोफाड़ मार्ग स्थित नई बस्ती क्षेत्र में तेंदुए ने गाय का शिकार किया। इसके बाद तेंदुआ कई बार क्षेत्र में मंडराता रहा। बुधवार तड़के तेंदुए ने सड़क पर गाय को निशाना बनाया। लेकिन किसी कारणवश तेंदुआ निवाला नहीं बना सका। सुबह ग्रामीणों ने सड़क पर गाय का लहूलुहान शव देखा। ग्रामीणों ने बताया कि शिकार की तलाश में तेंदुआ क्षेत्र में कई बार मंडराता देखा गया। ब्यूरो