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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   48 posts vacant in charge, supervisor and gardener in botanical department

उद्यान विभाग में प्रभारी, सुपरवाइजर और माली के 48 पद रिक्त

Wed, 10 Jan 2018 10:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर।
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर। Updated Wed, 10 Jan 2018 10:45 PM IST
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उद्यान विभाग अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। विभाग के सचल केंद्रों में प्रभारी, सुपरवाइजर, ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक और माली के 48 पद रिक्त पड़े हैं। इसके चलते काश्तकारों को बागवानी की नई तकनीक का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

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बागेश्वर जनपद में उद्यान विभाग के बागेश्वर, कांडा, काफलीगैर, गरुड़, वज्यूला, पिंगलो, कौसानी, कर्मी, सामा और कपकोट में सचल केंद्र स्थित हैं। मानकों के अनुसार प्रत्येक सचल केंद्र में एक प्रभारी, दो सुपरवाइजर और चार माली तैनात होने चाहिए। इसके विपरीत बागेश्वर में 10 में से मात्र छह प्रभारी तैनात हैं। सुपरवाइजर के सभी 20 पद रिक्त चल रहे हैं। माली के 40 पदों के विपरीत 20 माली ही कार्यरत हैं। इतना ही नहीं ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक के पांच पदों के सापेक्ष एक ही पद पर निरीक्षक तैनात है, जबकि चार पद खाली पड़े हैं।
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अधिकारियों और कर्मचारियों के इतने अधिक पदों के खाली होने से उद्यानीकरण का कार्य प्रभावित हो रहा है। उद्यान में लगे काश्तकारों को नई तकनीक की जानकारी समय पर नहीं मिल पाती है। सचल केंद्रों में लिपिकों के पद सृजित नहीं होने से तमाम कागजी कार्य भी मौजूदा स्टाफ को ही करने पड़ते हैं। उद्यान विभाग के एडीओ कुलदीप जोशी ने बताया कि स्टाफ की कमी से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। स्टाफ की कमी के बावजूद काश्तकारों को उद्यान की उन्नत तकनीक की जानकारी दिए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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सब्जी और फल उत्पादन में अग्रणी है बागेश्वर जिला
 सब्जी और फल उत्पादन में बागेश्वर जिला अग्रणी है। बागेश्वर जिला मुख्यालय में आम की अच्छी पैदावार होती है। जिले में हर साल लगभग दो से चार हजार मीट्रिक टन आम का उत्पादन होता है। गरुड़ में नाशपाती का अच्छा उत्पादन होता है। यहां पर तीन हजार मीट्रिक टन से अधिक की नाशपाती की पैदावार होती है, जबकि पूरे जिले में पांच हजार मीट्रिक टन की पैदावार होती है। गरुड़ के साथ ही कपकोट का सामा क्षेत्र सब्जी उत्पादन के लिए मशहूर है। सामा के दर्जनों परिवार आलू, गोभी सहित अन्य बेमौसमी सब्जी का उत्पादन कर रहे हैं। गांव में उत्पादित सब्जी कपकोट और बागेश्वर के बाजारों में अच्छे दामों में बिकती है। जिले में प्रतिवर्ष सात से आठ हजार मीट्रिक टन आलू का उत्पादन होता है।

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