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डायट शिक्षकों के लिए अलग कैडर लागू न होने से बढ़ी विसंगतियां
Sat, 06 Jul 2019 11:04 PM IST
दीपक नेगी
बागेश्वर।
बागेश्वर।
Published by: दीपक नेगी
Updated Sat, 06 Jul 2019 11:04 PM IST
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डायट में हुई टीचर एजूकेटर फोरम की कोर कमेटी की बैठक में मौजूद पदाधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) में तैनात शिक्षक प्रशिक्षकों के समन्वित मंच टीचर एजूकेटर फोरम की कोर कमेटी की बैठक में वक्ताओं ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षक प्रशिक्षकों के लिए अलग कैडर लागू न होने पर नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि केंद्र पुरोनिधानित योजना के अंतर्गत सभी प्रशिक्षण संस्थानों का बजट केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाता है। लेकिन यहां केंद्र सरकार के दिशा निर्देशों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। इस कारण टीईएफ का प्रतिनिधि मंडल शिक्षा सचिव, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, एनसीटीई को इन विसंगतियों के बारे में अवगत कराएगा। इसके अलावा इस मामले को लेकर न्यायालय की शरण में जाने को बाध्य होगा।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए फोरम के राज्य संयोजक डा. प्रेम सिंह मावड़ी ने कहा कि 27 जून को जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षक प्रशिक्षकों के लिए अलग कैडर के लिए शासनादेश जारी किया गया। छह माह बाद भी विभाग ने इसे लागू नहीं किया। एक तरफ शिक्षक प्रशिक्षण के लिए चयनित डायट में कार्यरत योग्यताधारी प्रशिक्षक लंबे समय से प्रशिक्षण का कार्य कर रहे हैं दूसरी तरफ शासन के ढुलमुल रवैये के कारण कैडर लागू नहीं होने से गैर योग्यताधारी कुछ शिक्षक निर्धारित प्रक्रिया से चयनित हुए बिना डायट में समायोजित किए जा रहे हैं। इससे प्रशिक्षण संस्थानों की कार्य प्रणाली प्रभावित हो रही है। बैठक में डॉ. शैलेंद्र धपोला, डॉ. सीएम जोशी, डॉ. केएस रावत, केएन जोशी, डॉ. राजीव जोशी, संजय गुरुरानी, रवि जोशी, भैरव दत्त पांडे, डॉ. दया सागर, केपी चंदोला, संदीप जोशी, डॉ. मनोज कुमार आदि मौजूद थे।
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उन्होंने कहा कि केंद्र पुरोनिधानित योजना के अंतर्गत सभी प्रशिक्षण संस्थानों का बजट केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाता है। लेकिन यहां केंद्र सरकार के दिशा निर्देशों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। इस कारण टीईएफ का प्रतिनिधि मंडल शिक्षा सचिव, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, एनसीटीई को इन विसंगतियों के बारे में अवगत कराएगा। इसके अलावा इस मामले को लेकर न्यायालय की शरण में जाने को बाध्य होगा।
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बैठक की अध्यक्षता करते हुए फोरम के राज्य संयोजक डा. प्रेम सिंह मावड़ी ने कहा कि 27 जून को जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षक प्रशिक्षकों के लिए अलग कैडर के लिए शासनादेश जारी किया गया। छह माह बाद भी विभाग ने इसे लागू नहीं किया। एक तरफ शिक्षक प्रशिक्षण के लिए चयनित डायट में कार्यरत योग्यताधारी प्रशिक्षक लंबे समय से प्रशिक्षण का कार्य कर रहे हैं दूसरी तरफ शासन के ढुलमुल रवैये के कारण कैडर लागू नहीं होने से गैर योग्यताधारी कुछ शिक्षक निर्धारित प्रक्रिया से चयनित हुए बिना डायट में समायोजित किए जा रहे हैं। इससे प्रशिक्षण संस्थानों की कार्य प्रणाली प्रभावित हो रही है। बैठक में डॉ. शैलेंद्र धपोला, डॉ. सीएम जोशी, डॉ. केएस रावत, केएन जोशी, डॉ. राजीव जोशी, संजय गुरुरानी, रवि जोशी, भैरव दत्त पांडे, डॉ. दया सागर, केपी चंदोला, संदीप जोशी, डॉ. मनोज कुमार आदि मौजूद थे।
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