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सीएम ले रहे थे अस्पताल का जायजा, सांसों के लिए जूझ रही वृद्धा जाम में फंसी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 23 May 2021 10:28 PM IST
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CM was taking stock of the hospital, woman stuck in jam struggling for breath
बागेश्वर। जाने-अनजाने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के दौरे का स्वास्थ्य सुविधाओं पर विपरीत असर पड़ा। मुख्यमंत्री रावत जिला अस्पताल स्थित कोविड वार्ड का निरीक्षण कर रहे थे। इस दौरान अस्पताल रोड सरकारी अमले और नेताओं के वाहनों से पटा था। गंभीर मरीज को लेकर आ रही एंबुलेंस अस्पताल तक नहीं पहुंच पाई। ऑक्सीजन की कमी से जूझ रही बुजुर्ग महिला को मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों और अन्य लोगों ने एंबुलेंस के स्ट्रेचर में लिटाकर अस्पताल तक पहुंचाया।
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वाकया रविवार करीब सवा 11 बजे का था। 108 एंबुलेंस काफलीगैर से बसंती देवी (75) को जिला अस्पताल ला रही थी। जैसे ही एंबुलेंस जिला अस्पताल के पास पहुंची, उसको रुकना पड़ा। सीएम के वाहनों के काफिले के कारण एंबुलेंस आगे नहीं बढ़ पाई। एंबुलेंस को फंसी देख मौके पर मौजूद पुलिस कर्मी भूपाल सिंह और एक अन्य कर्मी मदद के लिए दौड़े। पुलिस कर्मियों ने 108 कर्मियों से एंबुलेंस में रखा स्ट्रेचर निकलवाकर परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से महिला को अस्पताल पहुंचाया। इन लोगों की मदद से महिला को त्वरित मदद मिली। महिला के साथ आए परिजनों ने बताया कि महिला का ऑक्सीजन लेवल घट गया है। इसी समय एक और एंबुलेंस भी मौके पर फंसी थी। अस्पताल रोड को पूरी तरह से वाहनों से पाट देना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं माना जा सकता। आने वाले समय में सरकारी तंत्र इससे सबक लेगा, ऐसी उम्मीद तो की ही जा सकती है।
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सीएम की अगवानी में सोशल डिस्टेंसिंग धड़ाम
बागेश्वर। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की अगवानी के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ गईं। कोरोना काल में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं होने से तमाम सवाल उठे हैं।
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मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत रविवार सुबह हेलीकॉप्टर से डिग्री कॉलेज के मैदान में पहुंचे। अगवानी करने वालों के लिए थोड़ी-थोड़ी दूरी पर चूने से गोल घेरे बनाए गए थे। घेरे भी दो गज की दूरी पर नहीं बने थे। जैसे ही मुख्यमंत्री गार्ड ऑफ ऑनर लेकर आगे बढ़े। गोल घेरे में खड़े पार्टी के नेता उनसे मिलने की होड़ में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना भूल गए। हालांकि कुछ नेता और सुरक्षा कर्मी लोगों से गोल घेरों के अंदर आने की अपील कर रहे थे, पर किसी ने नहीं सुनी। मुख्यमंत्री को घेर लिया। करोना काल में इस तरह की हरकत से तमाम सवाल उठ खड़े हुए।
कोरोना काल में सीएम के दौरे उठे सवाल
बागेश्वर। कोरोना काल में मुख्यमंत्री के दौरे पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। लोगों का कहना था कि यह समय कोरोना से पीड़ित लोगों के इलाज और मदद करने का है। सारा सरकारी अमला, डॉक्टरों की टीम सीएम के पीछे लगी रही। इससे कहीं न कहीं व्यवस्था बनाने में दिक्कत हुई। दूध के वाहन तक सीएम के दौरे के चलते मुख्य रोड में खड़े नहीं हो पाए। कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने कहा कि ऐसे समय में सीएम को वर्चुअल बैठक को तबज्जों देनी चाहिए थी। सीएम आ ही गए थे तो कपकोट, कांडा क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं में भी इजाफा करना चाहिए था। कंटेनमेंट जोनों के हाल जानने चाहिए। थे। संचार व्यवस्था न होने के कारण कपकोट विधानसभा क्षेत्र के तमाम इलाकों के युवा टीकाकरण के लिए पंजीकरण नहीं करा पा रहे हैं, उसका समाधान निकालना चाहिए था, ऐसा कुछ नहीं हुआ।
त्रिवेंद्र के बाद तीरथ राज में भी पत्रकारों के लिए नो इंट्री
बागेश्वर। वर्ष 2017 में भाजपा की सरकार बनने के बाद से पत्रकारों को मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठकों में आने से रोका जा रहा है। त्रिवेंद्र की सरकार में यह सिलसिला बदस्तूर जारी रहा। इससे पहले किसी भी सरकार में सीएम की समीक्षा बैठकों से पत्रकारों को दूर नहीं रखा गया। पत्रकारों को उम्मीद थी कि सूबे के नए मुखिया के आने के बाद हालात सुधरेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
तीरथ सिंह रावत ने रविवार को विकास भवन में अधिकारियों की बैठक ली। कुछ पत्रकार बैठक कक्ष में पहुंचे तो सूचना विभाग के अधिकारियों ने उन्हें जाने के लिए कहा। कारण पूछने पर सूचना विभाग के अधिकारी प्रोटोकॉल की दुहाई देने लगे। जब मीडिया कर्मियों ने सवाल उठाया कि पत्रकारों को बैठक से दूर करना कब से प्रोटोकॉल का उल्लंघन होने लगा। कब किसने ऐसा प्रोटोकॉल बनाया। किस अधिकारी के आदेश पर उनको रोका जा रहा है? सरकार और प्रशासन पत्रकारों से क्या छुपाना चाहता है? इस पर सूचना विभाग के अधिकारी कहने लगे कि बैठक की फोटो और वीडियो ले लो और फिर बाहर चले जाओ। इसके बाद जो इक्का-दुक्का पत्रकार अंदर थे, वह भी बैठक हॉल से बाहर निकल आए।

करीब तीन घंटे तक बागेश्वर में रहे मुख्यमंत्री तीरथ
बागेश्वर। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत करीब तीन घंटे तक बागेश्वर में रहे। मुख्यमंत्री रावत सुबह 10:48 बजे हेलीकॉप्टर से बागेश्वर के डिग्री कॉलेज मैदान पहुंचे। कोविड केयर सेंटर, कविड अस्पताल के निरीक्षण के बाद सीएम ने दोपहर 12 बजे से विकासभवन में अधिकारियों की बैठक ली। दोपहर 1:45 बजे बैठक समाप्त हुई। सीएम दोपहर 2:39 बजे हेलीकॉप्टर से पिथौरागढ़ रवाना हो गए।
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