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10 वर्ष बाद भी नहीं बना नरगड़ा को बासानी से जोड़ने वाला पुल

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 24 Jul 2021 12:19 AM IST
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Even after ten years, the bridge was not built
नरगड़ा के इसी तिब्बती गधेरे में बही थी पुलिया। विज्ञप्ति - फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। कपकोट विकास खंड के नरगड़ा गांव को बासानी से जोड़ने के लिए तिब्बती गधेरे में बना पैदल पुल 10 वर्ष पहले ध्वस्त हो गया था। जिसके बाद से ग्रामीण कई बार शासन-प्रशासन से पुल बनाने की मांग कर चुके हैं। बारिश के दौरान गधेरे का जलस्तर बढ़ गया है। पुल नहीं होने से ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर गधेरे से आवाजाही करना पड़ रहा है। इससे हादसे का खतरा बना हुआ है।
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नरगड़ा ग्राम पंचायत से बासानी, खर्ककानातोली और अन्य गांवों को जाने के रास्ते में तिब्बती गधेरा पड़ता है। गधेरे में वर्ष के बारह महीने पानी रहता है। बारिश के दौरान गधेरा उफान पर आ जाता है। गधेरे से आर-पार जाने के लिए वर्ष 2001-02 में पैदल पुल का निर्माण किया गया था। वर्ष 2011 में भारी बारिश के कारण गधेरे के तेज बहाव से पुल ध्वस्त हो गया, जिसके बाद से ग्रामीण जान जोखिम में डालकर गधेरा पार कर रहे हैं।
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नरगढ़ा के किसानों की अधिकतर जमीन तिब्बती गधेरे के पार पड़ती है, जिसके कारण उन्हें रोजाना फसल की देखभाल और चारे का प्रबंध करने के लिए जाना पड़ता है। अन्य गांवों के लोग भी रोजाना इस गधेरे से आवाजाही करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुल के टूटने के बाद से आवागमन में परेशानी हो रही है। गर्मी और सर्दी में पानी कम होने से किसी तरह से गधेरे को पार करते हैं, लेकिन बारिश के महीनों में गधेरा पार करना भारी पड़ता है। कई बार लोगों की जान तक बन आती है। ग्रामीणों ने कहा कि पुल के निर्माण की मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों से लेकर प्रशासन तक को जानकारी दी गई, लेकिन अब तक पुल के निर्माण को लेकर कोई कार्यवाही नहीं हुई है। पुल नहीं होने से ग्रामीणों के रोजमर्रा के कार्यों पर भी असर पड़ रहा है।
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ग्रामीण क्षेत्र के पैदल पुलों की बदहाली को कोई देखने वाला नहीं है। पैदल पुल के टूटने के कारण बारिश के दिनों में लोगों को भारी परेशानी हो रही है। खेतीबाड़ी का काम भी बाधित हो रहा है। गधेरा पार करने में अनहोनी की आशंका रहती है। प्रशासन को जल्द पुल निर्माण कराकर परेशानी दूर करनी चाहिए। - तारा सिंह, ग्रामीण नरगड़ा
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तिब्बती गधेरा नगरड़ा से आसपास के गांवों को जाने के मार्ग पर पड़ता है। इसके बावजूद गधेरे को पार करने के लिए 10 वर्ष पहले ध्वस्त हुए पुल का नवनिर्माण नहीं हो रहा है। कई बार समस्या को प्रशासन के सामने रखा गया है, लेकिन अब तक समस्या का निदान नहीं हो सका है। - भागीरथी देवी, ग्राम प्रधान नरगड़ा

नरगड़ा के तिब्बती गधेरे पर पुल किस मद से बना था और कैसे ध्वस्त हुआ इसकी जांच की जाएगी। मौके का निरीक्षण कर ग्राम पंचायत से पुल का प्रस्ताव मंगाया जाएगा। इसके बाद पुल के लिए बजट की मांग की जाएगी। - गंगा गिरी गोस्वामी, बीडीओ, कपकोट
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