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फूड प्वाइजनिंग से बास्ती और सनगाड़ चार मौतों से चहुंओर करूण क्रंदन
Updated Tue, 04 Dec 2018 12:41 AM IST
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धरमघर (बागेश्वर)। बास्ती गांव में बारात का विक्त खाना खाने से मरने वालों की संख्या चार हो गई है। इन दोनों गांवों के लोग इस हादसे की मार से उबर नहीं पा रहे हैं। इन गांवों में सन्नाटा सा पसरा हुआ है। कई लोग अब भी जिला अस्पताल बागेश्वर बेस, अस्पताल अल्मोड़ा और एसटीएच हल्द्वानी में भरती हैं। प्रभावितों के अस्पतालों में भरती होने से अभी भी उनके घरों के ताले लटके हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि बृहस्पतिवार को गडेरा गांव की बारात बास्ती गांव में आई थी। एक दिनी बारात के जश्न में डूबे घराती और बारातियों ने अपराह्न तीन बजे हंसी खुशी के साथ भोजन किया। रात 9.30 बजे से सुबह सात बजे तक पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, दुल्हन मंजू समेत ढाई सौ से अधिक लोगों को बेचैनी पेट दर्द, उल्टी दस्त होने लगी। दूसरे दिन क्षेत्रीय विधायक बलवंत भौर्याल ने प्रभावित ग्रामीणों में कांडा और बेड़ीनाग के अस्पतालों में लाने के लिए एंबुलेंस भिजवाए। अब तक कई लोगों का उपचार हो चुका है।
इस घटना में अब तक बास्ती गांव निवासी नंदी देवी(60)पत्नी प्रताप सिंह, मीनाक्षी (05) पुत्री राजेंद्र सिंह, पीयूष(05) पुत्र देव सिंह, सनगाड़ गांव निवासी खिमुली देवी (60) पत्नी फकीर सिंह की मृत्यु हो चुुकी है। इस घटना से गांवों में कहीं खामोशी तो कहीं सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव के कई लोगों के अस्पतालों में भर्ती होने से उनके घरों में आज भी ताले लटके हुुए हैं।
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इस तरह की घटना न देखी, सुनी
73 साल के केदार सिंह का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में इस तरह की घटना न तो देखी और न ही सुनी। भोजन में कैसे गड़बड़ी हो गई यह तो समझ से बाहर है।
नए सिरे से सोचने के लिए मजबूर कर दिया
60 वर्षीय हयात सिंह कहते हैं कि इस घटना ने अब हम सबको नए सिरे से सोचने को मजबूर कर दिया है। भोजन में कहां गड़बड़ी हुई यह तो मालूम नहीं पर जो भी चीजें खरीदकर आई उनकी सही पड़ताल होने पर ही सही तथ्य सामने आएंगे।
हमेशा की तरह दाल चावल बनाया था
55 वर्षीय प्रकाश पंत कहते हैं कि बारात में हमेशा की तरह इस बार भी चावल और दाल बनाया था। भोजन करने से उनका स्वास्थ्य भी खराब हुआ। कोटमन्या के एक बंगाली डाक्टर से दवा खाई। इसी के बाद वह स्वस्थ्य हुए।
जांच से पता चलेगा
उत्तम सिंह कहते हैं कि अधिकतर लोग रायता और भोजन खाने से बीमार हुए हैं। भोजन में कौन सी चीज विषाक्त हुई। यह तो जांच से ही पता चलेगा अलबत्ता जो हुआ वह बहुत ही बुरा हुआ।
उल्लेखनीय है कि बृहस्पतिवार को गडेरा गांव की बारात बास्ती गांव में आई थी। एक दिनी बारात के जश्न में डूबे घराती और बारातियों ने अपराह्न तीन बजे हंसी खुशी के साथ भोजन किया। रात 9.30 बजे से सुबह सात बजे तक पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, दुल्हन मंजू समेत ढाई सौ से अधिक लोगों को बेचैनी पेट दर्द, उल्टी दस्त होने लगी। दूसरे दिन क्षेत्रीय विधायक बलवंत भौर्याल ने प्रभावित ग्रामीणों में कांडा और बेड़ीनाग के अस्पतालों में लाने के लिए एंबुलेंस भिजवाए। अब तक कई लोगों का उपचार हो चुका है।
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इस घटना में अब तक बास्ती गांव निवासी नंदी देवी(60)पत्नी प्रताप सिंह, मीनाक्षी (05) पुत्री राजेंद्र सिंह, पीयूष(05) पुत्र देव सिंह, सनगाड़ गांव निवासी खिमुली देवी (60) पत्नी फकीर सिंह की मृत्यु हो चुुकी है। इस घटना से गांवों में कहीं खामोशी तो कहीं सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव के कई लोगों के अस्पतालों में भर्ती होने से उनके घरों में आज भी ताले लटके हुुए हैं।
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इस तरह की घटना न देखी, सुनी
73 साल के केदार सिंह का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में इस तरह की घटना न तो देखी और न ही सुनी। भोजन में कैसे गड़बड़ी हो गई यह तो समझ से बाहर है।
नए सिरे से सोचने के लिए मजबूर कर दिया
60 वर्षीय हयात सिंह कहते हैं कि इस घटना ने अब हम सबको नए सिरे से सोचने को मजबूर कर दिया है। भोजन में कहां गड़बड़ी हुई यह तो मालूम नहीं पर जो भी चीजें खरीदकर आई उनकी सही पड़ताल होने पर ही सही तथ्य सामने आएंगे।
हमेशा की तरह दाल चावल बनाया था
55 वर्षीय प्रकाश पंत कहते हैं कि बारात में हमेशा की तरह इस बार भी चावल और दाल बनाया था। भोजन करने से उनका स्वास्थ्य भी खराब हुआ। कोटमन्या के एक बंगाली डाक्टर से दवा खाई। इसी के बाद वह स्वस्थ्य हुए।
जांच से पता चलेगा
उत्तम सिंह कहते हैं कि अधिकतर लोग रायता और भोजन खाने से बीमार हुए हैं। भोजन में कौन सी चीज विषाक्त हुई। यह तो जांच से ही पता चलेगा अलबत्ता जो हुआ वह बहुत ही बुरा हुआ।