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अष्टमी के दिन नंदामय हो गई कत्यूर घाटी 

Mon, 28 Aug 2017 11:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गरुड़ (बागेश्वर)।
ब्यूरो/अमर उजाला, गरुड़ (बागेश्वर)। Updated Mon, 28 Aug 2017 11:13 PM IST
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Kathur valley on the Ashtami day
गरुड़ के कोट भ्रामरी मेले में मवई से कदली वृक्ष लाते।  - फोटो : amar ujala

कोट भ्रामरी मेेले में रात भर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूूम रही। मेला सांस्कृतिक मंच में सांस्कृतिक कार्यक्रम मां नंदा की स्तुति के साथ शुरू हुए। सरस्वती शिशु मंदिर, खोलिया विवेकानंद इंटर कॉलेज, दीनदयाल उपाध्याय पब्लिक स्कूल गागरीगोल के बच्चों ने मां नंदा के गीतों का गायन कर दर्शकों को देर तक झुमाया।

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कार्यक्रम के दौरान पुष्कर महर, पप्पू कार्की, सूचना विभाग की टीम ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुती दी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संचालन  मेले के सांस्कृतिक प्रभारी नंदन अल्मिया, मेला कमेटी के सचिव रंजीत डसीला, देवेंद्र मेहता और चंद्रशेखर बड़सीला ने किया।
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मेले के दौरान चौखुटिया, गिवाड़ और गढ़वाल से आई महिलाओं ने कुमाऊंनी और सांस्कृतिक गीतों की प्रस्तुती दी। अष्टमी के दिन कत्यूर घाटी के गांवों में महिलाओं ने मां नंदा के गीतों का गायन किया। 
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गोपाल दत्त भट्ट के गीत सुनकर दर्शक भाव विभोर हुए  
गरुड़ (बागेश्वर)। कुमाऊंनी गीतकार एवं वरिष्ठ साहित्यकार गोपाल दत्त पाठक ने 70 के दशक में स्व रचित गीत ‘गरुड़ा भर्ती कौसानी ट्रेनिंगा’ गीत सुनाकर दर्शकों का उत्साहवर्धन किया। उम्र के इस पड़ाव में गीत में उनका मधुर लय सुनकर दर्शक भावविभोर हो गए।  

नंदा के मेले उत्तराखंड की संस्कृति के परिचायक : टम्टा
गरुड़ (बागेश्वर)। कोट भ्रामरी का नंदाष्टमी मेला कदली वृक्ष के आमंत्रण के साथ शुरू हो गया। मेले का औपचारिक उद्घाटन केेंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा ने किया। उन्होंने कहा कि मां नंदा के मेले हमारी संस्कृति के परिचायक हैं। कोट भ्रामरी मेला परिसर को और विकसित किया जाएगा। 

मेलाडुंगरी के ग्रामीण सोमवार सुबह ध्वजा और बाजे-गाजों के साथ कदली वृक्ष लेने मवई के परिहार वंशजों के घर पहुंचे और फिर कदली वृक्ष लेकर मंदिर लौटे। इसके बाद मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय मंत्री टम्टा ने कहा कि नंदा के मेले उत्तराखंड में जहां-जहां भी लगते है, उन्हें और भव्य रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोट भ्रामरी मेला सहित अन्य मेले हमारी संस्कृति के परिचायक हैं।

उन्होंने कोट भ्रामरी सांस्कृतिक मंच का भव्य निर्माण कराने की घोषणा की। विशिष्ट अतिथि विधायक चंदन दास ने कहा कि मंदिर परिसर के विकास के लिए कोर कसर नहीं की जाएगी।


इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी, मेला कमेटी के सांस्कृतिक प्रभारी नंदन अल्मिया, मेला कमेटी के सचिव रंजीत डसीला, कपकोट के विधायक बलवंत सिंह भौर्याल, पूर्व विधायक कपकोट ललित फर्स्वाण, जिपं सदस्य शिव सिंह बिष्ट, मेला कमेटी के अध्यक्ष भरत फर्स्वाण, जिपं उपाध्यक्ष देवेंद्र परिहार, गोपाल दत्त भट्ट बलवंत भंडारी, जितेंद्र मेहता, गोदावरी, नंदी भंडारी, पुष्पा कोरंगा, भुवन पाठक, लक्ष्मण राम, मंगल राणा आदि थे। 

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