{"_id":"5ec6b8a68ebc3e9031065d47","slug":"corona-in-bageshwar-bageshwar-news-hld3837200174","type":"story","status":"publish","title_hn":"उडलगांव के लोगों ने होम क्वारंटीन करने पर बखेड़ा खड़ा किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उडलगांव के लोगों ने होम क्वारंटीन करने पर बखेड़ा खड़ा किया
विज्ञापन
बागेश्वर के उडलगांव में ग्रामीणों को समझाते राजस्व और पुलिस कर्मी। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागेश्वर। जिले में कोरोना संक्रमण की शुरुआत के बाद गांवों में भी लोगों की चिंता बढ़ गई है। रवाईखाल क्षेत्र के उड़लगांव के लोगों ने बृहस्पतिवार को गांव में गाजियाबाद से लौटे एक परिवार को होम क्वारंटीन करने का विरोध कर दिया। ग्राम प्रधान, राजस्वकर्मी, रेगुलर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया।
इंदिरापुरम (गाजियाबाद) से बृहस्पतिवार सुबह एक परिवार अपने घर उड़लगांव लौटा है। स्वास्थ्य जांच के बाद उक्त परिवार को होम क्वारंटीन किया गया है। गांव के लोगों ने इस परिवार के गांव में पहुंचते ही विरोध कर दिया। लोग मौके पर एकत्र हो गए। वह होम क्वारंटीन के बजाय जिला मुख्यालय में क्वारंटीन की मांग करने लगे। ग्रामीणों का कहना था कि 14 दिन के संस्थागत क्वारंटीन के बाद ही प्रशासन गांव में रहने की अनुमति दे क्योंकि बाहर से आए लोगों को गांव में होम क्वारंटीन करने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
आरएसआई मनोज कुमार और प्रधान मोहन सिंह परिहार के समझाने पर गांव के लोग शांत हुए। वहीं प्रवासी परिवार का कहना था कि वह लोग प्रशासन के निर्देश पर होम क्वारंटीन हैं। वह लोग क्वारंटीन के नियमों का पालन करेंगे। ग्राम प्रधान ने सरकार से गांव में क्वारंटीन और समुचित व्यवस्था के लिए बजट दिलाने की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन
इंदिरापुरम (गाजियाबाद) से बृहस्पतिवार सुबह एक परिवार अपने घर उड़लगांव लौटा है। स्वास्थ्य जांच के बाद उक्त परिवार को होम क्वारंटीन किया गया है। गांव के लोगों ने इस परिवार के गांव में पहुंचते ही विरोध कर दिया। लोग मौके पर एकत्र हो गए। वह होम क्वारंटीन के बजाय जिला मुख्यालय में क्वारंटीन की मांग करने लगे। ग्रामीणों का कहना था कि 14 दिन के संस्थागत क्वारंटीन के बाद ही प्रशासन गांव में रहने की अनुमति दे क्योंकि बाहर से आए लोगों को गांव में होम क्वारंटीन करने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
विज्ञापन
आरएसआई मनोज कुमार और प्रधान मोहन सिंह परिहार के समझाने पर गांव के लोग शांत हुए। वहीं प्रवासी परिवार का कहना था कि वह लोग प्रशासन के निर्देश पर होम क्वारंटीन हैं। वह लोग क्वारंटीन के नियमों का पालन करेंगे। ग्राम प्रधान ने सरकार से गांव में क्वारंटीन और समुचित व्यवस्था के लिए बजट दिलाने की मांग की।
विज्ञापन