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फिर मुखर हुई कठपुड़ियाछीना विकास खंड की मांग
Updated Sun, 19 Aug 2018 11:18 PM IST
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बागेश्वर। कठपुड़ियाछीना को अलग विकास खंड बनाने की मांग फिर मुखर हुई है। जन संघर्ष समिति ने सरकार से विकास खंड गठन की कार्यवाही शुुरू करने की मांग की है। जल्द ऐसा न होने पर सड़क पर उतर कर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी भी दी है।
भौगोलिक परिस्थितियों और क्षेत्रीय समस्याओं को देखते हुए जनता वर्ष 1972 से अलग विकास खंड की मांग उठा रही है। इसको लेकर कई आंदोलन हो चुके हैं। क्षेत्रवासियों को उम्मीद थी कि सरकार उनकी सुध लेगी लेकिन अभी तक अलग विकास खंड की मांग परवान नहीं चढ़ पाई है। लंबे इंतजार के बाद ग्रामीणों ने एक बार फिर अलग विकास खंड की मांग को लेकर झंडा बुलंद किया है। इस संबंध में समिति ने डीएम को ज्ञापन भी सौंपा है। वहां समिति अध्यक्ष नरेंद्र सिंह रावत आदि थे। वहीं डीएम का कहना है कि मांग का परीक्षण कराया जाएगा।
बीडीसी बैठक की व्यवस्था खत्म
बागेश्वर। वर्ष 1988 के क्रमिक अनशन के बाद तत्कालीन सरकार ने क्षेत्र की समस्याओं को देखते हुए कठपुड़ियाछीना में बीडीसी की मासिक बैठक कराने के निर्देश दिए थे। इससे ग्रामीणों को कुछ राहत मिली लेकिन कालांतर में सरकार ने यह व्यवस्था खत्म कर दी। तब से क्षेत्र में बीडीसी नहीं होती। बीडीसी के लिए बनाए गए विकास भवन में आईटीआई चल रही है। जन संघर्ष समिति का कहना है कि समस्याओं के चलते क्षेत्र से लगातार पलायन हो रहा है।
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भौगोलिक परिस्थितियों और क्षेत्रीय समस्याओं को देखते हुए जनता वर्ष 1972 से अलग विकास खंड की मांग उठा रही है। इसको लेकर कई आंदोलन हो चुके हैं। क्षेत्रवासियों को उम्मीद थी कि सरकार उनकी सुध लेगी लेकिन अभी तक अलग विकास खंड की मांग परवान नहीं चढ़ पाई है। लंबे इंतजार के बाद ग्रामीणों ने एक बार फिर अलग विकास खंड की मांग को लेकर झंडा बुलंद किया है। इस संबंध में समिति ने डीएम को ज्ञापन भी सौंपा है। वहां समिति अध्यक्ष नरेंद्र सिंह रावत आदि थे। वहीं डीएम का कहना है कि मांग का परीक्षण कराया जाएगा।
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बीडीसी बैठक की व्यवस्था खत्म
बागेश्वर। वर्ष 1988 के क्रमिक अनशन के बाद तत्कालीन सरकार ने क्षेत्र की समस्याओं को देखते हुए कठपुड़ियाछीना में बीडीसी की मासिक बैठक कराने के निर्देश दिए थे। इससे ग्रामीणों को कुछ राहत मिली लेकिन कालांतर में सरकार ने यह व्यवस्था खत्म कर दी। तब से क्षेत्र में बीडीसी नहीं होती। बीडीसी के लिए बनाए गए विकास भवन में आईटीआई चल रही है। जन संघर्ष समिति का कहना है कि समस्याओं के चलते क्षेत्र से लगातार पलायन हो रहा है।
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