वन भूमि हस्तांतरण में हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं होगी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वन भूमि हस्तांतरण की समीक्षा बैठक में डीएम ने वन भूमि हस्तांतरण के लंबित प्रकरणों को समय से निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी प्रकार की हीलाहवाली कतई बर्दाश्त नहीं होगी।
बैठक में डीएम ने विभागवार प्रगति की समीक्षा की। लोनिवि की समीक्षा में ईई ने बताया कि 45 प्रकरणों में से 44 प्रकरणों को ऑनलाइन कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि आठ मामलों में सैद्धांतिक स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। शेष प्रकरण नोडल एवं भारत सरकार स्तर पर लंबित हैं, जिसके लिए प्रयास जारी है।
लोनिवि कपकोट के वन भूमि हस्तांतरण संबंधी मामलों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि 38 प्रकरणों में से 36 को ऑनलाइन कर दिया गया है। 13 योजनाओं की सैद्धांतिक स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। शेष मामले विभिन्न स्तर पर लंबित हैं, जिनके लिए पत्राचार किया जा रहा है।
पीएमजीएसवाई की समीक्षा करते हुए ईई ने बताया कि नौ प्रकरण ऑनलाइन कर दिए गए हैं। छह में सैद्धांतिक स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। कपकोट के पीएमजीएसवाई के ईई ने बताया कि 18 प्रकरणों में से नौ ऑनलाइन कर दिए हैं। शेष पर कार्यवाही चल रही है।
डीएम ने वन विभाग को वन भूमि हस्तांतरण के मामलों का त्वरित निस्तारण करने को कहा। बैठक में एसपी मुकेश कुमार, ईई लोनिवि बागेश्वर आरके पुनेठा, केके तिलारा, राजेंद्र प्रसाद, कपकोट गंगा सिंह चुफाल, डीसी पंत, ईओ आईएस रावत मौजूद थे।