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हत्या के मामले में विधि विरोधी बालक दोष मुक्त
Updated Fri, 13 Apr 2018 11:24 PM IST
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बागेश्वर। बाल/सत्र न्यायाधीश हीरा सिंह बोनाल ने वर्ष 2016 में बैसानी में हुई एक हत्या के मामले में हत्यारोपी बालक को दोष मुक्त करार दिया है।
मामले के अनुसार चार जून 2016 को बैसानी गांव निवासी कमलेश बकरियां ढूंढने जंगल गया था, लेकिन वापस घर नहीं लौटा। काफी खोजबीन के बाद उसका शव छह जून को मालूखेत के जंगल में झाड़ियों से ढका मिला था। मृतक के पिता ने कपकोट थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस विवेचना में पता चला कि गांव के एक बालक ने एक व्यक्ति की बकरी चुरा ली थी। मृतक कमलेश द्वारा उसे बकरी चोर कहने पर बालक ने उसे देख लेने की धमकी दी थी। चार जून को जब उसे कमलेश मिला तो उसने उसका गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। मामला बाल/सत्र न्यायाधीश की अदालत में चला। कपकोट थाने के एसओ सत्य प्रकाश रायपा ने जांच रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत की। न्यायालय में अभियोजन द्वारा 12 गवाह पेश किए गए। हत्यारोपी बालक की ओर से अधिवक्ता नरेंद्र कोरंगा ने पैरवी की। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों और पक्ष-विपक्ष के तर्कों को सुनते हुए न्यायालय ने बालक को संदेह के आधार पर दोषमुक्त करार दिया। ब्यूरो
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मामले के अनुसार चार जून 2016 को बैसानी गांव निवासी कमलेश बकरियां ढूंढने जंगल गया था, लेकिन वापस घर नहीं लौटा। काफी खोजबीन के बाद उसका शव छह जून को मालूखेत के जंगल में झाड़ियों से ढका मिला था। मृतक के पिता ने कपकोट थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस विवेचना में पता चला कि गांव के एक बालक ने एक व्यक्ति की बकरी चुरा ली थी। मृतक कमलेश द्वारा उसे बकरी चोर कहने पर बालक ने उसे देख लेने की धमकी दी थी। चार जून को जब उसे कमलेश मिला तो उसने उसका गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। मामला बाल/सत्र न्यायाधीश की अदालत में चला। कपकोट थाने के एसओ सत्य प्रकाश रायपा ने जांच रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत की। न्यायालय में अभियोजन द्वारा 12 गवाह पेश किए गए। हत्यारोपी बालक की ओर से अधिवक्ता नरेंद्र कोरंगा ने पैरवी की। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों और पक्ष-विपक्ष के तर्कों को सुनते हुए न्यायालय ने बालक को संदेह के आधार पर दोषमुक्त करार दिया। ब्यूरो
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