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गणेश की किडनी प्रत्यारोपण हुआ सफल
Updated Mon, 23 Apr 2018 11:25 PM IST
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बागेश्वर। कपकोट ब्लॉक के सुदूरवर्ती कनौली गांव के गणेश कोरंगा की दोनों किडनियां खराब हो गई थी। बेटे की जिंदगी बचाने के लिए उसके पिता ने अपनी एक किडनी उसे दान की। मेरठ के एक अस्पताल के डॉक्टरों ने किडनी का सफल प्रत्यारोपण कर दिया है। गणेश अब अपने को स्वस्थ महसूस कर रहा है। उसके पिता का स्वास्थ्य भी ठीक बताया जा रहा है। किडनी के सफल प्रत्यारोपण पर लोगों ने खुशी जताई है।
कनौली गांव के नेत्र सिंह कोरंगा के 23 साल के पुत्र गणेश की दोनों की किडनियां खराब हो गई थी। विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक संगठनों, स्कूली बच्चों, अध्यापकों, व्यापारियों के सहयोग से जुटाई गई सहयोग राशि से उसे उपचार के लिए आनंद हॉस्पिटल मेरठ में भर्ती कराया गया। गणेश की जिंदगी बचाने के लिए उसके पिता ने अपनी एक किडनी दी। गणेश के बड़े भाई बलवंत सिंह ने बताया कि गत छह अप्रैल को अस्पताल के डॉ. संदीप कुमार गर्ग ने किडनी प्रत्यारोपण किया, जो सफल रहा। गणेश और पिता दोनों स्वस्थ हैं। अब उसे छुट्टी दे दी गई है। उसे मेरठ में ही अस्पताल से बाहर एक किराए का कमरा लेकर रखा गया है। गणेश के पिता और परिजनों ने सभी के सहयोग के प्रति आभार जताया है।
उधर गणेश के लिए आर्थिक सहायता जुटाने में लगे सामाजिक कार्यकर्ता केदार महर ने बताया कि जन सहयोग से गणेश की सहायता के लिए नौ लाख रुपये जमा हुए जबकि हंस फाउंडेशन की ओर से चार लाख रुपये का सहायता का चेक मिला है। उन्होंने बताया कि गणेश के इलाज में अब तक दस लाख रुपये का खर्चा आ चुका है। इलाज अभी छह महीने और चलेगा। गणेश की दवा में 15 हजार रुपया हर महीने खर्च आने का अनुमान है। कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री राहत कोष से गणेश को सहायता मिलने की आशा है।
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कनौली गांव के नेत्र सिंह कोरंगा के 23 साल के पुत्र गणेश की दोनों की किडनियां खराब हो गई थी। विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक संगठनों, स्कूली बच्चों, अध्यापकों, व्यापारियों के सहयोग से जुटाई गई सहयोग राशि से उसे उपचार के लिए आनंद हॉस्पिटल मेरठ में भर्ती कराया गया। गणेश की जिंदगी बचाने के लिए उसके पिता ने अपनी एक किडनी दी। गणेश के बड़े भाई बलवंत सिंह ने बताया कि गत छह अप्रैल को अस्पताल के डॉ. संदीप कुमार गर्ग ने किडनी प्रत्यारोपण किया, जो सफल रहा। गणेश और पिता दोनों स्वस्थ हैं। अब उसे छुट्टी दे दी गई है। उसे मेरठ में ही अस्पताल से बाहर एक किराए का कमरा लेकर रखा गया है। गणेश के पिता और परिजनों ने सभी के सहयोग के प्रति आभार जताया है।
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उधर गणेश के लिए आर्थिक सहायता जुटाने में लगे सामाजिक कार्यकर्ता केदार महर ने बताया कि जन सहयोग से गणेश की सहायता के लिए नौ लाख रुपये जमा हुए जबकि हंस फाउंडेशन की ओर से चार लाख रुपये का सहायता का चेक मिला है। उन्होंने बताया कि गणेश के इलाज में अब तक दस लाख रुपये का खर्चा आ चुका है। इलाज अभी छह महीने और चलेगा। गणेश की दवा में 15 हजार रुपया हर महीने खर्च आने का अनुमान है। कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री राहत कोष से गणेश को सहायता मिलने की आशा है।
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